
रायपुर में खम्हारडीह-कचना रेलवे क्रॉसिंग पर बन रहा बहुप्रतीक्षित रेलवे ओवरब्रिज अब अंतिम चरण में पहुंच गया है। शुक्रवार को प्रदेश के उप मुख्यमंत्री और लोक निर्माण मंत्री अरुण साव ने निर्माण स्थल का निरीक्षण कर अधिकारियों और निर्माण एजेंसी को जल्द काम पूरा करने के निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट कहा कि निर्माण की गुणवत्ता में किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी और गड़बड़ी मिलने पर सबसे पहले जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई होगी।

निरीक्षण के दौरान उप मुख्यमंत्री ने ओवरब्रिज पर पैदल चलकर उसकी तकनीकी गुणवत्ता की जानकारी ली। उन्होंने पुल पर बेहतर लाइटिंग व्यवस्था सुनिश्चित करने के लिए उच्च गुणवत्ता वाले पोल और लाइट्स लगाने के निर्देश भी दिए। इस मौके पर लोक निर्माण विभाग के सचिव मुकेश कुमार बंसल, प्रमुख अभियंता वीके भतपहरी और सेतु संभाग के मुख्य अभियंता एसके कोरी सहित कई अधिकारी मौजूद रहे।
अरुण साव ने बताया कि ओवरब्रिज का लगभग 96 प्रतिशत निर्माण कार्य पूरा हो चुका है। अब केवल कुछ अंतिम कार्य जैसे पेंटिंग, फिनिशिंग, नाली निर्माण और लाइटिंग का काम शेष है, जिसे तेजी से पूरा किया जाएगा। इसके बाद पुल को आम लोगों के लिए खोल दिया जाएगा।
यह ओवरब्रिज रायपुर-वाल्टेयर रेलवे लाइन पर खम्हारडीह और कचना के बीच लगभग 49 करोड़ रुपए की लागत से बनाया जा रहा है। पुल के रेलवे ट्रैक वाले मध्य हिस्से सहित दोनों ओर के पहुंच मार्गों का काम पूरा किया जा चुका है। अधिकारियों के अनुसार अंतिम चरण के कार्य तेजी से चल रहे हैं।
इस ओवरब्रिज के शुरू होने के बाद राजधानी रायपुर और आसपास के गांवों के हजारों लोगों को बड़ी राहत मिलेगी। अभी रेलवे फाटक बंद होने के कारण लंबे समय तक ट्रैफिक जाम की समस्या बनी रहती है, जिससे लोगों को रोजाना परेशानी होती है। पुल चालू होने के बाद यातायात सुगम और तेज हो जाएगा तथा लोगों का समय भी बचेगा।
उप मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार राजधानी रायपुर की यातायात व्यवस्था को आधुनिक और व्यवस्थित बनाने के लिए लगातार काम कर रही है। कचना ओवरब्रिज इसी योजना का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है। लंबे समय से लोग इस पुल के पूरा होने का इंतजार कर रहे थे और अब जल्द ही यह बहुप्रतीक्षित ओवरब्रिज जनता के लिए खोल दिया जाएगा।



