Purple Style Labs IPO: 575 रुपये का शेयर, 34 रुपये GMP से 5.9% Listing Gain का संकेत; बढ़ते घाटे और कर्ज ने बढ़ाई चिंता

Business Desk। प्रीमियम फैशन और Luxury Lifestyle सेगमेंट में कारोबार करने वाली Purple Style Labs का IPO 31 अगस्त 2026 को खुलने जा रहा है। कंपनी इस इश्यू के जरिए 680 करोड़ रुपये जुटाने की तैयारी में है। IPO में निवेशक 2 सितंबर तक बोली लगा सकेंगे। कंपनी ने शेयर का Price Band 546 रुपये से 575 रुपये प्रति शेयर तय किया है।
IPO को लेकर ग्रे मार्केट में फिलहाल 34 रुपये का GMP बताया जा रहा है। अपर प्राइस बैंड 575 रुपये में यदि 34 रुपये GMP जोड़ा जाए तो संभावित लिस्टिंग कीमत करीब 609 रुपये बनती है। यानी अपर बैंड के मुकाबले करीब 5.9% Listing Gain का संकेत मिल रहा है।
हालांकि, इस IPO की तस्वीर सिर्फ GMP और संभावित लिस्टिंग मुनाफे तक सीमित नहीं है। कंपनी की आय बढ़ने के बावजूद घाटा, कर्ज और Negative Net Worth जैसे आंकड़े निवेशकों के लिए चिंता का विषय हैं। ऐसे में IPO में पैसा लगाने से पहले कंपनी के बिजनेस मॉडल और वित्तीय स्थिति को समझना जरूरी है।

680 करोड़ रुपये का पूरा IPO Fresh Issue
Purple Style Labs का IPO पूरी तरह Fresh Issue है। यानी कंपनी इस इश्यू में नए शेयर जारी करके करीब 680 करोड़ रुपये जुटाएगी।
कंपनी करीब 1.18 करोड़ नए शेयर जारी करने की योजना में है। चूंकि यह पूरा इश्यू Fresh Issue है, इसलिए IPO से मिलने वाली रकम सीधे कंपनी के पास जाएगी। इसका इस्तेमाल कंपनी की सब्सिडियरी में निवेश, सेल्स एवं मार्केटिंग और अन्य कॉरपोरेट जरूरतों के लिए किया जाएगा।
Fresh Issue होने का एक फायदा यह है कि IPO से जुटाई गई पूंजी कंपनी के कारोबार में इस्तेमाल होगी। हालांकि, निवेशकों को यह भी देखना चाहिए कि कंपनी इस पूंजी का इस्तेमाल किस तरह करती है और क्या इससे भविष्य में मुनाफे में सुधार हो पाता है।
546 से 575 रुपये है Price Band
कंपनी ने IPO के लिए 546 से 575 रुपये प्रति शेयर का Price Band तय किया है।
ऊपरी प्राइस बैंड यानी 575 रुपये के हिसाब से एक लॉट में 26 शेयर होंगे। इस हिसाब से Retail Investor के लिए एक लॉट खरीदने के लिए न्यूनतम निवेश:
575 × 26 = 14,950 रुपये
यानी अपर प्राइस बैंड पर रिटेल निवेशक को कम से कम 14,950 रुपये लगाने होंगे।
IPO की अहम तारीखें
Purple Style Labs IPO से जुड़ी प्रमुख तारीखें इस प्रकार हैं:
| विवरण | तारीख |
|---|---|
| IPO खुलने की तारीख | 31 अगस्त 2026 |
| IPO बंद होने की तारीख | 2 सितंबर 2026 |
| शेयर अलॉटमेंट | 3 सितंबर 2026 |
| NSE/BSE पर संभावित लिस्टिंग | 7 सितंबर 2026 |
| Price Band | 546-575 रुपये |
| Lot Size | 26 शेयर |
| अधिकतम Retail निवेश | 10% हिस्सा |
अंतिम तारीख के बाद शेयर अलॉटमेंट की प्रक्रिया पूरी होगी और सफल निवेशकों के डीमैट अकाउंट में शेयर क्रेडिट किए जाएंगे।
QIB के लिए 75%, Retail Investors के लिए 10%
IPO में संस्थागत निवेशकों को सबसे बड़ा हिस्सा दिया गया है। Qualified Institutional Buyers यानी QIB के लिए कम से कम 75% हिस्सा आरक्षित है।
वहीं Retail Investors के लिए अधिकतम 10% और Non-Institutional Investors यानी NII के लिए अधिकतम 15% हिस्सा रखा गया है।
इस तरह इश्यू का बड़ा हिस्सा संस्थागत निवेशकों के लिए रखा गया है। IPO की वास्तविक मांग का अंदाजा सब्सक्रिप्शन के दौरान अलग-अलग कैटेगरी में आने वाली बोलियों से लगेगा।
Pernia’s Pop-Up Shop के जरिए Luxury Fashion Business
Purple Style Labs की स्थापना अगस्त 2015 में हुई थी। कंपनी खुद को Multi-Brand Luxury Omnichannel Fashion Platform के रूप में संचालित करती है।
