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सुशासन तिहार 2026: जनता की समस्याओं के समाधान के लिए बड़ा अभियान….

विष्णु देव साय ने प्रदेशभर में सुशासन को मजबूत करने और आम जनता की समस्याओं के त्वरित समाधान के लिए “सुशासन तिहार 2026” की शुरुआत की घोषणा की है। इसको लेकर उन्होंने सभी जिला कलेक्टरों को विस्तृत निर्देश जारी किए हैं।

📅 कब और कैसे होगा आयोजन?

यह अभियान 1 मई से 10 जून 2026 तक पूरे राज्य में चलेगा।

  • ग्रामीण क्षेत्रों में 15–20 ग्राम पंचायतों के समूह पर शिविर लगाए जाएंगे
  • शहरी क्षेत्रों में वार्ड क्लस्टर के आधार पर शिविर आयोजित होंगे

इन शिविरों का मुख्य उद्देश्य है – जनता की शिकायतों को सीधे मौके पर सुनना और उनका तेजी से समाधान करना।


🎯 मुख्य फोकस क्या रहेगा?

सुशासन तिहार के दौरान प्रशासन का ध्यान इन बिंदुओं पर रहेगा:

  • जन शिकायतों का त्वरित निराकरण
  • शासकीय योजनाओं की जानकारी और लाभ वितरण
  • शिविर में प्राप्त आवेदनों का अधिकतम 1 महीने में समाधान
  • हर आवेदक को उसके आवेदन की स्थिति की अनिवार्य सूचना देना

👥 कौन-कौन रहेगा शामिल?

इन शिविरों को सिर्फ औपचारिक कार्यक्रम नहीं रखा गया है, बल्कि इसमें शीर्ष स्तर की भागीदारी होगी:

  • स्वयं मुख्यमंत्री
  • मंत्री, सांसद, विधायक
  • मुख्य सचिव और प्रभारी सचिव

ये सभी समय-समय पर शिविरों में पहुंचकर:

  • औचक निरीक्षण करेंगे
  • योजनाओं के क्रियान्वयन की स्थिति जांचेंगे
  • लोगों से सीधे फीडबैक लेंगे

🏢 दोपहर बाद समीक्षा बैठक

हर शिविर के बाद जिला मुख्यालय में अधिकारियों के साथ बैठक होगी, जिसमें:

  • प्राप्त आवेदनों के निराकरण की स्थिति
  • चल रही योजनाओं और परियोजनाओं की समीक्षा
  • आगे की कार्ययोजना

पर चर्चा की जाएगी।


⚠️ 30 अप्रैल तक कलेक्टरों को विशेष निर्देश

सुशासन तिहार शुरू होने से पहले ही सरकार ने कई लंबित मामलों को निपटाने के निर्देश दिए हैं:

  • भूमि संबंधी प्रकरण: नामांतरण, बंटवारा, सीमांकन
  • मनरेगा मजदूरी का भुगतान
  • आय, जाति, निवास प्रमाण पत्र के लंबित आवेदन
  • बिजली और हैंडपंप से जुड़ी शिकायतें
  • उज्ज्वला योजना, राशन कार्ड, आयुष्मान भारत, पेंशन योजनाओं का लाभ सुनिश्चित करना

🧾 क्यों है यह अभियान महत्वपूर्ण?

यह पहल प्रशासन को जनता के दरवाजे तक ले जाने का प्रयास है। इससे:

  • लोगों को दफ्तरों के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे
  • शिकायतों का समयबद्ध समाधान होगा
  • योजनाओं का लाभ सही पात्र लोगों तक पहुंचेगा

कुल मिलाकर, “सुशासन तिहार 2026” को राज्य में पारदर्शी और जवाबदेह शासन की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है।

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