रमालकसा रेलवे स्टेशन के पास अंडरब्रिज की मांग को लेकर ग्रामीणों का प्रदर्शन, आश्वासन के बाद टला रेल रोको आंदोलन

राजनांदगांव। परमालकसा रेलवे स्टेशन के पास अंडरब्रिज निर्माण की मांग को लेकर रविवार को बड़ी संख्या में ग्रामीणों ने प्रदर्शन किया। ग्राम अचानकपुर-भाटापारा के समीप रेलवे अंडरब्रिज के नीचे बारिश का पानी भर जाने से ग्रामीणों को आवाजाही में काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। इसी समस्या के स्थायी समाधान की मांग को लेकर करीब 250 से 300 महिला-पुरुष ग्रामीण मौके पर एकत्रित हुए और रेलवे से जल्द से जल्द अंडरब्रिज के पास रास्ते का निर्माण कार्य शुरू कराने की मांग की।
ग्रामीणों ने इस संबंध में परमालकसा रेलवे स्टेशन के स्टेशन मास्टर को ज्ञापन सौंपा। प्रदर्शन को देखते हुए रेलवे और पुलिस प्रशासन की ओर से सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए गए थे। स्थिति को देखते हुए जीआरपी, आरपीएफ और जिला बल के अधिकारी-कर्मचारियों को मौके पर तैनात किया गया था।

बारिश में अंडरब्रिज के नीचे भर जाता है पानी
ग्रामीणों के मुताबिक परमालकसा रेलवे स्टेशन के पास ग्रामीणों की आवाजाही के लिए पहले से पुलिया और रास्ते की व्यवस्था है, लेकिन बारिश के मौसम में अंडरब्रिज के भीतर बड़ी मात्रा में पानी जमा हो जाता है। पानी निकासी की पर्याप्त व्यवस्था नहीं होने के कारण रास्ता कई बार ग्रामीणों के लिए मुश्किल हो जाता है।
इसका सबसे ज्यादा असर आसपास के गांवों में रहने वाले लोगों पर पड़ता है। ग्रामीणों को रोजमर्रा के काम, बाजार, स्कूल, अस्पताल और अन्य जरूरी कार्यों के लिए इस रास्ते का इस्तेमाल करना पड़ता है। बारिश के दौरान पानी भरने से उन्हें काफी परेशानी होती है और कई बार वैकल्पिक रास्ते का सहारा लेना पड़ता है।
ग्रामीणों का कहना है कि समस्या केवल बारिश के दिनों तक सीमित नहीं है। लंबे समय से इस रास्ते को लेकर परेशानी बनी हुई है। ऐसे में यहां स्थायी समाधान के तौर पर बेहतर अंडरब्रिज और रास्ते का निर्माण किया जाना जरूरी है।
सरपंच के नेतृत्व में जुटे 300 ग्रामीण
जानकारी के मुताबिक ग्रामीणों का प्रदर्शन सरपंच प्रेमचंद साहू और महेंद्र लहरे के नेतृत्व में हुआ। करीब 250 से 300 महिला और पुरुष मौके पर पहुंचे और रेलवे से अंडरब्रिज के पास रास्ते का निर्माण जल्द शुरू कराने की मांग की।
ग्रामीणों की नाराजगी को देखते हुए स्थिति संवेदनशील बनी हुई थी। प्रदर्शनकारियों की ओर से रेल रोको आंदोलन की बात भी सामने आई। ऐसे में रेलवे और पुलिस प्रशासन ने मौके पर सुरक्षा व्यवस्था बढ़ा दी।
स्टेशन मास्टर ने रेलवे अधिकारियों से किया संपर्क
ग्रामीणों ने परमालकसा स्टेशन मास्टर को अपनी समस्या से अवगत कराते हुए ज्ञापन सौंपा। ग्रामीणों ने मांग रखी कि अंडरब्रिज के पास रास्ते का निर्माण कार्य जल्द शुरू कराया जाए, ताकि बारिश के दौरान जलभराव के कारण लोगों को परेशानी न हो।
स्टेशन मास्टर ने ग्रामीणों की मांग को गंभीरता से लेते हुए रेलवे के संबंधित अधिकारियों से संपर्क किया। इसके बाद ग्रामीणों को भरोसा दिलाया गया कि रास्ते के निर्माण कार्य को जल्द से जल्द शुरू कराने की दिशा में आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।
स्टेशन मास्टर से आश्वासन मिलने के बाद ग्रामीणों ने अपना आंदोलन समाप्त करने का फैसला लिया। करीब दोपहर 12 बजे के आसपास रेल रोको आंदोलन समाप्त हुआ। इसके बाद रेलवे प्रशासन ने भी राहत की सांस ली और स्थिति सामान्य हुई।
प्रदर्शन के दौरान सुरक्षा के कड़े इंतजाम
प्रदर्शन को देखते हुए पुलिस और रेलवे सुरक्षा बल की ओर से व्यापक सुरक्षा व्यवस्था की गई थी। जीआरपी चौकी राजनांदगांव से मिली जानकारी के अनुसार मौके पर जीआरपी के 18 अधिकारी-कर्मचारी तैनात रहे। इसके अलावा आरपीएफ के 22 अधिकारी-कर्मचारी और जिला बल के अधिकारी-कर्मचारी भी कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए मौजूद रहे।
प्रशासन की कोशिश रही कि प्रदर्शन के दौरान रेलवे परिचालन प्रभावित न हो और किसी तरह की अप्रिय स्थिति उत्पन्न न हो। ग्रामीणों को समझाइश देने के साथ उनकी मांगों को रेलवे अधिकारियों तक पहुंचाया गया।
स्थायी समाधान चाहते हैं ग्रामीण
ग्रामीणों का कहना है कि बारिश के दिनों में रेलवे अंडरब्रिज के भीतर पानी भरने की समस्या बार-बार सामने आती है। इससे बुजुर्गों, महिलाओं, बच्चों और रोजाना आवाजाही करने वाले लोगों को सबसे ज्यादा परेशानी होती है। पानी अधिक भरने की स्थिति में रास्ते से गुजरना जोखिम भरा हो जाता है।
ग्रामीणों ने रेलवे से मांग की है कि केवल अस्थायी व्यवस्था करने के बजाय यहां स्थायी जल निकासी और बेहतर आवागमन मार्ग की व्यवस्था की जाए। उनका कहना है कि अंडरब्रिज का निर्माण और रास्ते का उचित विकास होने से आसपास के कई गांवों के लोगों को राहत मिलेगी।
फिलहाल रेलवे अधिकारियों के आश्वासन के बाद ग्रामीणों ने आंदोलन समाप्त कर दिया है। अब ग्रामीणों की नजर रेलवे की ओर से निर्माण कार्य शुरू किए जाने पर है। यदि जल्द काम शुरू होता है तो बारिश के मौसम में होने वाली वर्षों पुरानी परेशानी से ग्रामीणों को राहत मिलने की उम्मीद है।



