सोने की चमक पड़ी फीकी, चांदी भी टूटी; चेक करें आज का लेटेस्ट रेट…

आज सोना-चांदी में क्या हुआ?
आज सोने और चांदी दोनों की कीमतों में नरमी देखने को मिली। पिछले दो दिनों की गिरावट के बाद भी आज बाजार में खरीदार थोड़े सतर्क नजर आए। 7 अप्रैल 2026 को दिल्ली में 24 कैरेट सोना ₹14,999 प्रति ग्राम और 22 कैरेट सोना ₹13,750 प्रति ग्राम रहा। वहीं चांदी ₹2,50,000 प्रति किलो पर रही।
सीधी भाषा में कहें तो, अगर आप आज ज्वेलरी खरीदने या निवेश के लिए सोना लेने की सोच रहे हैं, तो पिछले कुछ दिनों के मुकाबले बाजार में थोड़ी राहत दिख रही है। हालांकि यह राहत बहुत बड़ी नहीं है, लेकिन उच्च स्तर से कीमतें थोड़ी नीचे आई हैं।

दिल्ली में आज का रेट क्या है?
Gold Rate Today – Delhi
- 24 कैरेट: ₹14,999 प्रति ग्राम = ₹1,49,990 प्रति 10 ग्राम
- 22 कैरेट: ₹13,750 प्रति ग्राम = ₹1,37,500 प्रति 10 ग्राम
- 18 कैरेट: ₹11,253 प्रति ग्राम = ₹1,12,530 प्रति 10 ग्राम
Silver Rate Today – Delhi
- चांदी: ₹250 प्रति ग्राम
- ₹2,500 प्रति 10 ग्राम
- ₹2,50,000 प्रति किलो
यानी आज दिल्ली में सोना गिरा, जबकि चांदी स्थिर/हल्की नरमी के साथ रही। आपकी कॉपी में “चांदी ₹100 सस्ती” वाली लाइन चल सकती है, लेकिन उपलब्ध ताज़ा रेट्स में दिल्ली में यह ₹2.50 लाख प्रति किलो के आसपास स्थिर दिख रही है। इसलिए खबर लिखते समय “चांदी में नरमी/स्थिरता” लिखना ज्यादा सुरक्षित रहेगा।
दूसरे बड़े शहरों में क्या है भाव?
आज बड़े शहरों में भी रेट्स लगभग इसी दायरे में रहे।
Gold Rate (प्रति ग्राम)
| शहर | 24K | 22K |
|---|---|---|
| दिल्ली | ₹14,999 | ₹13,750 |
| मुंबई | ₹14,984 | ₹13,735 |
| चेन्नई | ₹15,120 | ₹13,860 |
| बेंगलुरु | ₹14,984 | ₹13,735 |
| हैदराबाद | ₹14,984 | ₹13,735 |
Silver Rate
- दिल्ली: ₹2,50,000/kg
- मुंबई: ₹2,50,000/kg
- चेन्नई आमतौर पर प्रीमियम पर ट्रेड करता है, इसलिए वहां रेट अधिक रह सकते हैं।
सबसे महंगा शहर कौन?
आज के रेट्स के हिसाब से चेन्नई में सोना दिल्ली/मुंबई के मुकाबले महंगा दिख रहा है। यानी अगर आपकी स्टोरी “किस शहर में क्या भाव” एंगल से है, तो चेन्नई सबसे ऊपर और मुंबई/बेंगलुरु/हैदराबाद थोड़ा नीचे दिखाई दे रहे हैं।
पिछले 2–3 दिनों में क्या ट्रेंड रहा?
दिल्ली के 10-दिन के ट्रेंड से साफ दिखता है कि:
- 24K गोल्ड 3–4 अप्रैल के ऊंचे स्तर से नीचे आया है
- 22K गोल्ड में भी गिरावट आई है
- चांदी 1 अप्रैल के ऊंचे स्तर ₹2,55,000/kg से नीचे आकर ₹2,50,000/kg के आसपास है
यानी बाजार का मूड यह बता रहा है कि:
अभी सोना-चांदी “तेज रैली” के बाद थोड़ा ठंडा पड़े हैं।
यह गिरावट खरीदारों के लिए थोड़ी राहत है, लेकिन यह भी संभव है कि आगे जियोपॉलिटिकल तनाव बढ़ते ही रेट फिर ऊपर भागें।
कीमतें नीचे क्यों आईं?
