स्वास्थ्य मंत्री का बड़ा दावा: 2 साल में 1639 भर्तियां, 4551 करोड़ का मुफ्त इलाज..

छत्तीसगढ़ के स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में पिछले दो वर्षों की उपलब्धियों और आगामी तीन वर्षों की स्वास्थ्य कार्ययोजना की विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने स्पष्ट किया कि सरकार का फोकस केवल इलाज तक सीमित नहीं है, बल्कि बीमारियों की समय पर पहचान, रोकथाम और गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराना मुख्य लक्ष्य है।
1. मानव संसाधन में बड़ा सुधार
स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत बनाने के लिए सरकार ने डॉक्टरों, नर्सों और अन्य स्वास्थ्य कर्मचारियों की भर्ती पर विशेष ध्यान दिया है।
- पिछले 2 वर्षों में 1639 पदों पर नियुक्ति की गई।
- 2300 पदों पर भर्ती प्रक्रिया जारी है।
- राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (NHM) के तहत विशेषज्ञ डॉक्टरों की भर्ती हर महीने ऑनलाइन आवेदन के जरिए की जा रही है।
इससे अस्पतालों में स्टाफ की कमी दूर होगी और मरीजों को बेहतर इलाज मिलेगा।

2. स्वास्थ्य अधोसंरचना (Infrastructure) का विस्तार
सरकार ने स्वास्थ्य सुविधाओं को बढ़ाने के लिए नए अस्पताल और स्वास्थ्य केंद्रों की स्वीकृति दी है:
- 3 जिला अस्पताल
- 2 सिविल अस्पताल (220 बिस्तर)
- 8 सिविल अस्पताल (100 बिस्तर)
- 1 मानसिक अस्पताल (200 बिस्तर, सेन्दरी)
- 1 MCH अस्पताल (मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य)
- 6 सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC)
- 11 प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (PHC)
- 34 उप स्वास्थ्य केंद्र
इसके अलावा
- 12 IPHL लैब
- 31 BPHU (ब्लॉक पब्लिक हेल्थ यूनिट)
- 1 क्रिटिकल हेल्थ केयर ब्लॉक भी स्वीकृत किए गए हैं।
3. आयुष्मान आरोग्य मंदिर और स्वास्थ्य मेले
प्रदेश में प्राथमिक स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने के लिए आयुष्मान आरोग्य मंदिर महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं।
- 2 वर्षों में 3 लाख आरोग्य मेले आयोजित किए गए।
- इनमें लोगों को इलाज के साथ वेलनेस सेवाएं भी दी गईं।
- जल्द ही
- 75 हाट बाजार मोबाइल मेडिकल यूनिट
- 375 एम्बुलेंस
- 30 ग्रामीण मोबाइल मेडिकल यूनिट शुरू की जाएंगी।
4. आयुष्मान भारत योजना से लाखों लोगों को फायदा
आयुष्मान भारत योजना के तहत बड़ी संख्या में मरीजों को मुफ्त इलाज मिला:
- 31.44 लाख क्लेम मामलों में 4551 करोड़ रुपये का इलाज हुआ।
- 90% राशन कार्डधारकों के आयुष्मान कार्ड बन चुके हैं।
- पिछले 2 साल में 38.98 लाख नए कार्ड बनाए गए।
- मुख्यमंत्री विशेष स्वास्थ्य सहायता योजना से
- 2273 मरीजों को
- 62.20 करोड़ रुपये का इलाज मिला।
5. गुणवत्ता सुधार में ऐतिहासिक उपलब्धि
- 884 सरकारी स्वास्थ्य संस्थानों को गुणवत्ता प्रमाणन (NQAS) मिला।
- रायपुर और बलौदाबाजार के IPHL लैब को केंद्र सरकार से गुणवत्ता प्रमाणन मिला।
- आने वाले 3 वर्षों में सभी अस्पतालों को NQAS प्रमाणन देने का लक्ष्य है।
6. टेली-मेडिसिन और ग्रामीण स्वास्थ्य सेवाएं
- टेली-मेडिसिन के जरिए 2 लाख से ज्यादा लोगों को इलाज मिला।
- इससे दूरस्थ ग्रामीण क्षेत्रों को बड़ी राहत मिली।
7. गैर संचारी रोगों और कैंसर जांच पर फोकस
सरकार ने गंभीर बीमारियों की समय पर पहचान के लिए बड़े स्तर पर जांच अभियान चलाया:
- 80 लाख लोगों की BP और शुगर जांच
- 20 लाख लोगों की कैंसर जांच
- टीकाकरण लक्ष्य का 94% पूरा
- 21,164 कुपोषित बच्चों का इलाज और पोषण
8. टीबी, मलेरिया और अन्य बीमारियों पर नियंत्रण
- 12 लाख टीबी संदिग्ध मरीजों की जांच
- 93% सफलता दर से इलाज
- 4106 ग्राम पंचायत टीबी मुक्त घोषित
- मलेरिया दर 4.6% से घटकर 0.59% हुई
9. सिकल सेल और आदिवासी क्षेत्रों पर विशेष ध्यान
- 1.68 करोड़ लोगों की सिकल सेल स्क्रीनिंग
- 27,396 मरीजों की पहचान
- आदिवासी क्षेत्रों में 57 मोबाइल मेडिकल यूनिट शुरू
10. सरकार का भविष्य का लक्ष्य
स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि सरकार आने वाले वर्षों में:
- हर ब्लॉक में BPHU स्थापित करेगी
- सभी जिला अस्पतालों में आधुनिक लैब बनाएगी
- स्वास्थ्य सेवाओं को और मजबूत करेगी
- ग्रामीण और दूरस्थ क्षेत्रों तक बेहतर इलाज पहुंचाएगी
निष्कर्ष
छत्तीसगढ़ सरकार ने पिछले दो वर्षों में स्वास्थ्य क्षेत्र में बड़े सुधार किए हैं। अस्पतालों की संख्या बढ़ाई गई, लाखों लोगों को मुफ्त इलाज मिला, नई लैब और स्वास्थ्य केंद्र खोले गए और आधुनिक तकनीक का उपयोग बढ़ाया गया। सरकार का मुख्य उद्देश्य बीमारियों का इलाज करने के साथ-साथ उनकी रोकथाम और समय पर पहचान सुनिश्चित करना है, ताकि प्रदेश के हर नागरिक को बेहतर और सुलभ स्वास्थ्य सेवाएं मिल सकें।



