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एल्डरमैन कहीं और के, शपथ लेंगे कहीं और! जरहागांव के एल्डरमैनों का बरेला में शपथ ग्रहण, जनता ने उठाए सवाल

मुंगेली। नगर पंचायत जरहागांव के नवनियुक्त एल्डरमैनों के शपथ ग्रहण समारोह को लेकर स्थानीय स्तर पर असंतोष और नाराजगी का माहौल सामने आया है। नगर पंचायत जरहागांव के नवनियुक्त एल्डरमैन सतीश मसीह, चंद्रकांत वैष्णव और महावीर यादव का शपथ ग्रहण समारोह मंगलवार को दोपहर 2 बजे निर्धारित है। लेकिन इस कार्यक्रम को जरहागांव नगर पंचायत में आयोजित करने के बजाय बरेला नगर पंचायत में आयोजित किया जा रहा है।

एक ही कार्यक्रम में बरेला नगर पंचायत के नवनियुक्त एल्डरमैनों के साथ जरहागांव के तीनों एल्डरमैनों को भी शपथ दिलाई जाएगी। इसी व्यवस्था को लेकर जरहागांव के स्थानीय लोगों में सवाल उठने लगे हैं।

जिस नगर के लिए नियुक्ति, वहीं होना चाहिए था शपथ ग्रहण

नगरवासियों का कहना है कि जिन एल्डरमैनों को जरहागांव नगर पंचायत के लिए नियुक्त किया गया है, उनके शपथ ग्रहण का कार्यक्रम भी जरहागांव में ही स्थानीय जनता की मौजूदगी में होना चाहिए था।

लोगों का तर्क है कि एल्डरमैन नगर पंचायत के स्थानीय मुद्दों, विकास कार्यों और आम नागरिकों से जुड़े मामलों में अपनी भूमिका निभाते हैं। ऐसे में उनके कार्यकाल की शुरुआत अपने ही नगर की जनता के बीच शपथ लेकर होती तो इसका अलग महत्व होता।

स्थानीय लोगों के मुताबिक, शपथ ग्रहण केवल औपचारिक प्रक्रिया नहीं है, बल्कि यह जनप्रतिनिधि और जनता के बीच जवाबदेही तथा जिम्मेदारी के संकल्प का अवसर भी होता है। ऐसे में दूसरे नगर पंचायत में शपथ ग्रहण कराने का फैसला लोगों को समझ से परे लग रहा है।

जनता ने पूछा- जरहागांव में कार्यक्रम क्यों नहीं?

शपथ ग्रहण समारोह बरेला में आयोजित किए जाने को लेकर नगरवासियों ने कई सवाल उठाए हैं। लोगों का कहना है कि क्या नगर पंचायत जरहागांव में कार्यक्रम आयोजित करने के लिए पर्याप्त संसाधन या बजट उपलब्ध नहीं था?

कुछ लोगों ने यह सवाल भी उठाया कि क्या कार्यक्रम में शामिल होने वाले अधिकारी और जनप्रतिनिधि जरहागांव पहुंचकर स्थानीय जनता की मौजूदगी में शपथ ग्रहण समारोह आयोजित नहीं करा सकते थे?

लोगों का कहना है कि यदि कार्यक्रम जरहागांव में होता तो नगर के नागरिक भी अपने नवनियुक्त एल्डरमैन को शपथ लेते हुए देख पाते और उनके विचार सुन पाते।

विकास और जनता की समस्याओं पर संकल्प सुनने से वंचित होगी जनता

जरहागांव के लोगों के बीच इस बात को लेकर भी नाराजगी है कि उन्हें अपने नगर के नवनियुक्त एल्डरमैनों के शपथ ग्रहण कार्यक्रम में शामिल होने का अवसर नहीं मिल पा रहा है।

स्थानीय लोगों का कहना है कि वे यह जानना चाहते थे कि नवनियुक्त एल्डरमैन नगर के विकास, बुनियादी सुविधाओं और आम जनता की समस्याओं के समाधान को लेकर किस तरह काम करने का संकल्प लेते हैं।

यदि कार्यक्रम जरहागांव में आयोजित होता तो स्थानीय नागरिक सीधे कार्यक्रम में शामिल होकर अपने प्रतिनिधियों की प्राथमिकताओं को सुन सकते थे। लेकिन बरेला में कार्यक्रम होने के कारण यह अवसर जरहागांव की जनता से दूर हो गया है।

