मध्यप्रदेश

माननीय मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव जी की पत्रकारवार्ता…

मध्य प्रदेश l हमारा संकल्प मप्र विकसित भारत का ध्वज वाहक बने : सीएम डॉ मोहन यादव

ऐतिहासिक उपलब्धियों के साथ GIS 2025 का समापन हो रहा है। यह महज समापन नहीं बल्कि एक नई शुरुआत है। GIS मात्र निवेश मंच नहीं, बल्कि भविष्य की दिशा तय करने का अवसर है। विकास की यह यात्रा यहीं नहीं रुकेगी। हम निवेशकों के लिए नई नीतियों का निर्माण करेंगे। युवाओं के लिए रोजगार अवसर बनाए जाएंगे। आधारभूत संरचना को मजबूत किया जाएगा।
मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव जी ने मंगलवार शाम को ग्लोबल इंवेस्टर समिट के समापन के बाद मीडिया के समक्ष इसका ब्यौरा प्रस्तुत किया। इस दौरान उन्होंने समिट की सफलता पर सभी को बधाई दी। साथ ही आयोजन के लिए प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से सहयोग करने वाले सभी लोगों का आभार व्यक्त किया।

यह भी बोले सीएम

  • GIS की भव्यता को देखते हुए राजधानी भोपाल में ऐसे आयोजनों के लिए स्थाई कन्वेंशन सेंटर बनाया जाएगा।
  • शहर की सौंदर्यता बढ़ाने के लिए भी नई योजना बनाई जाएगी
  • प्रदेश के अन्य शहरों के लिए भी सौंदर्यीकरण के प्रयास किए जाएंगे
  • भोपाल और इंदौर को मेट्रोपोलिटन सिटी के रूप में विकसित किया जाएगा

GIS की उपलब्धियां गिनाई

  • चुनौतियों वाला आयोजन, एक अलग पहचान और अनुभव देकर गया
  • राज्य सरकार की आर्थिक व्यवस्था और उन्नति के लिए मील का पत्थर साबित होगा आयोजन
  • GIS की थीम अनंत संभावनाएं थी, जिसे पूरा करने में पहला कदम है आयोजन
  • मल्टी सबमिट था यह आयोजन, जिसमें पहली बार विभिन्न क्षेत्रीय और सेक्ट्रियल चर्चा हुई
  • उद्घाटन सत्र में यशस्वी प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी ने जो विषय रखा, उसने देश और प्रदेश को एक नया दृष्टिकोण दिया है
  • माननीय प्रधानमंत्री जी ने प्रदेश की उद्योग अनुकूल नीतियां लांच की हैं
  • गृह मंत्री श्री अमित शाह जी और केंद्रीय मंत्री श्री राम मोहन नायडू की मौजूदगी ने भी कार्यक्रम को विशालता दी है
  • प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी की मौजूदगी हमें विकास संकल्प की ओर ले जा रही है
  • GIS के लिए 25000 रजिस्ट्रेशन हुए
  • 60 देशों के 100 प्रतिनिधियों ने निवेश और व्यापारिक संभावनाओं पर चर्चा की है
  • 9 देशों ने पार्टनर कंट्री के रूप में मौजूदगी दर्ज कराई। इनमें कनाडा, जापान, इटली, रूस, जर्मनी, मोरक्को, पोलैंड, इंग्लैंड आदि देश शामिल हैं
  • 300 से अधिक उद्योगपतियों ने GIS में सहभागिता की। जिनमें देश के नामवर उद्योगपति शामिल थे
  • 70 से अधिक उद्योगपतियों से वन टू वन चर्चा की गई
  • 600 से अधिक B2B और 5000 से अधिक B2G बैठकें हुईं
  • 6 विभागीय समिट जिनमें IT, MSME, टूरिज्म आदि पर सीधा संवाद हुआ और निवेश की रूपरेखा बनाई गई
  • 100 से अधिक एक्सपर्ट शामिल हुए
  • प्रवासी भारतीय समिट में 500 से अधिक प्रस्ताव दिए गए हैं
  • मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने GIS में आने वाले निवेश प्रस्ताव और इन उद्योगों से मिलने वाले रोजगार अवसर का ब्यौरा भी दिया
  • मुख्यमंत्री ने बताया कि GIS के दौरान 26.51 लाख करोड़ के प्रस्ताव मिले हैं
  • भविष्य में इन उद्योगों से 17.30 लाख रोजगार मिलने की संभावना है
  • इंदौर, सतना, रीवा, नर्मदापुरम, भोपाल, चंबल, उज्जैन, जबलपुर, ग्वालियर, शहडोल, झांसी, सागर, ओंकारेश्वर में निवेशकों का रुझान
  • GIS के दौरान 85 से अधिक MOU किए गए।

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