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Sensex और Nifty ने इस हफ्ते तीसरी बार लगातार तेजी के साथ रिकॉर्ड ऊँचाई दर्ज की है।

  • इस हफ्ते (नवंबर 2025) भारत के शेयर बाजार ने लगातार तीसरे हफ्ते तेजी दर्ज की है — Sensex-Nifty में लगातार बढ़त रही।
  • 27 नवम्बर 2025 को, बाजार के दौरान, Sensex ने अब तक के नए ऑल-टाइम हाई छुए — करीब 86,055.86 पॉइंट्स तक।
  • उसी दिन Nifty 50 ने भी नया रिकॉर्ड बनाया — इंट्राडे में 26,310.45 अंक तक पहुंचा।
  • हालांकि हफ्ते के आखिर में बाजार थोड़ा ठीक होने लगा और 28 नवम्बर को बंद होने पर Sensex 85,706.67 और Nifty 26,202.95 पर था।
  • इसके बावजूद, औसतन देखा जाए तो इस पूरे हफ्ते और महीने (नवंबर) में दोनों इंडेक्स — Sensex और Nifty — सकारात्मक रही; निवेशकों को 2% तक का मासिक लाभ हुआ।

✅ क्यों हो रही है यह तेजी — प्रमुख कारण

विश्लेषकों और रिपोर्ट्स के अनुसार, निम्न कारणों ने बाजार को मजबूती दी है:

  • वैश्विक व घरेलू सकारात्मक माहौल — अंतरराष्ट्रीय मार्केट में सुधार, वैश्विक जोखिम-मूल्यांकन का संतुलन, और वैश्विक निवेशकों की सकारात्मक प्रवृत्ति।
  • निर्यात / अर्थव्यवस्था / कंपनी नतीजों में सुधार की उम्मीद — निवेशकों के बीच आर्थिक सकल मूल्यों, बेहतर वृद्धि-उम्मीद और कंपनियों के अच्छे आउटलुक ने भरोसा जगाया।
  • मौद्रिक नीति एवं ब्याज दरों पर अनुमान — आरबीआई और वैश्विक बैंकिंग संकेतों से यह उम्मीद कि रेट कट या आसान नीतियाँ आ सकती हैं, जिससे फाइनेंस-सेक्टर आकर्षक हुआ।
  • डोमेस्टिक और विदेशी निवेश प्रवाह — घरेलू निवेशकों के साथ-साथ कुछ विदेशी निवेशनों (बावजुद चुनौतियों के) से भी बाजार में पूँजी आई।

⚠️ क्या सावधानी रखें — थोड़ा सतर्क रहना होगा

कुछ विशेषज्ञों का कहना है कि यह रैली “बड़ी-छोटी शेयरों में समान नहीं” है — यानी बढ़त मुख्यत: लार्ज-कैप / मजबूत कंपनियों तक सीमित दिख रही है।
कुछ आंकड़े जैसे विदेशी संस्थागत निवेशकों (FII) की बिकवाली, वैल्यूएशन की ऊँचाई, और मध्य/छोटे कंपनियों की कमजोर पकड़, बाजार की अस्थिरता की ओर संकेत करते हैं।
इसलिए — अगर आप निवेश करना चाहते हैं — तो सिर्फ “बड़ा रुझान देख कर” नहीं, बल्कि “कंपनी-विशेष + क्षेत्र-विशेष + वैल्यूएशन” देख कर निवेश करना बेहतर है।


🔭 आगे कब-क्या हो सकता है — विशेषज्ञों की झलक

  • कुछ संस्थान (जैसे J.P. Morgan) का अनुमान है कि यदि मौद्रिक नीति में रियायत आई, टैक्स-नीति अनुकूल रही, और अर्थव्यवस्था स्थिर रही — तो Nifty अगले 6–12 महीने में 30,000 के स्तर तक भी जा सकता है।
  • वहीं, अगर वैश्विक आर्थिक माहौल अनिश्चित रहा (ग्लोबल रेट-कट न हुआ, डॉलर/वैश्विक बाजारों में दिक्कत), तो बाजार में उतार-चढ़ाव भी देखने को मिल सकता है — इसलिए फिलहाल निवेशकों के लिए “सावधानी + दीर्घ-दृष्टि” की सलाह दी जा रही है।

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