सोना-चांदी की कीमतें सिर्फ भारत के लोकल बाजार से तय नहीं होतीं, बल्कि इनके पीछे ग्लोबल फैक्टर्स काम करते हैं। अभी 4 बड़े कारण बाजार को प्रभावित कर रहे हैं:
1) पश्चिम एशिया का तनाव
ईरान-अमेरिका/मिडिल ईस्ट तनाव की वजह से निवेशक लगातार सेफ-हेवन एसेट यानी सोने पर नजर बनाए हुए हैं। लेकिन जब तनाव के बीच थोड़ी राहत की उम्मीद बनती है, तो सोने में मुनाफावसूली (profit booking) भी शुरू हो जाती है।
2) डॉलर और अमेरिकी डेटा
अमेरिका से आने वाले डेटा जैसे:
- GDP
- PCE Inflation
- CPI
- Durable Goods Orders
- Services PMI
इन सबका असर सोने-चांदी पर पड़ता है। अगर अमेरिकी अर्थव्यवस्था मजबूत दिखती है, तो डॉलर मजबूत हो सकता है और सोने पर दबाव आ सकता है।
3) RBI Policy और ब्याज दरें
भारत में RBI की नीति भी निवेशकों के मूड को प्रभावित करती है। ब्याज दरें स्थिर या ऊंची रहने पर लोग कुछ हद तक सोने की बजाय दूसरे निवेश विकल्प भी देखते हैं।
4) मुनाफावसूली
जब सोना लगातार चढ़ता है, तो कई ट्रेडर्स और निवेशक ऊंचे दाम पर बुकिंग कर लेते हैं। यही वजह है कि तेज उछाल के बाद अक्सर 1–3 दिन की गिरावट दिखती है।
सरकार के फैसले का क्या असर पड़ेगा?
आपकी कॉपी में जो बात है—सरकार ने सोना-चांदी के आयात के लिए बेस/टैरिफ वैल्यू घटाई—वह बाजार के लिए अहम है।
इसका मतलब आसान भाषा में:
जब सरकार आयात के लिए बेस वैल्यू घटाती है, तो:
- आयातकों पर कस्टम ड्यूटी का बोझ थोड़ा कम हो सकता है
- ज्वेलर्स और मैन्युफैक्चरर्स के लिए कच्चा माल अपेक्षाकृत सस्ता पड़ सकता है
- लंबे समय में इसका असर लोकल कीमतों को थोड़ी राहत देने वाला हो सकता है
लेकिन यहां एक और ट्विस्ट है:
दूसरी तरफ सरकार ने आयात पर कुछ सख्ती भी की है
हाल ही में सरकार ने सोना-चांदी-प्लैटिनम के कुछ आर्टिकल्स पर आयात नियंत्रण/कर्ब्स भी लगाए हैं, ताकि FTA या रूट के दुरुपयोग को रोका जा सके। इसका मतलब यह है कि:
- सप्लाई चेन पर कुछ असर पड़ सकता है
- कुछ कैटेगरी में उपलब्धता/लागत प्रभावित हो सकती है
यानी एक तरफ राहत, दूसरी तरफ नियंत्रण—दोनों फैक्टर साथ चल रहे हैं।
खरीदारी करने वालों के लिए क्या मतलब?
अगर आप ज्वेलरी खरीदने वाले पाठकों के लिए खबर लिख रहे हैं, तो यह हिस्सा सबसे काम का है:
अभी खरीदना सही है?
- अगर शादी/फंक्शन के लिए खरीदना जरूरी है, तो आज की गिरावट थोड़ी राहत दे सकती है
- अगर सिर्फ निवेश के लिए खरीदना है, तो SIP/स्टैगर्ड बायिंग बेहतर रणनीति हो सकती है
- क्योंकि सोना अभी भी ऊंचे जोन में है, बस हल्का करेक्शन आया है
ज्वेलरी खरीदते समय ध्यान रखें:
- 22K ज्वेलरी के लिए आमतौर पर बेहतर
- 24K निवेश/कॉइन/बार के लिए ज्यादा उपयुक्त
- हॉलमार्क जरूर देखें
- मेकिंग चार्ज + GST जोड़कर ही असली लागत समझें
आगे क्या हो सकता है?
मार्केट एक्सपर्ट्स के हिसाब से आने वाले दिनों में सोना-चांदी की दिशा इन बातों से तय होगी:
- ईरान-अमेरिका/मिडिल ईस्ट तनाव
- US inflation data
- US GDP / PMI
- RBI policy
- डॉलर की चाल
- शादी और त्योहारों की मांग
आसान अनुमान:
- अगर तनाव बढ़ा → सोना फिर चढ़ सकता है
- अगर डेटा मजबूत आया और डॉलर मजबूत हुआ → सोना दबाव में रह सकता है
- अगर लोकल डिमांड बढ़ी → ज्वेलरी रेट्स फिर ऊपर जा सकते हैं
इस खबर का सार
सीधे शब्दों में:
- आज सोना सस्ता हुआ है
- दिल्ली में 24K ₹14,999/ग्राम और 22K ₹13,750/ग्राम है
- चांदी ₹2,50,000/kg के आसपास है
- चेन्नई में सोना सबसे महंगा दिख रहा है
- गिरावट की वजह ग्लोबल तनाव, डॉलर, आर्थिक डेटा और मुनाफावसूली है
- सरकार की आयात बेस वैल्यू कटौती से आगे कुछ राहत मिल सकती है
- लेकिन बाजार अभी भी काफी संवेदनशील बना हुआ है



