धान परिवहन में किसानों को न हो किसी प्रकार की परेशानी : कलेक्टर जितेन्द्र यादव…

राजनांदगांव। जिले में धान खरीदी और परिवहन व्यवस्था को सुचारु बनाए रखने के लिए कलेक्टर जितेन्द्र यादव ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि किसानों को धान के परिवहन में किसी भी प्रकार की असुविधा नहीं होनी चाहिए। उन्होंने यह बात आज कलेक्टोरेट सभाकक्ष में आयोजित साप्ताहिक समय-सीमा बैठक के दौरान कही।
वैध दस्तावेज साथ रखना जरूरी
कलेक्टर ने कहा कि जिले के भीतर एक से अधिक गांवों में खेती करने वाले किसान जब अपनी उपज एक गांव से दूसरे गांव तक ले जाएं, तो उनके पास—
- वैध दस्तावेज,
- भूमि का पट्टा,
- पर्ची,
- धान पंजीयन से संबंधित कागजात
अवश्य होने चाहिए, ताकि जांच के दौरान उन्हें किसी तरह की परेशानी न हो।

जांच में बरती जाए संवेदनशीलता
कलेक्टर जितेन्द्र यादव ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि जांच कार्य के दौरान संवेदनशीलता और मानवीय दृष्टिकोण अपनाया जाए। उन्होंने स्पष्ट कहा कि जांच के नाम पर किसानों को परेशान न किया जाए और उनकी समस्याओं को प्राथमिकता से सुना जाए।
धान उठाव और मिलर्स के लिए डीओ कटना शुरू
बैठक में कलेक्टर ने बताया कि जिले में धान का उठाव प्रारंभ हो चुका है और इसके लिए मिलर्स हेतु डिलीवरी ऑर्डर (डीओ) कटना भी शुरू हो गया है।
- धान उठाव की नियमित मॉनिटरिंग की जाएगी।
- भौतिक सत्यापन के लिए जिला स्तरीय अधिकारियों की ड्यूटी लगाई जा रही है।
- सभी संबंधित अधिकारियों को धान खरीदी कार्य और उठाव की सतत निगरानी करने के निर्देश दिए गए हैं।
अवैध परिवहन पर सख्ती जारी
कलेक्टर ने स्पष्ट किया कि जहां एक ओर किसानों को राहत दी जाएगी, वहीं अवैध धान परिवहन करने वाले कोचियों और बिचौलियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई लगातार जारी रहेगी।
लंबित प्रकरणों के शीघ्र निराकरण के निर्देश
बैठक में कलेक्टर ने मुख्यमंत्री जनदर्शन, कलेक्टर जनदर्शन, पीजी पोर्टल और पीजीएम में लंबित प्रकरणों की समीक्षा की और संबंधित अधिकारियों को शीघ्र निराकरण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
अधिकारी रहे मौजूद
इस बैठक में
- मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत सुश्री सुरूचि सिंह,
- अपर कलेक्टर सीएल मारकण्डेय,
- अपर कलेक्टर प्रेम प्रकाश शर्मा,
- नगर निगम आयुक्त अतुल विश्वकर्मा,
सहित अन्य जिला स्तरीय अधिकारी उपस्थित रहे।
निष्कर्ष
कलेक्टर के निर्देशों से साफ है कि प्रशासन का फोकस एक ओर किसानों को सुविधा और राहत देने पर है, वहीं दूसरी ओर अवैध गतिविधियों पर कड़ी नजर रखी जा रही है, ताकि धान खरीदी और परिवहन की प्रक्रिया पारदर्शी और सुचारु बनी रहे।



