
रायपुर, 29 अगस्त 2026। राष्ट्रीय खेल दिवस के अवसर पर छत्तीसगढ़ के वित्त मंत्री ओपी चौधरी ने देशभर के खिलाड़ियों, खेल प्रेमियों और खेल जगत से जुड़े सभी लोगों को हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दीं। उन्होंने इस अवसर पर खिलाड़ियों की मेहनत, संघर्ष और उपलब्धियों की सराहना करते हुए कहा कि खेल केवल पदक जीतने तक सीमित नहीं हैं, बल्कि यह व्यक्ति के व्यक्तित्व निर्माण और राष्ट्र के विकास में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

वित्त मंत्री ने कहा कि खेलों के माध्यम से युवाओं में अनुशासन, समर्पण, मेहनत, आत्मविश्वास और टीम भावना जैसे महत्वपूर्ण गुण विकसित होते हैं। यही गुण आगे चलकर एक मजबूत और जिम्मेदार समाज के निर्माण में योगदान देते हैं।
उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय खेल दिवस केवल खिलाड़ियों को शुभकामनाएं देने का अवसर नहीं है, बल्कि यह दिन समाज में खेलों के महत्व को समझने और अधिक से अधिक युवाओं को खेल गतिविधियों से जोड़ने की प्रेरणा भी देता है।
खेल केवल पदक जीतने का माध्यम नहीं
वित्त मंत्री ओपी चौधरी ने कहा कि खेलों को केवल प्रतियोगिता और पदक के नजरिए से नहीं देखा जाना चाहिए। खेल व्यक्ति के शारीरिक और मानसिक विकास का महत्वपूर्ण माध्यम हैं।
नियमित रूप से खेल गतिविधियों में शामिल होने से युवाओं में अनुशासन और समय प्रबंधन की आदत विकसित होती है। मैदान में हार और जीत का सामना करने से उनमें परिस्थितियों से संघर्ष करने, धैर्य बनाए रखने और लक्ष्य के लिए लगातार प्रयास करने की क्षमता भी बढ़ती है।
उन्होंने कहा कि खेलों से विकसित होने वाले ये गुण जीवन के दूसरे क्षेत्रों में भी काम आते हैं। यही वजह है कि खेलों को शिक्षा और जीवनशैली का अभिन्न हिस्सा बनाया जाना जरूरी है।
युवाओं को खेलों से जोड़ने की जरूरत
वित्त मंत्री ने युवाओं से खेलों को अपनी जीवनशैली का हिस्सा बनाने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि आज की बदलती जीवनशैली में शारीरिक गतिविधियों का महत्व और बढ़ गया है।
युवाओं को पढ़ाई और करियर की तैयारी के साथ खेलों और शारीरिक गतिविधियों के लिए भी समय निकालना चाहिए। इससे उनका शारीरिक स्वास्थ्य बेहतर रहने के साथ मानसिक रूप से भी वे अधिक सक्रिय और आत्मविश्वासी बन सकते हैं।
उन्होंने कहा कि यदि बचपन से ही बच्चों और युवाओं को खेलों के लिए प्रोत्साहित किया जाए तो भविष्य में देश के लिए बड़ी संख्या में प्रतिभाशाली खिलाड़ी तैयार किए जा सकते हैं।
प्रतिभाओं को अवसर और संसाधन देना जरूरी
ओपी चौधरी ने कहा कि देश में खेल प्रतिभाओं की कोई कमी नहीं है। जरूरत इस बात की है कि इन प्रतिभाओं की पहचान समय रहते की जाए और उन्हें उचित प्रशिक्षण, संसाधन तथा अवसर उपलब्ध कराए जाएं।
