छत्तीसगढ़

सरकारी राशन के चावल की हेराफेरी का खुलासा, ग्रामीणों ने 50 बोरी चावल से भरा वाहन पकड़ा…

बलौदाबाजार-भाटापारा जिला के ग्राम रसेड़ी में सरकारी राशन दुकान से चावल की हेराफेरी का मामला सामने आया है। ग्रामीणों की शिकायत के बाद सरपंच और खाद्य विभाग की टीम ने कार्रवाई करते हुए चावल से भरे वाहन को जब्त किया है। मामले की जांच जारी है।

क्या है पूरा मामला

जानकारी के मुताबिक ग्राम रसेड़ी में संचालित उचित मूल्य की दुकान के संचालक पर ग्रामीणों ने गंभीर आरोप लगाए हैं। ग्रामीणों का कहना है कि राशन दुकान में कार्डधारकों को तय मात्रा से कम चावल दिया जा रहा था। बचा हुआ चावल जमा करके बाहर बेचने की तैयारी की जा रही थी।

ग्रामीणों को तब शक हुआ जब दुकान के सामने एक वाहन में बड़ी मात्रा में चावल की बोरियां लोड की जा रही थीं। इस पर उन्होंने तुरंत गांव के सरपंच को सूचना दी।

सरपंच और ग्रामीणों ने पकड़ा वाहन

सूचना मिलने पर सरपंच मौके पर पहुंचे और ग्रामीणों के साथ मिलकर वाहन को रोक लिया। जब वाहन की जांच की गई तो उसमें 50 से ज्यादा बोरी चावल भरा हुआ मिला। इसके बाद सरपंच ने मामले की जानकारी खाद्य विभाग को दी।

खाद्य विभाग ने की कार्रवाई

सूचना मिलते ही खाद्य विभाग के खाद्य निरीक्षक मौके पर पहुंचे और जांच शुरू की।

  • सरपंच और ग्रामीणों के बयान दर्ज किए गए
  • चावल से भरे वाहन को जब्त किया गया
  • पूरे मामले की रिपोर्ट तैयार की जा रही है

खाद्य विभाग का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद रिपोर्ट एसडीएम को भेजी जाएगी और उसके आधार पर आगे की कार्रवाई तय होगी।

सेल्समैन ने क्या कहा

उचित मूल्य दुकान के संचालक झमकलाल साहू ने अपने ऊपर लगे आरोपों को गलत बताया है। उनका कहना है कि वाहन में जो चावल लोड किया जा रहा था, वह उन्होंने राशन कार्डधारी उपभोक्ताओं से खरीदा था।

हालांकि प्रारंभिक जांच में सेल्समैन ने यह भी स्वीकार किया है कि वह APL कार्डधारकों से चावल खरीदकर उसे बेचने के लिए ले जा रहा था, जिसे सरकारी नियमों के अनुसार उचित नहीं माना जाता।

जिले में पहले भी सामने आए ऐसे मामले

ग्रामीणों का आरोप है कि बलौदाबाजार-भाटापारा जिले की कई सोसायटियों में इसी तरह राशन के चावल की अफरातफरी हो रही है। बाहरी दुकानदार इन चावलों को खरीद लेते हैं, जिससे गरीब हितग्राहियों को मिलने वाला राशन प्रभावित होता है।

सरकार की योजना पर असर

सरकार का उद्देश्य है कि कोई भी व्यक्ति भूखा न सोए, इसके लिए सस्ते दर पर राशन दिया जाता है। लेकिन इस तरह की गड़बड़ियों से योजना का गलत इस्तेमाल होने की आशंका बढ़ जाती है।

अब सभी की नजर इस बात पर है कि जांच पूरी होने के बाद प्रशासन इस मामले में क्या कार्रवाई करता है।

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