छत्तीसगढ़

SIR में एक समुदाय के सैकड़ों मतदाताओं के नाम पर आपत्ति, भड़के वोटरों ने थाने में की शिकायत…

गौरेला नगर पालिका क्षेत्र में मतदाता सूची विशेष पुनरीक्षण (Special Intensive Revision – SIR) के दौरान एक ही समुदाय के सैकड़ों मतदाताओं के नामों पर आपत्ति दर्ज किए जाने से विवाद गहरा गया है। इस मामले को लेकर प्रभावित मतदाताओं में भारी आक्रोश है और उन्होंने इसे राजनीतिक षड्यंत्र बताते हुए संबंधित व्यक्ति के खिलाफ गौरेला थाने में लिखित शिकायत दर्ज कराई है।

क्या है पूरा मामला

मतदाता सूची के विशेष पुनरीक्षण (SIR) की प्रक्रिया के तहत निर्वाचन आयोग द्वारा मतदाता सूची को अपडेट किया जाता है। इसमें नए मतदाताओं के नाम जोड़े जाते हैं, मृत या स्थानांतरित लोगों के नाम हटाए जाते हैं और गलत या संदिग्ध प्रविष्टियों की जांच की जाती है। इसी प्रक्रिया के दौरान गौरेला नगर पालिका क्षेत्र में एक व्यक्ति द्वारा एक ही समुदाय से जुड़े सैकड़ों मतदाताओं के नामों पर आपत्ति दर्ज कराई गई।

मतदाताओं का आरोप

प्रभावित मतदाताओं का कहना है कि वे और उनके परिवार कई पीढ़ियों से इस क्षेत्र में निवास कर रहे हैं और स्वतंत्रता से पहले से यहां बसे हुए हैं। उन्होंने देश में हुए सभी चुनावों में नियमित रूप से मतदान किया है और कभी उनके मताधिकार पर सवाल नहीं उठाया गया। उनका आरोप है कि इस बार जानबूझकर राजनीतिक कारणों से एक विशेष समुदाय को निशाना बनाया जा रहा है और उनके नाम मतदाता सूची से हटाने की कोशिश की जा रही है।

मतदाताओं ने यह भी बताया कि उन्होंने SIR प्रक्रिया के तहत आवश्यक सभी दस्तावेज—जैसे निवास प्रमाण, पहचान पत्र और अन्य जरूरी कागजात—समय पर संबंधित निर्वाचन अधिकारियों को जमा कर दिए हैं। इसके बावजूद उनके नामों पर आपत्ति दर्ज करना दुर्भावनापूर्ण कार्रवाई है।

राजनीतिक साजिश का आरोप

पीड़ितों का आरोप है कि एक राजनीतिक व्यक्ति द्वारा सुनियोजित तरीके से उनके नामों पर आपत्ति दर्ज कर उनकी नागरिकता और मताधिकार पर सवाल खड़े किए जा रहे हैं। उनका कहना है कि यह लोकतांत्रिक अधिकारों का उल्लंघन है और इससे समुदाय विशेष को चुनावी प्रक्रिया से बाहर करने की कोशिश की जा रही है।

थाने में दर्ज कराई शिकायत

इस मामले से नाराज बड़ी संख्या में मतदाता गौरेला थाने पहुंचे और संबंधित व्यक्ति के खिलाफ लिखित शिकायत दर्ज कराई। उन्होंने पुलिस से मांग की है कि मामले की निष्पक्ष जांच की जाए और दोषी व्यक्ति के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए, ताकि किसी भी नागरिक के मताधिकार के साथ छेड़छाड़ न हो।

प्रशासन और निर्वाचन विभाग की भूमिका

मतदाता सूची विशेष पुनरीक्षण के दौरान किसी भी नाम पर आपत्ति दर्ज होने पर निर्वाचन अधिकारी द्वारा जांच की जाती है। संबंधित मतदाता को नोटिस देकर दस्तावेज प्रस्तुत करने का मौका दिया जाता है। जांच के बाद ही अंतिम निर्णय लिया जाता है कि नाम सूची में रहेगा या हटाया जाएगा।

क्षेत्र में बना तनाव का माहौल

इस घटना के बाद गौरेला क्षेत्र में तनाव का माहौल बना हुआ है। प्रभावित समुदाय के लोग इसे अपने अधिकारों पर हमला मान रहे हैं और न्याय की मांग कर रहे हैं। अब सभी की नजर प्रशासन और निर्वाचन विभाग की जांच और कार्रवाई पर टिकी हुई है।

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