छत्तीसगढ़

आम जनता को बड़ी राहत: छत्तीसगढ़ में प्रॉपर्टी रजिस्ट्री सस्ती, 0.60% उपकर खत्म…

छत्तीसगढ़ सरकार का यह फैसला सीधे तौर पर आम लोगों की जेब पर असर डालने वाला है, इसलिए इसे समझना ज़रूरी है कि बदलाव क्या हुआ, क्यों हुआ और इसका फायदा किसे मिलेगा।


क्या बदला है?

राज्य सरकार ने अचल संपत्ति (जमीन, मकान, प्लॉट आदि) की रजिस्ट्री पर लगने वाला 0.60% उपकर (Cess) पूरी तरह खत्म कर दिया है।
यह फैसला छत्तीसगढ़ उपकर (संशोधन) अधिनियम, 2026 के तहत लागू हुआ है और अधिसूचना जारी होते ही प्रभावी हो गया।

👉 मतलब अब रजिस्ट्री के समय आपको पहले से कम पैसे देने होंगे।


पहले क्या व्यवस्था थी?

  • छत्तीसगढ़ उपकर अधिनियम, 1982 के तहत संपत्ति रजिस्ट्री पर उपकर लगता था
  • 2023 में इसे बढ़ाकर स्टांप शुल्क के ऊपर 12% अतिरिक्त उपकर लगाया गया
  • इससे कुल मिलाकर मार्केट वैल्यू का लगभग 0.60% अतिरिक्त बोझ पड़ता था

👉 यानी अगर आप 50 लाख की संपत्ति लेते थे, तो करीब 30,000 रुपये अतिरिक्त देने पड़ते थे।


अब आपको कितना फायदा?

उदाहरण से समझें:

  • 1 करोड़ की संपत्ति पर पहले उपकर = ₹60,000
  • अब उपकर = ₹0

👉 यानी सीधे-सीधे ₹60,000 की बचत


सरकार ने यह फैसला क्यों लिया?

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के अनुसार:

  • सरकार का लक्ष्य सिर्फ राजस्व बढ़ाना नहीं, बल्कि लोगों को राहत देना है
  • रजिस्ट्री प्रक्रिया को सस्ती और आसान बनाना है

वहीं पंजीयन मंत्री ओपी चौधरी ने बताया:

  • यह कदम आम जनता को राहत देने के लिए बजट सत्र में पारित किया गया
  • अधिसूचना के साथ ही लागू कर दिया गया

यह उपकर हटाने की जरूरत क्यों पड़ी?

  • यह उपकर पहले योजनाओं जैसे
    • राजीव गांधी मितान क्लब योजना
    • रोजगार मिशन
      के लिए लगाया गया था
  • लेकिन:
    • मितान क्लब योजना अब संचालित नहीं है
    • अन्य योजनाओं का खर्च अब सामान्य बजट से हो रहा है

👉 इसलिए उपकर का औचित्य खत्म हो गया था।


किन लोगों को सबसे ज्यादा फायदा?

यह फैसला खास तौर पर इन वर्गों के लिए बड़ा राहत पैकेज है:

  • मध्यम वर्गीय परिवार
  • किसान
  • पहली बार घर/जमीन खरीदने वाले
  • रियल एस्टेट से जुड़े लोग

राज्य सरकार को कितना नुकसान?

  • 2024-25 में उपकर से आय: लगभग ₹148 करोड़
  • चालू वित्त वर्ष में अब तक: करीब ₹150 करोड़

👉 इसके बावजूद सरकार ने जनता को राहत देने के लिए यह राजस्व छोड़ दिया।


इस फैसले का बड़ा असर क्या होगा?

यह सिर्फ फीस कम करने का मामला नहीं है, इसके दूरगामी प्रभाव हैं:

1. प्रॉपर्टी खरीदना आसान होगा

कम लागत = ज्यादा लोग रजिस्ट्री करवाएंगे

2. रियल एस्टेट मार्केट में तेजी

  • खरीद-फरोख्त बढ़ेगी
  • निवेश बढ़ेगा

3. पारदर्शिता बढ़ेगी

  • कम लागत होने से लोग रजिस्ट्री से बचने की कोशिश कम करेंगे

4. आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा

  • निर्माण, बैंकिंग, लोन सेक्टर पर सकारात्मक असर

निष्कर्ष

छत्तीसगढ़ सरकार का यह कदम सीधा आर्थिक राहत + सिस्टम सुधार दोनों है।
कम खर्च, आसान प्रक्रिया और ज्यादा पारदर्शिता—तीनों मिलकर राज्य के रियल एस्टेट सेक्टर को नई गति दे सकते हैं।

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