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पेट्रोल-डीजल सप्लाई बाधित होने से रायपुर समेत कई शहरों में हड़कंप, कई पंप बंद

छत्तीसगढ़ की राजधानी Raipur समेत प्रदेश के कई शहरों में बुधवार को पेट्रोल और डीजल की सप्लाई प्रभावित होने से हालात बिगड़ गए।
दिनभर ईंधन संकट की खबरें फैलती रहीं और शाम तक कई पेट्रोल पंपों पर बिक्री बंद होने की स्थिति बन गई। इसके चलते शहर के कई हिस्सों में अफरा-तफरी का माहौल देखने को मिला।

कई पेट्रोल पंपों पर खत्म हुआ स्टॉक

जानकारी के मुताबिक राजधानी में Indian Oil Corporation और Hindustan Petroleum से जुड़े करीब एक दर्जन पेट्रोल पंपों पर समय पर सप्लाई नहीं पहुंच पाई।

इसके अलावा पेट्रोल-डीजल के दाम बढ़ने की आशंका के बीच कुछ पंप संचालकों द्वारा बिक्री रोक दिए जाने की चर्चा भी सामने आई, जिससे स्थिति और ज्यादा गंभीर हो गई।

शाम होते-होते कई पंपों पर “नो पेट्रोल” और “नो डीजल” जैसी स्थिति बन गई।

देर रात तक लगी वाहनों की लंबी कतारें

जैसे ही लोगों को सप्लाई बाधित होने की जानकारी मिली, शहर के चालू पेट्रोल पंपों पर भारी भीड़ उमड़ पड़ी।
दोपहिया और चारपहिया वाहनों की लंबी कतारें देर रात तक लगी रहीं।

सबसे ज्यादा परेशानी इन इलाकों में देखने को मिली:

  • सरोना
  • भाठागांव
  • विधानसभा रोड
  • देवेन्द्र नगर
  • जयस्तंभ चौक

कई लोगों को घंटों इंतजार के बाद भी ईंधन नहीं मिल पाया।

लोगों में बढ़ी चिंता

अचानक सप्लाई बाधित होने से लोगों में चिंता और भ्रम की स्थिति बन गई।
कुछ जगहों पर यह आशंका भी जताई जाने लगी कि आने वाले दिनों में पेट्रोल-डीजल की कीमतें बढ़ सकती हैं, जिसके कारण लोगों ने जरूरत से ज्यादा ईंधन भरवाने की कोशिश की।

इसी वजह से उपलब्ध स्टॉक तेजी से खत्म होता चला गया।

AAP ने लगाए मनमानी के आरोप

इस पूरे मामले को लेकर Aam Aadmi Party ने कुछ पेट्रोल पंप संचालकों पर मनमाने तरीके से सप्लाई रोकने का आरोप लगाया है।
पार्टी नेताओं ने जिला प्रशासन और कलेक्टर से मामले की जांच कराने की मांग की है।

AAP का कहना है कि यदि पर्याप्त स्टॉक मौजूद था और फिर भी बिक्री रोकी गई, तो यह आम लोगों के साथ अन्याय है।

डीलर्स एसोसिएशन ने क्या कहा?

वहीं Petroleum Dealers Association की ओर से कहा गया है कि सप्लाई प्रभावित होने के पीछे भुगतान में देरी भी एक कारण हो सकता है।
हालांकि एसोसिएशन ने यह भी कहा कि स्थिति को सामान्य करने की कोशिश की जा रही है और जल्द ही सप्लाई बहाल होने की उम्मीद है।

प्रशासन की नजर हालात पर

फिलहाल जिला प्रशासन और तेल कंपनियां स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं।
यदि जल्द सप्लाई सामान्य नहीं हुई तो आने वाले दिनों में परिवहन, स्कूल बसों, टैक्सी सेवाओं और रोजमर्रा के कामकाज पर भी असर पड़ सकता है।

विशेषज्ञों का मानना है कि घबराहट में जरूरत से ज्यादा ईंधन खरीदने से संकट और बढ़ सकता है, इसलिए लोगों से संयम बरतने की अपील की जा रही है।

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