कई बार प्रतिभाशाली खिलाड़ी आर्थिक संसाधनों, बेहतर प्रशिक्षण या सुविधाओं की कमी के कारण बड़े स्तर तक नहीं पहुंच पाते। ऐसे में सरकार, खेल संस्थाओं, प्रशिक्षकों और समाज की सामूहिक जिम्मेदारी बनती है कि प्रतिभाशाली खिलाड़ियों को आगे बढ़ने का अवसर मिले।
उन्होंने कहा कि यदि खिलाड़ियों को आधुनिक प्रशिक्षण सुविधाएं, अच्छे प्रशिक्षक, खेल उपकरण और प्रतियोगिताओं में भाग लेने के पर्याप्त अवसर मिलें, तो भारत अंतरराष्ट्रीय खेल मंच पर और बेहतर प्रदर्शन कर सकता है।
खिलाड़ियों की उपलब्धियां बढ़ाती हैं देश का गौरव
वित्त मंत्री ने कहा कि जब कोई भारतीय खिलाड़ी राष्ट्रीय या अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिता में उत्कृष्ट प्रदर्शन करता है तो उसका गौरव केवल उसके परिवार तक सीमित नहीं रहता। उसकी उपलब्धि पूरे देश के लिए गर्व का विषय बनती है।
ओलंपिक, एशियन गेम्स, कॉमनवेल्थ गेम्स और विश्वस्तरीय प्रतियोगिताओं में भारतीय खिलाड़ियों का प्रदर्शन देश की खेल क्षमता को दुनिया के सामने प्रस्तुत करता है।
उन्होंने कहा कि खिलाड़ियों की सफलता के पीछे वर्षों की मेहनत, अभ्यास, अनुशासन और त्याग होता है। इसलिए उनके संघर्ष और उपलब्धियों का सम्मान करना समाज की जिम्मेदारी है।
खेलों से मजबूत होगा स्वस्थ भारत
वित्त मंत्री ओपी चौधरी ने कहा कि स्वस्थ नागरिक ही सशक्त राष्ट्र की मजबूत नींव होते हैं। यदि देश का युवा स्वस्थ, फिट और मानसिक रूप से मजबूत होगा तो वह देश के विकास में अधिक प्रभावी योगदान दे सकेगा।
उन्होंने खेलों को स्वस्थ जीवनशैली से जोड़ते हुए कहा कि नियमित खेल गतिविधियों से लोगों को शारीरिक रूप से सक्रिय रहने की प्रेरणा मिलती है। बच्चों और युवाओं में खेलों की आदत विकसित करने से भविष्य में स्वस्थ समाज के निर्माण की दिशा में भी मदद मिल सकती है।
राष्ट्रीय खेल दिवस का महत्व
भारत में राष्ट्रीय खेल दिवस हॉकी के महान खिलाड़ी मेजर ध्यानचंद की जयंती के अवसर पर मनाया जाता है। मेजर ध्यानचंद ने अपने शानदार खेल प्रदर्शन से भारतीय हॉकी को विश्व स्तर पर पहचान दिलाई थी।
उनका जीवन खिलाड़ियों के लिए मेहनत, अनुशासन और समर्पण की प्रेरणा देता है। राष्ट्रीय खेल दिवस उनके योगदान को याद करने के साथ देश में खेल संस्कृति को बढ़ावा देने का अवसर भी प्रदान करता है।
इस दिन विभिन्न स्थानों पर खेल प्रतियोगिताएं, सम्मान समारोह और जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं, ताकि लोगों को खेलों के प्रति प्रेरित किया जा सके।
खेलों को जन-जन तक पहुंचाने पर जोर
वित्त मंत्री ने कहा कि खेलों का विस्तार केवल बड़े शहरों और चुनिंदा खेलों तक सीमित नहीं रहना चाहिए। ग्रामीण क्षेत्रों, छोटे शहरों और दूरस्थ इलाकों में मौजूद प्रतिभाओं को भी समान अवसर मिलना चाहिए।
खेलों को जन-जन तक पहुंचाने से स्थानीय स्तर पर नई प्रतिभाओं की पहचान की जा सकती है। स्कूलों, कॉलेजों और स्थानीय खेल संस्थानों के माध्यम से बच्चों को अलग-अलग खेल विधाओं में भाग लेने के अवसर मिलना जरूरी है।
