राजनांदगांव में कोचिंग संस्थानों पर पुलिस की दबिश, फायर सेफ्टी और सुरक्षा व्यवस्थाओं की हुई सघन जांच….

राजनांदगांव। शहर में विद्यार्थियों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए पुलिस प्रशासन ने कोचिंग संस्थानों में विशेष निरीक्षण अभियान चलाया। पुलिस टीम ने शहर के विभिन्न कोचिंग सेंटरों में पहुंचकर फायर सेफ्टी, आपातकालीन निकास, विद्युत सुरक्षा और अन्य सुरक्षा मानकों की बारीकी से जांच की। इस दौरान संचालकों को सुरक्षा संबंधी आवश्यक दिशा-निर्देश भी दिए गए, ताकि किसी भी आपात स्थिति में विद्यार्थियों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।
एसपी के निर्देश पर चला विशेष अभियान
यह अभियान 29 जून को पुलिस अधीक्षक अंकिता शर्मा के निर्देशन तथा अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक कीर्तन राठौर के नेतृत्व में चलाया गया। अभियान के तहत थाना कोतवाली और चिखली क्षेत्र में संचालित करीब 12 कोचिंग संस्थानों का निरीक्षण किया गया।
पुलिस अधिकारियों ने कोचिंग संस्थानों में मौजूद सुरक्षा व्यवस्थाओं का मौके पर जाकर जायजा लिया और आवश्यक सुधार के निर्देश दिए।

इन व्यवस्थाओं की हुई गहन जांच
निरीक्षण के दौरान पुलिस टीम ने सुरक्षा से जुड़े कई महत्वपूर्ण पहलुओं की जांच की। इनमें प्रमुख रूप से—
- अग्निशमन यंत्र (फायर एक्सटिंग्विशर) की उपलब्धता और उनकी कार्यशील स्थिति।
- आपातकालीन निकास (इमरजेंसी एग्जिट) की व्यवस्था।
- विद्युत वायरिंग और बिजली सुरक्षा उपकरणों की स्थिति।
- सीढ़ियों और निकासी मार्गों की सुगमता।
- भवन में सुरक्षा मानकों का पालन।
- आपात स्थिति में विद्यार्थियों को सुरक्षित बाहर निकालने की व्यवस्था।
पुलिस अधिकारियों ने संचालकों को निर्देश दिया कि सभी सुरक्षा उपकरण हमेशा कार्यशील स्थिति में रखें और समय-समय पर उनका रखरखाव कराते रहें।
लखनऊ हादसे के बाद बढ़ी सतर्कता
हाल ही में लखनऊ में हुए कोचिंग सेंटर हादसे के बाद प्रदेशभर में प्रशासन सतर्क हो गया है। इसी के मद्देनजर राजनांदगांव में भी कोचिंग संस्थानों की सुरक्षा व्यवस्था की लगातार समीक्षा की जा रही है।
इससे पहले नगर सेना की टीम ने भी निजी कोचिंग सेंटरों में पहुंचकर फायर सेफ्टी और सुरक्षा मानकों की जांच की थी। अब पुलिस द्वारा भी निरीक्षण अभियान चलाकर सुरक्षा व्यवस्थाओं का सत्यापन किया गया।
संचालकों को दिए गए आवश्यक निर्देश
निरीक्षण के दौरान पुलिस ने कोचिंग संचालकों को स्पष्ट निर्देश दिए कि विद्यार्थियों की सुरक्षा से किसी भी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा। सभी संस्थानों को सुरक्षा मानकों का कड़ाई से पालन करने, अग्निशमन उपकरणों को हमेशा उपयोग योग्य रखने तथा आपातकालीन निकास मार्गों को अवरोधमुक्त रखने के निर्देश दिए गए।
किसी कोचिंग सेंटर को नहीं किया गया सील
इस निरीक्षण अभियान के दौरान किसी भी कोचिंग संस्थान को सील नहीं किया गया। हालांकि जिन स्थानों पर सुरक्षा व्यवस्थाओं में कमियां पाई गईं, वहां संचालकों को आवश्यक सुधार करने के निर्देश जारी किए गए हैं। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि भविष्य में भी इस तरह के निरीक्षण अभियान जारी रहेंगे ताकि किसी भी संभावित दुर्घटना से बचा जा सके और विद्यार्थियों को सुरक्षित शिक्षण वातावरण उपलब्ध कराया जा सके।