कंपनी का प्रमुख ब्रांड Pernia’s Pop-Up Shop (PPUS) है। इसके माध्यम से महिलाओं और पुरुषों के कपड़े, ज्वेलरी, एक्सेसरीज और बच्चों के फैशन प्रोडक्ट्स बेचे जाते हैं।
कंपनी का खास फोकस Wedding और Special Occasion Luxury Fashion पर है। यानी शादी, पार्टी और विशेष अवसरों के लिए प्रीमियम डिजाइनर फैशन उत्पाद इसका प्रमुख बाजार है।
1,109 Active Designer Brands प्लेटफॉर्म पर
कंपनी के मुताबिक 31 मार्च 2026 तक उसके प्लेटफॉर्म पर 1,109 Active Designer Brands मौजूद थे।
इनमें कई चर्चित डिजाइनरों के नाम शामिल हैं, जैसे—
- सीमा गुजराल
- अनुष्री रेड्डी
- अमित अग्रवाल
- रोहित गांधी एंड राहुल खन्ना
इस तरह कंपनी केवल अपने ब्रांड के उत्पाद बेचने के बजाय कई डिजाइनरों और फैशन लेबल को एक ही प्लेटफॉर्म पर ग्राहकों तक पहुंचाती है।
भारत के साथ London और New York में भी Experience Centres
Purple Style Labs के पास 14 Experience Centres हैं। इनमें 12 भारत में हैं, जबकि London और New York में एक-एक Experience Centre मौजूद है।
यह कंपनी के Omnichannel Business Model का हिस्सा है, जहां ग्राहक ऑनलाइन प्लेटफॉर्म के साथ-साथ फिजिकल स्टोर और एक्सपीरियंस सेंटर के जरिए भी प्रोडक्ट्स तक पहुंच सकते हैं।
Luxury Fashion में ग्राहकों को कपड़े और डिजाइन देखने, ट्रायल करने और व्यक्तिगत अनुभव प्राप्त करने की जरूरत होती है। ऐसे में Experience Centres कंपनी के बिजनेस मॉडल में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
आय बढ़ी, लेकिन घाटा भी बढ़ा
Purple Style Labs IPO में सबसे महत्वपूर्ण पहलू कंपनी की वित्तीय स्थिति है। कंपनी की आय में वृद्धि हुई है, लेकिन इसके साथ घाटे में भी बड़ा इजाफा हुआ है।
FY2026 में कंपनी की कुल आय 567.07 करोड़ रुपये रही, जबकि FY2025 में यह करीब 494 करोड़ रुपये थी।
यानी कंपनी के कारोबार में वृद्धि हुई है। लेकिन मुनाफे के बजाय घाटा बढ़ना निवेशकों के लिए चिंता का विषय है।
PAT Loss 285.40 करोड़ रुपये पहुंचा
वित्त वर्ष 2026 में कंपनी का PAT घाटा 285.40 करोड़ रुपये रहा। इससे एक साल पहले FY2025 में यह घाटा 188.38 करोड़ रुपये था।
यानी एक साल में कंपनी का घाटा काफी बढ़ गया।
इसे आसान भाषा में समझें तो कंपनी की बिक्री/आय बढ़ रही है, लेकिन खर्च और अन्य वित्तीय दबाव इतने ज्यादा हैं कि कंपनी अभी भी बड़े घाटे में चल रही है।
EBITDA भी घटा
कंपनी का EBITDA भी FY2025 के 41.99 करोड़ रुपये से घटकर FY2026 में 30.37 करोड़ रुपये रह गया।
यह संकेत देता है कि ऑपरेशनल स्तर पर भी कंपनी की स्थिति में सुधार नहीं हुआ है, जबकि उसकी कुल आय बढ़ी है।
निवेशकों के लिए यह आंकड़ा महत्वपूर्ण है क्योंकि केवल Revenue Growth को देखकर कंपनी के प्रदर्शन को मजबूत नहीं माना जा सकता। कंपनी के खर्च और ऑपरेशनल क्षमता को भी देखना जरूरी है।
कर्ज 371 करोड़ रुपये के पार
कंपनी की कुल उधारी में भी बड़ा इजाफा हुआ है।
- FY2025: 112.79 करोड़ रुपये
- FY2026: 371.40 करोड़ रुपये
यानी एक साल में कंपनी की उधारी काफी बढ़ गई।
बढ़ता कर्ज कंपनी पर ब्याज और पुनर्भुगतान का दबाव बढ़ा सकता है। खासकर ऐसी कंपनी के लिए जो अभी बड़े घाटे में है, Debt Level निवेशकों के लिए महत्वपूर्ण Risk Factor बन जाता है।
Net Worth भी हो गई Negative
कंपनी की वित्तीय स्थिति में सबसे अहम चिंताओं में से एक उसका Net Worth आंकड़ा है।
FY2025 में कंपनी की Net Worth 117.50 करोड़ रुपये पॉजिटिव थी। लेकिन FY2026 में यह घटकर 52.28 करोड़ रुपये Negative हो गई।
यानी कंपनी की वित्तीय स्थिति में एक साल के भीतर बड़ा बदलाव आया है।
इसी वजह से निवेशकों को केवल IPO का GMP देखकर फैसला लेने के बजाय कंपनी की Balance Sheet और भविष्य की कमाई की क्षमता का भी अध्ययन करना चाहिए।
IPO का पैसा कहां इस्तेमाल होगा?
