चित्रहार’ का आखिरी गाना याद है? 45 साल पुरानी इस फिल्म के गीत में थीं 5 महान गायकों की आवाजें..

45 साल पुराना वो गाना, जो करता था दूरदर्शन के ‘चित्रहार’ का द एंड, 5 दिग्गज सिंगर्स ने दी थी आवाज
Doordarshan Chitrahaar: दूरदर्शन का ‘चित्रहार’ 80 और 90 के दशक में टीवी देखने वाले लोगों की यादों का अहम हिस्सा रहा है। हर बुधवार और शुक्रवार को प्रसारित होने वाला यह कार्यक्रम हिंदी फिल्मों के चुनिंदा गानों को दर्शकों तक पहुंचाता था। एक दौर में इसकी लोकप्रियता इतनी थी कि करोड़ों लोग इसे देखने के लिए टीवी के सामने बैठते थे।
लेकिन ‘चित्रहार’ से जुड़ी एक खास बात शायद आज की पीढ़ी को पता नहीं होगी। कार्यक्रम के आखिर में अक्सर 1981 में रिलीज हुई फिल्म ‘क्रांति’ का ‘क्रांति क्रांति’ गाना सुनाई देता था। इस गीत की सबसे खास बात थी कि इसमें हिंदी फिल्म संगीत के पांच बड़े गायकों की आवाज शामिल थी।

‘चित्रहार’ का आखिरी गाना कौन सा था?
‘चित्रहार’ के अंत में अक्सर ‘क्रांति क्रांति’ गीत बजाया जाता था। यह गाना फिल्म ‘क्रांति’ का हिस्सा था और इसे लता मंगेशकर, मन्ना डे, महेंद्र कपूर, नितिन मुकेश और शैलेंद्र सिंह ने अपनी आवाज दी थी।
गाने का संगीत लक्ष्मीकांत-प्यारेलाल ने तैयार किया था, जबकि इसके बोल मनोज कुमार और संतोष आनंद ने लिखे थे। दो हिस्सों में मौजूद इस गीत ने फिल्म की देशभक्ति और क्रांतिकारी थीम को मजबूती दी थी।
‘क्रांति’ में नजर आई थी दिग्गज सितारों की फौज
1981 में रिलीज हुई ‘क्रांति’ हिंदी सिनेमा की चर्चित फिल्मों में शामिल रही। फिल्म का निर्देशन, निर्माण, संपादन और संवाद लेखन मनोज कुमार ने किया था। फिल्म की कहानी और स्क्रीनप्ले से जुड़े काम में सलीम-जावेद की भी भूमिका रही।
फिल्म में मनोज कुमार के साथ दिलीप कुमार, शशि कपूर, शत्रुघ्न सिन्हा, हेमा मालिनी, परवीन बाबी और प्रेम चोपड़ा जैसे बड़े कलाकार नजर आए थे।
फिल्म की कहानी स्वतंत्रता आंदोलन की पृष्ठभूमि पर आधारित थी और अपने दौर में यह बड़े बजट की फिल्मों में गिनी जाती थी।
‘क्रांति’ के कई गाने हुए थे सुपरहिट
फिल्म का संगीत भी इसकी लोकप्रियता की बड़ी वजह रहा। ‘क्रांति क्रांति’ के अलावा फिल्म में ‘लुई शमाशा’, ‘अब के बरस’, ‘चना जोर गरम’, ‘दुर्गा है मेरी मां’, ‘जिंदगी की ना टूटे लड़ी’ और ‘मारा ठुमका’ जैसे गाने शामिल थे।
इन गीतों को किशोर कुमार, लता मंगेशकर, मोहम्मद रफी, मन्ना डे, महेंद्र कपूर, शैलेंद्र सिंह और नितिन मुकेश जैसे दिग्गज गायकों ने अपनी आवाज दी।
‘चित्रहार’ से जुड़ी याद आज भी ताजा
उस दौर में मनोरंजन के साधन सीमित थे। ऐसे समय में ‘चित्रहार’ घर-घर में लोकप्रिय कार्यक्रम बन गया था। फिल्मी गानों के साथ इसकी पहचान इतनी मजबूत हुई कि इसके प्रसारण का समय परिवार के लिए टीवी देखने का खास समय माना जाता था।
यही वजह है कि ‘चित्रहार’ के साथ जुड़े गाने आज भी उस दौर के दर्शकों के लिए नॉस्टैल्जिया से कम नहीं हैं। ‘क्रांति’ का ‘क्रांति क्रांति’ गीत भी इसी यादगार दौर का हिस्सा बन गया।



