सुशासन तिहार पर गरमाई सियासत: कांग्रेस ने बताया “नौटंकी”, मंत्री केदार कश्यप ने किया पलटवार

रायपुर। प्रदेश में आयोजित किए जा रहे ‘सुशासन तिहार’ को लेकर छत्तीसगढ़ की राजनीति गरमा गई है। एक ओर कांग्रेस इस अभियान को केवल औपचारिकता और राजनीतिक दिखावा बता रही है, तो वहीं भाजपा सरकार इसे जनता से सीधे संवाद और समस्याओं के समाधान का बड़ा अभियान बता रही है। इसे लेकर सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर तेज हो गया है।
छत्तीसगढ़ कांग्रेस अध्यक्ष Deepak Baij ने सुशासन तिहार को लेकर सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि यह पूरा कार्यक्रम केवल “टाइम पास” और “नौटंकी” बनकर रह गया है। मीडिया से चर्चा के दौरान उन्होंने कहा कि सरकार जनता के बीच जाकर केवल दिखावा कर रही है, जबकि जमीनी स्तर पर लोगों की समस्याएं जस की तस बनी हुई हैं।
दीपक बैज ने आरोप लगाया कि प्रदेश में आम लोगों को अब भी मूलभूत सुविधाओं के लिए संघर्ष करना पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि राष्ट्रपति के दत्तक पुत्र तक को पीएम आवास के लिए दंडवत होना पड़ रहा है, जो सरकार की विफलता को दर्शाता है। कांग्रेस अध्यक्ष ने यह भी कहा कि सरकार के पास जनता को बताने के लिए कोई ठोस उपलब्धि नहीं है, इसलिए अब अधिकारियों को धमकाकर व्यवस्था संभालने की कोशिश की जा रही है। उन्होंने दावा किया कि सुशासन तिहार पूरी तरह से फेल साबित हुआ है।

कांग्रेस के इन आरोपों पर प्रदेश के मंत्री Kedar Kashyap ने तीखा पलटवार किया। उन्होंने कहा कि कांग्रेस को सुशासन पर सवाल उठाने से पहले अपने शासनकाल को याद करना चाहिए। मंत्री ने कहा कि कांग्रेस सरकार ने पांच वर्षों तक गरीबों और आदिवासियों को पीएम आवास जैसी मूलभूत योजनाओं के लिए तरसाया। भाजपा सरकार बनने के बाद 18 लाख से अधिक पीएम आवास स्वीकृत किए गए हैं।
केदार कश्यप ने कांग्रेस पर आदिवासियों की उपेक्षा का आरोप लगाते हुए कहा कि आजादी के बाद से आदिवासी क्षेत्रों में शिक्षा, स्वास्थ्य, सड़क और आवास जैसी सुविधाओं को लेकर गंभीर लापरवाही बरती गई। उन्होंने कहा कि जब नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में विकास कार्य बाधित हो रहे थे और आदिवासी मूलभूत सुविधाओं से वंचित थे, तब कांग्रेस नेताओं की आवाज क्यों नहीं उठी।
इसी दौरान प्रधानमंत्री Narendra Modi द्वारा लोगों से जरूरत के अनुसार खर्च करने, सोना खरीदने में सावधानी बरतने और वर्क फ्रॉम होम अपनाने की अपील को लेकर भी राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई। इस पर दीपक बैज ने कहा कि यह सरकार की आर्थिक नाकामी का संकेत है। उन्होंने आरोप लगाया कि मोदी सरकार के कार्यकाल में महंगाई चरम पर पहुंच गई है और आम आदमी की जिंदगी प्रभावित हो रही है।
बैज ने कहा कि घरेलू गैस सिलेंडर से लेकर रोजमर्रा की जरूरत की वस्तुओं तक के दाम लगातार बढ़ रहे हैं। उन्होंने कहा कि कांग्रेस नेता Rahul Gandhi लंबे समय से महंगाई का मुद्दा उठाते रहे हैं और अब खुद प्रधानमंत्री भी अप्रत्यक्ष रूप से महंगाई स्वीकार कर रहे हैं।
वहीं प्रदेश में प्लास्टिक की बोतलों में शराब बिक्री को लेकर भी कांग्रेस ने सरकार को घेरा। दीपक बैज ने आरोप लगाया कि नई व्यवस्था में बड़े स्तर पर गड़बड़ी की आशंका है। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि प्लास्टिक की बोतलों को चूहे भी नुकसान पहुंचा सकते हैं और बाद में पूरे नुकसान का ठीकरा चूहों पर फोड़ा जाएगा, जबकि असली फायदा मंत्री और सिस्टम को होगा।
इस आरोप पर मंत्री केदार कश्यप ने कांग्रेस को जवाब देते हुए कहा कि कांग्रेस को पहले अपने शासनकाल के शराब घोटाले को याद करना चाहिए। उन्होंने कहा कि आरोप लगाने से पहले कांग्रेस को अपने गिरेबान में झांकना चाहिए, क्योंकि प्रदेश ने पिछली सरकार के दौरान शराब घोटाले की चर्चा पूरे देश में सुनी है।
सुशासन तिहार को लेकर जारी यह राजनीतिक बयानबाजी आने वाले दिनों में और तेज हो सकती है। भाजपा जहां इसे जनसमस्याओं के समाधान और सुशासन का अभियान बता रही है, वहीं कांग्रेस इसे केवल राजनीतिक प्रचार और प्रशासनिक दिखावा करार दे रही है।