उन्होंने कहा कि जब खेल संस्कृति समाज के हर वर्ग तक पहुंचेगी, तभी देश की वास्तविक खेल शक्ति सामने आएगी।
नई प्रतिभाओं को प्रोत्साहित करने का आह्वान
ओपी चौधरी ने कहा कि देश के युवा केवल खेल प्रतियोगिताओं में हिस्सा ही न लें, बल्कि खेलों को अपने व्यक्तित्व विकास और जीवनशैली का हिस्सा बनाएं।
उन्होंने खेल प्रेमियों, अभिभावकों, शिक्षकों और समाज के सभी वर्गों से भी अपील की कि वे बच्चों और युवाओं को खेलों के लिए प्रोत्साहित करें। किसी बच्चे में खेल प्रतिभा दिखाई देती है तो उसे पढ़ाई के साथ खेल में भी आगे बढ़ने के लिए आवश्यक सहयोग दिया जाना चाहिए।
‘स्वस्थ, सशक्त और विजयी भारत’ का संकल्प
वित्त मंत्री ने देशवासियों से स्वस्थ, सशक्त और विजयी भारत के संकल्प को आगे बढ़ाने में अपनी सहभागिता सुनिश्चित करने की अपील की।
उन्होंने कहा कि भारत की युवा आबादी देश की सबसे बड़ी ताकत है। यदि युवाओं को शिक्षा, कौशल, स्वास्थ्य और खेल के क्षेत्र में सही अवसर मिलें तो वे देश को नई ऊंचाइयों तक ले जा सकते हैं।
खेलों के जरिए न केवल अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारत की पहचान मजबूत होती है, बल्कि देश के भीतर भी फिटनेस, अनुशासन और सकारात्मक सोच की संस्कृति विकसित होती है।
छत्तीसगढ़ की खेल प्रतिभाओं के लिए भी संदेश
राष्ट्रीय खेल दिवस पर वित्त मंत्री का संदेश छत्तीसगढ़ के खिलाड़ियों और उभरती खेल प्रतिभाओं के लिए भी महत्वपूर्ण है। राज्य के ग्रामीण, आदिवासी और शहरी क्षेत्रों में बड़ी संख्या में युवा विभिन्न खेलों में अपनी प्रतिभा दिखा रहे हैं।
इन खिलाड़ियों को बेहतर प्रशिक्षण, सुविधाएं और प्रतिस्पर्धात्मक मंच उपलब्ध कराकर राष्ट्रीय स्तर तक पहुंचाने की दिशा में लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। छत्तीसगढ़ की खेल प्रतिभाओं को यदि शुरुआती स्तर से ही उचित मार्गदर्शन और संसाधन मिलें तो वे देश के बड़े खेल मंचों पर राज्य का प्रतिनिधित्व कर सकते हैं।
खेल शक्ति ही बनेगी भारत की नई पहचान
वित्त मंत्री ओपी चौधरी ने अपने संदेश में खेलों को स्वस्थ समाज और मजबूत राष्ट्र से जोड़ते हुए कहा कि खिलाड़ियों की मेहनत और उपलब्धियां देश का गौरव बढ़ाती हैं। खेलों को जन-जन तक पहुंचाना और नई प्रतिभाओं को प्रोत्साहित करना भारत की खेल शक्ति को और मजबूत करेगा।
राष्ट्रीय खेल दिवस के अवसर पर उनका संदेश यही है कि खेल केवल मैदान तक सीमित गतिविधि नहीं, बल्कि स्वस्थ जीवन, मजबूत व्यक्तित्व और राष्ट्र निर्माण की आधारशिला हैं।
यदि बच्चों और युवाओं को खेलों के लिए पर्याप्त अवसर दिए जाएं, प्रतिभाओं को समय पर पहचाना जाए और उन्हें आधुनिक संसाधन उपलब्ध कराए जाएं, तो भारत आने वाले वर्षों में वैश्विक खेल जगत में और मजबूत पहचान बना सकता है। यही राष्ट्रीय खेल दिवस की भावना भी है और यही एक स्वस्थ, सशक्त एवं विजयी भारत की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।



