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सरिया के बढ़ते दामों ने बढ़ाई चिंता, रायपुर में ₹6,400 प्रति टन महंगा हुआ, घर बनाना और मुश्किल..

रायपुर समेत देशभर में TMT सरिया के बढ़ते दामों ने आम लोगों के लिए घर बनाना और महंगा कर दिया है। पिछले कुछ महीनों तक कीमतों में गिरावट के बाद अब फिर से तेजी का दौर शुरू हो गया है, जिससे निर्माण लागत और बजट पर सीधा असर पड़ रहा है। नीचे विस्तार से पूरी स्थिति समझिए—
1. पिछले महीनों में गिरावट, लेकिन अब फिर तेजी
- नवंबर 2025 के आखिर तक सरिया की कीमतों में लगातार गिरावट देखी गई थी।
- उस समय कई शहरों में रेट काफी नीचे आ गए थे, जिससे लोगों को उम्मीद थी कि घर बनाना सस्ता होगा।
- लेकिन जनवरी 2026 के मध्य से बाजार का ट्रेंड बदल गया और सरिया के दाम तेजी से बढ़ने लगे।
- अब यह बढ़ोतरी लगातार जारी है और निकट भविष्य में राहत के संकेत कम दिख रहे हैं।

2. रायपुर और अन्य शहरों में कितनी बढ़ी कीमत
- राजधानी रायपुर में सरिया की कीमत में लगभग 6,400 रुपए प्रति मीट्रिक टन की बढ़ोतरी दर्ज की गई है।
- दिल्ली में सरिया का ताजा भाव करीब 48,900 रुपए प्रति मीट्रिक टन तक पहुंच गया है।
- छत्तीसगढ़ मिनी स्टील प्लांट एसोसिएशन के अनुसार, पिछले डेढ़ महीने में ही करीब 4,000 रुपए प्रति टन तक कीमत बढ़ी है।
- यह बढ़ोतरी निर्माण क्षेत्र के लिए चिंता का विषय बन गई है।
3. घर बनाने वालों का बजट बिगड़ने का खतरा
- सरिया किसी भी भवन निर्माण की सबसे जरूरी और महंगी सामग्री में से एक होता है।
- कुल निर्माण लागत में सरिया का हिस्सा लगभग 20% से 30% तक होता है।
- सरिया महंगा होने से—
- मकान बनाने की कुल लागत बढ़ जाती है
- ठेकेदार निर्माण की लागत बढ़ा देते हैं
- जिन लोगों ने सस्ता होने का इंतजार किया था, उनका बजट अब बिगड़ सकता है
4. कीमत बढ़ने के पीछे मुख्य कारण
(1) निर्माण कार्यों की बढ़ती मांग
- जनवरी से मार्च के बीच कंस्ट्रक्शन सीजन पीक पर रहता है।
- सरकारी प्रोजेक्ट, प्राइवेट बिल्डिंग और इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट बढ़ने से सरिया की मांग बढ़ जाती है।
(2) अंतरराष्ट्रीय बाजार और एमओयू
- भारत के स्टील प्लांट्स ने अमेरिका समेत अन्य देशों के साथ सप्लाई से जुड़े एमओयू किए हैं।
- इससे एक्सपोर्ट बढ़ा है और घरेलू बाजार में सप्लाई कम होने से कीमत बढ़ी है।
(3) कच्चे माल की कीमत में बढ़ोतरी
- आयरन ओर, कोयला और बिजली की लागत बढ़ने से स्टील उत्पादन महंगा हो गया है।
- इसका असर सीधे सरिया की कीमत पर पड़ा है।
(4) सीजनल ट्रेंड
- हर साल दिसंबर से मार्च के बीच सरिया की कीमतों में तेजी देखी जाती है।
- यह कंस्ट्रक्शन सीजन का सामान्य बाजार ट्रेंड माना जाता है।
5. आगे क्या होगा – कीमत घटेगी या बढ़ेगी?
- विशेषज्ञों के अनुसार, अभी सरिया की कीमतों में बड़ी गिरावट की संभावना कम है।
- अगर मांग इसी तरह बनी रही तो कीमतें स्थिर रह सकती हैं या थोड़ी और बढ़ सकती हैं।
- कीमत में राहत आमतौर पर मानसून के दौरान (जून–सितंबर) देखने को मिलती है, जब निर्माण कार्य धीमा पड़ता है।
6. आम लोगों पर असर
- घर बनाना पहले से ज्यादा महंगा हो गया है
- फ्लैट और मकान की कीमतें भी बढ़ सकती हैं
- छोटे बिल्डर्स और आम परिवारों पर सबसे ज्यादा असर पड़ेगा
निष्कर्ष:
सरिया की कीमतों में आई तेजी ने घर बनाने का सपना महंगा कर दिया है। बढ़ती मांग, अंतरराष्ट्रीय समझौते और कच्चे माल की लागत बढ़ने के कारण निकट भविष्य में राहत की उम्मीद कम है। ऐसे में जो लोग घर बनाने की योजना बना रहे हैं, उन्हें बढ़ी हुई लागत के अनुसार अपना बजट तैयार करना होगा।



