
छत्तीसगढ़ में मनरेगा को लेकर सियासी घमासान तेज होता जा रहा है। कांग्रेस पार्टी के द्वारा शुरू किया गया “मनरेगा बचाओ संग्राम” अब पदयात्रा के रूप में लगातार आगे बढ़ रहा है। इसी कड़ी में आज कांग्रेस की पदयात्रा राजनांदगांव जिले से दोबारा शुरू की जाएगी।

कांग्रेस का आरोप है कि राज्य में मनरेगा के तहत काम और मजदूरी भुगतान दोनों में भारी अनियमितता हो रही है, जिससे ग्रामीण मजदूरों को रोजगार नहीं मिल पा रहा और पलायन की स्थिति बन रही है। पार्टी नेताओं का कहना है कि केंद्र और राज्य सरकार की नीतियों के कारण मनरेगा कमजोर किया जा रहा है।
पदयात्रा के दौरान कांग्रेस नेता गांव-गांव जाकर मजदूरों, पंचायत प्रतिनिधियों और ग्रामीणों से संवाद कर रहे हैं और उनकी समस्याएं सुनकर सरकार तक पहुंचाने का दावा कर रहे हैं। इस अभियान में बड़ी संख्या में कार्यकर्ता और स्थानीय जनप्रतिनिधि भी शामिल हो रहे हैं।
कांग्रेस ने साफ कहा है कि जब तक मनरेगा मजदूरों को पूरा रोजगार और समय पर भुगतान नहीं मिलेगा, तब तक उनका आंदोलन जारी रहेगा। वहीं, प्रशासन की ओर से पदयात्रा को लेकर सुरक्षा और कानून व्यवस्था के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं।
राजनीतिक जानकारों का मानना है कि पंचायत और ग्रामीण मुद्दों को लेकर कांग्रेस का यह अभियान आने वाले समय में प्रदेश की राजनीति को और गरमा सकता है। अब देखना होगा कि सरकार इस पर क्या प्रतिक्रिया देती है और मनरेगा को लेकर क्या कदम उठाए जाते हैं।


