
राजधानी रायपुर में नकली दवाओं के बड़े नेटवर्क का खुलासा हुआ है, जिसमें पुलिस ने सप्लायर समेत तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर पूरे रैकेट की परतें खोल दी हैं। यह मामला स्वास्थ्य सुरक्षा से जुड़ा होने के कारण बेहद गंभीर माना जा रहा है।
कैसे हुआ खुलासा
इस पूरे मामले का खुलासा तब हुआ जब
👉 गोगांव स्थित एक ट्रांसपोर्ट में नकली दवाओं की बड़ी खेप पकड़ी गई
👉 जांच में सामने आया कि ये दवाएं इंदौर से मंगाई गई थीं
इसके बाद ड्रग विभाग और पुलिस ने संयुक्त कार्रवाई करते हुए कई जगह छापेमारी की।

कहां-कहां हुई कार्रवाई
- सारंगढ़ के मेडिकल स्टोर्स
- भाठापारा के मेडिकल स्टोर्स
👉 यहां से नकली दवाओं के नेटवर्क से जुड़े अहम सुराग मिले
कौन-कौन आरोपी गिरफ्तार
पुलिस ने तीन मुख्य आरोपियों को गिरफ्तार किया:
- रोचक अग्रवाल – इंदौर से सप्लाई करने वाला
- खेमराम बानी – सारंगढ़ का मेडिकल संचालक
- सुरेंद्र कुमार – भाठापारा का संचालक
👉 तीनों को कोर्ट में पेश कर 14 दिन की न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया है
कैसे चलता था रैकेट
- इंदौर से नकली दवाएं मंगाई जाती थीं
- स्थानीय मेडिकल स्टोर्स के जरिए इन्हें बाजार में बेचा जाता था
- आम लोगों को असली दवा के नाम पर नकली दवाएं दी जा रही थीं
अधिकारी पर भी कार्रवाई
इस मामले में एक और बड़ा मोड़ तब आया जब
👉 सहायक औषधि नियंत्रक संजय कुमार नेताम का एक वीडियो वायरल हुआ
- वीडियो में संदिग्ध गतिविधियां और फाइल दिखाने की बात सामने आई
- इसके बाद उन्हें निलंबित कर विभागीय जांच शुरू कर दी गई
क्यों है मामला गंभीर
- नकली दवाएं सीधे लोगों की सेहत और जीवन के लिए खतरा हैं
- यह रैकेट प्रदेश स्तर पर फैला हुआ था
- स्वास्थ्य व्यवस्था में बड़ी लापरवाही और भ्रष्टाचार की आशंका
👉 कुल मिलाकर, यह मामला न सिर्फ एक आपराधिक रैकेट का खुलासा है, बल्कि यह भी दिखाता है कि स्वास्थ्य क्षेत्र में निगरानी और सख्ती कितनी जरूरी है।



