सुशासन तिहार के तहत आज ग्राम पंचायतों में मेगा आयोजन, एक मंच पर मिल रहा योजनाओं का लाभ

रायपुर। छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा चलाए जा रहे सुशासन तिहार के अंतर्गत आज प्रदेशभर की ग्राम पंचायतों में बड़े स्तर पर मेगा आयोजन किए जा रहे हैं। ग्रामीणों को सरकारी योजनाओं का लाभ एक ही स्थान पर उपलब्ध कराने के उद्देश्य से इस विशेष अभियान का आयोजन किया जा रहा है।
इस दौरान पंचायत स्तर पर चावल महोत्सव, रोजगार दिवस और आवास दिवस को एक साथ जोड़कर व्यापक कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। सरकार का उद्देश्य ग्रामीणों की समस्याओं का त्वरित समाधान करते हुए योजनाओं का लाभ सीधे जरूरतमंदों तक पहुंचाना है।

एक ही मंच पर कई योजनाओं का लाभ
मेगा आयोजन में ग्रामीणों को राशन वितरण, रोजगार योजनाओं की जानकारी, आवास स्वीकृति और विभिन्न शासकीय योजनाओं से संबंधित सेवाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं। ग्रामीणों को अलग-अलग कार्यालयों के चक्कर न लगाने पड़ें, इसके लिए सभी विभागों को एक मंच पर जोड़ा गया है।
कार्यक्रम के दौरान मनरेगा और प्रधानमंत्री आवास योजना से जुड़ी शिकायतों की मौके पर ही सुनवाई और निराकरण किया जा रहा है। अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि पात्र हितग्राहियों की समस्याओं का तत्काल समाधान सुनिश्चित किया जाए।
90 दिनों में आवास पूर्ण करने का लक्ष्य
सरकार ने प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत स्वीकृत मकानों को तेजी से पूरा करने के लिए विशेष अभियान चलाया है। इसके तहत 90 दिनों के भीतर स्वीकृत आवासों को पूर्ण करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। पंचायत स्तर पर इसकी लगातार निगरानी की जा रही है ताकि जरूरतमंद परिवारों को जल्द से जल्द पक्के मकान मिल सकें।
‘मोर गांव-मोर पानी-मोर तरिया’ अभियान पर जोर
सुशासन तिहार के दौरान जल संरक्षण को भी विशेष प्राथमिकता दी जा रही है। ‘मोर गांव-मोर पानी-मोर तरिया’ अभियान के तहत गांवों में तालाबों के संरक्षण, जल स्रोतों के पुनर्जीवन और पानी बचाने के उपायों पर काम किया जा रहा है।
सरकार का मानना है कि जल संरक्षण के माध्यम से ग्रामीण क्षेत्रों में खेती और आजीविका के अवसरों को मजबूत किया जा सकता है। इस अभियान के जरिए रोजगार सृजन को भी बढ़ावा दिया जा रहा है।
QR कोड से मिलेगी योजनाओं की जानकारी
ग्रामीणों तक योजनाओं की जानकारी आसान तरीके से पहुंचाने के लिए QR कोड आधारित डिजिटल प्रणाली शुरू की गई है। पंचायतों में लगाए गए QR कोड को मोबाइल से स्कैन कर ग्रामीण विभिन्न योजनाओं की जानकारी, पात्रता, आवेदन प्रक्रिया और लाभ संबंधी विवरण सीधे प्राप्त कर सकेंगे।
यह पहल डिजिटल जागरूकता बढ़ाने के साथ पारदर्शिता सुनिश्चित करने की दिशा में भी महत्वपूर्ण मानी जा रही है।
महिला समूहों और युवाओं की बढ़ी भागीदारी
कार्यक्रमों में जनप्रतिनिधियों के अलावा महिला स्व-सहायता समूहों और युवाओं की सक्रिय भागीदारी देखने को मिल रही है। ग्रामीण विकास और आत्मनिर्भरता को बढ़ावा देने के लिए विभिन्न विभागों द्वारा जागरूकता गतिविधियां भी आयोजित की जा रही हैं।
सरकार को उम्मीद है कि इस तरह के मेगा आयोजनों से गांवों में विकास योजनाओं के क्रियान्वयन में तेजी आएगी और लोगों को सरकारी सुविधाओं का लाभ अधिक प्रभावी तरीके से मिल सकेगा।



