
राजधानी रायपुर में साइबर ठगी का एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहां तहसीलदार का व्हाट्सऐप अकाउंट हैक कर लोगों से पैसे मांगने की कोशिश की गई।
🔴 क्या है पूरा मामला?
रायपुर के तहसीलदार राममूर्ति दीवान के व्हाट्सऐप नंबर से अचानक कई लोगों को मैसेज भेजे गए, जिनमें लिखा था:
👉 “2 हजार रुपये भेजना, काम है। 1 घंटे में वापस कर दूंगा।”
यह मैसेज उनके कॉन्टैक्ट्स और कई व्हाट्सऐप ग्रुप्स में भेजा गया, जिससे लोगों को शक हुआ।

📱 कैसे हुआ खुलासा?
- कुछ ही देर में तहसीलदार के पास लगातार कॉल और मैसेज आने लगे
- लोगों ने पैसों के बारे में पूछना शुरू किया
- तब उन्हें पता चला कि उनका व्हाट्सऐप अकाउंट हैक हो चुका है
⚠️ ठगों की चाल
- ठगों ने लोगों को QR कोड (बारकोड) भेजकर पैसे ट्रांसफर करने को कहा
- यह अकाउंट कथित तौर पर “चंद्रकांत एंड कंपनी” के नाम से रजिस्टर्ड बताया जा रहा है
- उद्देश्य था भरोसे का फायदा उठाकर लोगों से पैसे ऐंठना
🚓 क्या कार्रवाई हुई?
- तहसीलदार ने तुरंत पुलिस में शिकायत दर्ज कराई
- एक्सपर्ट की मदद से अपना व्हाट्सऐप री-इंस्टॉल और सुरक्षित किया
- अपने स्टेटस पर स्पष्ट लिखा कि:
👉 “मेरा व्हाट्सऐप हैक हो गया है, कोई भी पैसे न भेजें।”
🛑 लोगों के लिए चेतावनी
यह घटना बताती है कि साइबर ठग अब सरकारी अधिकारियों के नाम का भी इस्तेमाल कर रहे हैं। ऐसे में सावधानी बेहद जरूरी है:
- किसी भी पैसे मांगने वाले मैसेज पर तुरंत भरोसा न करें
- पहले संबंधित व्यक्ति को कॉल कर पुष्टि करें
- अनजान QR कोड या लिंक पर कभी भी पैसे ट्रांसफर न करें
🔍 कुल मिलाकर
यह मामला साइबर फ्रॉड के बढ़ते खतरे को उजागर करता है। समय रहते सतर्कता और जागरूकता ही ऐसे ठगों से बचने का सबसे बड़ा उपाय है।



