छत्तीसगढ़
तोकापाल क्षेत्र में बाघ की दस्तक, पहली बार गौवंश का शिकार….

ग्रामीणों में दहशत, वन विभाग अलर्ट
बस्तर जिले के तोकापाल ब्लॉक अंतर्गत ग्राम कुमारमारेंगा क्षेत्र में बाघ की लगातार चहल-कदमी से ग्रामीणों में भय का माहौल बन गया है। हाल ही में एक गाय के बाघ का शिकार बनने की पुष्टि होने के बाद खतरे की आशंका और भी बढ़ गई है।

📍 घटना कहां और कैसे हुई?
- घटना मारेंगा बीट क्षेत्र की बताई जा रही है
- रात के समय
👉 जंगल से सटे इलाके में गाय पर हमला हुआ - मौके पर मिले
👉 बाघ के ताजा पगचिन्ह - वन विभाग का प्रारंभिक आकलन
👉 बाघ ने मवेशी को मारकर आंशिक रूप से खाया है
यह तोकापाल क्षेत्र में पहली बार है जब बाघ द्वारा गौवंशीय पशु के शिकार की आधिकारिक पुष्टि हुई है।
👣 पहले भी मिल चुके थे पगचिन्ह
- इससे पहले
👉 ग्राम खंडियापाल में
👉 बाघ के ताजा पदचिन्ह पाए गए थे - उसी समय से
👉 वन विभाग द्वारा निगरानी बढ़ा दी गई थी
🚨 वन विभाग की त्वरित कार्रवाई
- सूचना मिलते ही
👉 वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची - पगचिन्हों और घटनास्थल के आधार पर
👉 जांच शुरू की गई - क्षेत्र में
👉 लगातार पेट्रोलिंग और निगरानी की जा रही है - बाघ की गतिविधियों पर
👉 ड्रोन/ट्रैकिंग जैसी तकनीकी निगरानी की संभावना
😟 ग्रामीणों और पशुपालकों में डर
- किसानों और पशुपालकों में
👉 भय का माहौल - लोग
👉 रात में मवेशियों को बाहर छोड़ने से डर रहे हैं - जंगल से लगे गांवों में
👉 विशेष सतर्कता बरती जा रही है
💰 मुआवजा प्रक्रिया शुरू
- वन विभाग ने
👉 प्रभावित परिवार को
👉 मुआवजा देने की प्रक्रिया शुरू कर दी है - आवश्यक दस्तावेज और पंचनामा
👉 तैयार किया जा रहा है
⚠️ ग्रामीणों के लिए एडवाइजरी
वन विभाग की ओर से—
- ग्रामीणों को
👉 अकेले जंगल न जाने की सलाह - मवेशियों को
👉 रात में सुरक्षित स्थान पर बांधने का निर्देश - बच्चों और बुजुर्गों को
👉 जंगल की ओर न जाने की चेतावनी
👀 प्रशासन की कड़ी नजर
- पूरे मामले पर
👉 प्रशासन और वन विभाग की लगातार नजर - स्थिति के अनुसार
👉 अतिरिक्त बल और संसाधन तैनात किए जा सकते हैं
🔍 क्यों है मामला गंभीर?
- यह इलाका
👉 पहले बाघ गतिविधि के लिए जाना नहीं जाता था - गौवंश पर हमला
👉 मानव आबादी के नजदीक खतरे का संकेत - भविष्य में
👉 मानव-वन्यजीव संघर्ष की आशंका



