छत्तीसगढ़

कलेक्ट्रेट में साप्ताहिक समय-सीमा बैठक: लंबित प्रकरणों के त्वरित निराकरण के निर्देश…

जिले में प्रशासनिक कार्यों की गति तेज करने और वर्षों से लंबित मामलों का शीघ्र समाधान सुनिश्चित करने के उद्देश्य से कलेक्ट्रेट कार्यालय में कलेक्टर D. Rahul Venkat ने साप्ताहिक समय-सीमा की वर्चुअल बैठक ली।

बैठक में भूमि आवंटन, भूमि चिन्हांकन, विभागीय प्रस्तावों की स्वीकृति और विभिन्न योजनाओं से जुड़े लंबित मामलों की गहन समीक्षा की गई। कलेक्टर ने स्पष्ट किया कि शासन की प्राथमिकता वाले प्रकरणों में किसी भी प्रकार की अनावश्यक देरी बर्दाश्त नहीं की जाएगी और सभी अधिकारी तय समय-सीमा में कार्य पूर्ण करें।


🏞️ भूमि आवंटन और चिन्हांकन पर फोकस

बैठक में जिले के विभिन्न क्षेत्रों से जुड़े भूमि प्रकरणों की विस्तार से समीक्षा हुई, जिनमें शामिल हैं:

  • ग्राम पंचायत चिरईपानी
  • Manendragarh
  • Chirimiri
  • नई लेदरी
  • जनकपुर

इन क्षेत्रों में लंबित भूमि आवंटन और चिन्हांकन से जुड़े प्रस्तावों पर संबंधित विभागों को शीघ्र कार्रवाई के निर्देश दिए गए।


🏫 शिक्षा विभाग के प्रस्ताव

जिला शिक्षा अधिकारी द्वारा प्रस्तुत प्रस्तावों की समीक्षा करते हुए:

  • DAV Public School Manendragarh
  • DAV Public School Chirimiri

के लिए भूमि चिन्हांकन और South Eastern Coalfields Limited (SECL) से स्वीकृति संबंधी प्रकरणों पर चर्चा हुई। कलेक्टर ने आवश्यक औपचारिकताएं शीघ्र पूर्ण करने के निर्देश दिए।


🏥 स्वास्थ्य एवं आयुष विभाग

स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार से जुड़े मामलों में:

  • नागपुर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र
  • आमाखेरवा ट्रांजिट हॉस्टल
  • आयुष विभाग के अंतर्गत बड़गांवकला, कमर्जी और कोटाडोल में
    • आयुर्वेद औषधालय
    • 10 बिस्तरीय आयुष अस्पताल

के लिए भूमि आवंटन संबंधी प्रकरणों की समीक्षा की गई। कलेक्टर ने स्पष्ट किया कि ग्रामीण और दूरस्थ क्षेत्रों में स्वास्थ्य सुविधाओं के विस्तार में देरी नहीं होनी चाहिए।


🏛️ नगरीय निकाय और अन्य विभाग

बैठक में निम्न प्रस्तावों पर भी चर्चा हुई:

  • नगर पालिका परिषद Manendragarh के लिए सांस्कृतिक भवन
  • नगर निगम Chirimiri से संबंधित प्रस्ताव
  • उद्यानिकी विभाग की शासकीय नर्सरी
  • पीएचई विभाग की लाई एमवीएस (मल्टी विलेज स्कीम) योजना के अंतर्गत भूमि प्रकरण

🔄 समन्वय पर विशेष जोर

कलेक्टर डी. राहुल वेंकट ने राजस्व, वन एवं संबंधित विभागों को आपसी समन्वय के साथ कार्य करने और फाइलों के अनावश्यक लंबित रहने की प्रवृत्ति समाप्त करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि:

  • लंबित प्रकरणों की नियमित मॉनिटरिंग की जाए
  • विभागीय स्तर पर समय-सीमा तय कर प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत की जाए
  • शासन की प्राथमिकता वाली योजनाओं को प्राथमिकता दी जाए

📌 बैठक का महत्व

यह बैठक प्रशासनिक जवाबदेही और पारदर्शिता को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण मानी जा रही है। भूमि आवंटन और विभागीय स्वीकृतियों में तेजी आने से शिक्षा, स्वास्थ्य, नगरीय विकास और पेयजल जैसी मूलभूत सुविधाओं के विस्तार को गति मिलेगी।

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