बरेला के कार्यक्रम में जरहागांव के तीनों एल्डरमैन लेंगे शपथ

जानकारी के मुताबिक, बरेला नगर पंचायत में आयोजित होने वाले शपथ ग्रहण समारोह में बरेला के नवनियुक्त एल्डरमैनों के साथ जरहागांव नगर पंचायत के तीनों एल्डरमैनों को भी शपथ दिलाई जाएगी।

यही वजह है कि स्थानीय स्तर पर यह सवाल चर्चा में है कि अलग-अलग नगर पंचायतों के लिए नियुक्त एल्डरमैनों का शपथ ग्रहण एक ही स्थान पर क्यों कराया जा रहा है।

हालांकि, कार्यक्रम को बरेला में आयोजित करने के पीछे प्रशासनिक स्तर पर क्या कारण है, इसे लेकर अभी कोई स्पष्ट आधिकारिक वजह सामने नहीं आई है। ऐसे में स्थानीय लोगों के सवालों का जवाब संबंधित अधिकारियों के स्पष्टीकरण के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा।

कई पार्षदों को आमंत्रण पत्र नहीं मिलने की भी चर्चा

शपथ ग्रहण समारोह को लेकर एक और मुद्दा स्थानीय स्तर पर चर्चा में है। बताया जा रहा है कि नगर पंचायत जरहागांव के कई पार्षदों तक कार्यक्रम का आमंत्रण पत्र नहीं पहुंचा है।

इसको लेकर कुछ पार्षदों द्वारा आपत्ति दर्ज कराए जाने की बात भी सामने आ रही है। यदि यह स्थिति सही है तो शपथ ग्रहण समारोह की व्यवस्था और आमंत्रण प्रक्रिया को लेकर भी सवाल खड़े हो सकते हैं।

नगर पंचायत के निर्वाचित पार्षद स्थानीय निकाय की महत्वपूर्ण कड़ी होते हैं। ऐसे में नवनियुक्त एल्डरमैनों के शपथ ग्रहण जैसे कार्यक्रम में पार्षदों की मौजूदगी को लेकर स्थानीय स्तर पर चर्चा होना स्वाभाविक है।

नगरीय प्रशासन मंत्री के गृह जिले में मामला बना चर्चा का विषय

जरहागांव के एल्डरमैनों का शपथ ग्रहण दूसरे नगर पंचायत में आयोजित किए जाने का मामला इसलिए भी चर्चा में है क्योंकि यह नगरीय प्रशासन मंत्री के गृह जिले से जुड़ा हुआ है।

स्थानीय लोगों ने इसे असामान्य स्थिति बताते हुए सवाल उठाया है कि जब एल्डरमैनों की नियुक्ति जरहागांव नगर पंचायत के लिए हुई है, तो उनके शपथ ग्रहण का कार्यक्रम भी उसी नगर में आयोजित किया जाना चाहिए था।

अब देखने वाली बात यह होगी कि शपथ ग्रहण बरेला में आयोजित करने के पीछे प्रशासनिक कारण क्या हैं और स्थानीय जनता तथा पार्षदों की आपत्तियों पर संबंधित अधिकारी क्या स्पष्टीकरण देते हैं।

जनता की मुख्य आपत्तियां

  • जरहागांव के एल्डरमैनों का शपथ ग्रहण जरहागांव में नहीं हो रहा।
  • स्थानीय जनता को अपने प्रतिनिधियों का शपथ ग्रहण देखने का अवसर नहीं मिलेगा।
  • कार्यक्रम के स्थान को लेकर प्रशासन की ओर से स्पष्ट कारण सामने नहीं आया है।
  • नगर पंचायत के कई पार्षदों तक आमंत्रण पत्र नहीं पहुंचने की चर्चा है।
  • स्थानीय लोगों ने कार्यक्रम की व्यवस्था और जनप्रतिनिधियों की भागीदारी पर सवाल उठाए हैं।
  • मामला नगरीय प्रशासन मंत्री के गृह जिले से जुड़ा होने के कारण राजनीतिक और प्रशासनिक चर्चा का विषय बन गया है।

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