छत्तीसगढ़

थाने के बाहर कांग्रेस का अनिश्चितकालीन धरना: कार्यकर्ताओं पर दर्ज FIR वापस लेने और भाजपा नेताओं पर कार्रवाई की मांग पर अड़े PCC चीफ दीपक बैज….

रायपुर। प्रधानमंत्री आवास के बाहर कांग्रेस नेता राहुल गांधी के धरने के बाद देशभर में शुरू हुई राजनीतिक तनातनी का असर अब छत्तीसगढ़ में भी दिखाई दे रहा है। राजधानी रायपुर में कांग्रेस और भाजपा के बीच राजनीतिक टकराव तेज हो गया है। इसी क्रम में छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस कमेटी (PCC) के अध्यक्ष दीपक बैज अपने समर्थकों के साथ खम्हारडीह थाना के बाहर अनिश्चितकालीन धरने पर बैठ गए हैं।

कांग्रेस का आरोप है कि पुलिस ने राजनीतिक दबाव में आकर कांग्रेस कार्यकर्ताओं के खिलाफ एकतरफा एफआईआर दर्ज की है। पार्टी की मांग है कि इन मामलों को तत्काल वापस लिया जाए। साथ ही कांग्रेस ने भाजपा नेताओं के खिलाफ भी एफआईआर दर्ज करने की मांग उठाई है।

क्या है पूरा मामला?

कांग्रेस के अनुसार, प्रधानमंत्री आवास के बाहर राहुल गांधी के धरने के विरोध में भाजपा कार्यकर्ताओं ने रायपुर स्थित कांग्रेस मुख्यालय का घेराव किया था। प्रदर्शन के दौरान दोनों पक्षों के बीच तनाव की स्थिति बनी।

इसके बाद पुलिस ने प्रदर्शन के दौरान कथित रूप से हंगामा और उग्रता दिखाने के आरोप में कांग्रेस कार्यकर्ताओं के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर ली। कांग्रेस का कहना है कि यह कार्रवाई पक्षपातपूर्ण है और भाजपा कार्यकर्ताओं की भूमिका की अनदेखी की गई है।

खम्हारडीह थाने के बाहर शुरू हुआ धरना

एफआईआर दर्ज होने के विरोध में पीसीसी अध्यक्ष दीपक बैज स्वयं खम्हारडीह थाने पहुंचे। उन्होंने पुलिस अधिकारियों से मुलाकात कर कांग्रेस कार्यकर्ताओं पर दर्ज प्रकरण वापस लेने की मांग की।

जब तत्काल कोई निर्णय नहीं हुआ तो दीपक बैज और बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता थाने के बाहर ही धरने पर बैठ गए। वहां टेंट लगाकर अनिश्चितकालीन धरना शुरू कर दिया गया।

कांग्रेस नेताओं का कहना है कि जब तक एफआईआर वापस नहीं ली जाती, तब तक आंदोलन जारी रहेगा।

दीपक बैज ने सरकार पर लगाए गंभीर आरोप

धरने के दौरान दीपक बैज ने राज्य सरकार और पुलिस प्रशासन पर निशाना साधते हुए कहा कि—

  • सरकार पुलिस प्रशासन पर दबाव बनाकर विपक्ष की आवाज दबाने की कोशिश कर रही है।
  • कांग्रेस कार्यकर्ताओं के खिलाफ बिना निष्पक्ष जांच के कार्रवाई की गई है।
  • पुलिस ने केवल एक पक्ष पर कार्रवाई कर राजनीतिक पक्षपात किया है।
  • लोकतांत्रिक तरीके से विरोध करने वालों को निशाना बनाया जा रहा है।

उन्होंने कहा कि कांग्रेस अपने कार्यकर्ताओं के साथ खड़ी है और अन्याय के खिलाफ आंदोलन जारी रहेगा।

भाजपा नेताओं पर भी FIR दर्ज करने की मांग

दीपक बैज ने भाजपा के प्रदर्शन को कांग्रेस मुख्यालय पर हमला करार देते हुए कहा कि यदि कांग्रेस कार्यकर्ताओं के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है, तो भाजपा नेताओं और कार्यकर्ताओं के खिलाफ भी समान कार्रवाई होनी चाहिए।

उन्होंने मांग की कि—

  • पूरे घटनाक्रम की निष्पक्ष जांच कराई जाए।
  • दोनों पक्षों की भूमिका की जांच हो।
  • यदि भाजपा कार्यकर्ताओं ने भी कानून का उल्लंघन किया है तो उनके खिलाफ भी एफआईआर दर्ज की जाए।

कांग्रेस का आरोप है कि पुलिस की कार्रवाई पूरी तरह एकतरफा रही है।

कांग्रेस का आंदोलन आगे भी जारी रहेगा

कांग्रेस नेताओं ने स्पष्ट कर दिया है कि यह केवल एक दिन का विरोध नहीं है। पार्टी ने इसे अनिश्चितकालीन धरना घोषित किया है।

यदि मांगें नहीं मानी गईं तो आंदोलन को और व्यापक बनाया जा सकता है। पार्टी के वरिष्ठ नेता और बड़ी संख्या में कार्यकर्ता लगातार धरना स्थल पर पहुंच रहे हैं।

राजनीतिक माहौल हुआ गर्म

राहुल गांधी के प्रधानमंत्री आवास के बाहर हुए धरने के बाद से कांग्रेस और भाजपा के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर तेज हो गया है। अब रायपुर में शुरू हुआ यह धरना राज्य की राजनीति का नया मुद्दा बन गया है।

एक ओर कांग्रेस सरकार पर विपक्ष को दबाने का आरोप लगा रही है, वहीं भाजपा कांग्रेस पर कानून-व्यवस्था बिगाड़ने का आरोप लगा रही है। ऐसे में आने वाले दिनों में यह विवाद और अधिक राजनीतिक रूप ले सकता है।

निष्कर्ष

रायपुर के खम्हारडीह थाने के बाहर कांग्रेस का अनिश्चितकालीन धरना छत्तीसगढ़ की राजनीति में बढ़ते टकराव का संकेत माना जा रहा है। कांग्रेस कार्यकर्ताओं पर दर्ज एफआईआर वापस लेने और भाजपा नेताओं के खिलाफ भी समान कार्रवाई की मांग को लेकर पार्टी अपने रुख पर कायम है। वहीं पुलिस और प्रशासन की अगली कार्रवाई पर सभी की नजरें टिकी हुई हैं। आने वाले दिनों में इस मुद्दे पर राजनीतिक गतिविधियां और तेज होने की संभावना है।

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