कंपनी IPO से जुटाई गई रकम का बड़ा हिस्सा अपनी पूर्ण स्वामित्व वाली सब्सिडियरी PSL Retail में निवेश करेगी।
करीब 371.13 करोड़ रुपये PSL Retail में निवेश किए जाएंगे। इसका इस्तेमाल भारत में Experience Centres और Back-End Office से जुड़ी Lease Liabilities के खर्च में किया जाएगा।
इसके अलावा करीब 138.90 करोड़ रुपये Sales और Marketing पर खर्च किए जाएंगे।
बाकी रकम का इस्तेमाल General Corporate Purposes के लिए किया जाएगा।
इससे साफ है कि कंपनी IPO के जरिए जुटाई गई पूंजी का इस्तेमाल अपने मौजूदा कारोबार के विस्तार, स्टोर/एक्सपीरियंस सेंटर से जुड़े खर्च और ब्रांड की बिक्री एवं मार्केटिंग बढ़ाने के लिए करना चाहती है।
34 रुपये GMP से Listing Gain का अनुमान
IPO से पहले ग्रे मार्केट में Purple Style Labs का GMP करीब 34 रुपये बताया जा रहा है।
अगर Upper Price Band यानी 575 रुपये में 34 रुपये GMP जोड़ें:
575 + 34 = 609 रुपये
इस हिसाब से अनुमानित लिस्टिंग कीमत करीब 609 रुपये बनती है।
अपर प्राइस बैंड से संभावित लाभ:
609 – 575 = 34 रुपये प्रति शेयर
प्रतिशत में यह करीब 5.9% बैठता है।
अगर कोई निवेशक एक लॉट यानी 26 शेयर अपर बैंड पर लेता है, तो 34 रुपये प्रति शेयर के अनुमानित GMP के आधार पर संभावित लिस्टिंग प्रॉफिट करीब:
34 × 26 = 884 रुपये
हो सकता है।
लेकिन यह केवल अनुमान है। GMP आधिकारिक आंकड़ा नहीं होता और लिस्टिंग से पहले इसमें तेजी से बदलाव हो सकता है। वास्तविक लिस्टिंग प्राइस 609 रुपये से ऊपर या नीचे हो सकती है।
GMP देखकर निवेश का फैसला करना कितना सही?
IPO में निवेश करने वाले कई लोग सबसे पहले GMP देखते हैं। लेकिन Purple Style Labs के मामले में केवल GMP को आधार बनाना जोखिम भरा हो सकता है।
कंपनी के सामने एक तरफ Luxury Fashion Market, Designer Brands और बढ़ती आय जैसी सकारात्मक बातें हैं। दूसरी तरफ कंपनी का बढ़ता घाटा, बढ़ता कर्ज और Negative Net Worth गंभीर जोखिम संकेत हैं।
इसलिए निवेशकों को यह देखना होगा कि कंपनी भविष्य में अपने घाटे को किस तरह कम करती है और क्या IPO से मिलने वाली पूंजी उसके कारोबार को वास्तव में मजबूत कर पाएगी।
IPO के Lead Manager और Registrar
Purple Style Labs IPO के Book Running Lead Manager Axis Capital Limited हैं।
वहीं IPO के Registrar KFin Technologies Limited हैं।
IPO प्रक्रिया में Lead Manager इश्यू के प्रबंधन और संबंधित प्रक्रियाओं में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है, जबकि Registrar निवेशकों के आवेदन, अलॉटमेंट और शेयर क्रेडिट जैसी प्रक्रियाओं को संभालता है।
निवेशकों के लिए Positive Points
Purple Style Labs IPO में कुछ सकारात्मक पहलू भी हैं:
- Luxury Fashion और Premium Lifestyle Segment में कारोबार
- Pernia’s Pop-Up Shop जैसा स्थापित प्लेटफॉर्म
- 1,109 Active Designer Brands का नेटवर्क
- भारत के साथ London और New York में Experience Centres
- FY2026 में Revenue बढ़कर 567.07 करोड़ रुपये
- IPO से मिलने वाली पूरी रकम कंपनी को प्राप्त होगी
- Expansion और Sales & Marketing के लिए पूंजी का इस्तेमाल
किन बातों से सावधान रहें?
वहीं निवेशकों को इन जोखिमों पर भी ध्यान देना चाहिए:
- FY2026 में 285.40 करोड़ रुपये का PAT Loss
- पिछले साल के मुकाबले घाटे में वृद्धि
- EBITDA में गिरावट
- कुल उधारी बढ़कर 371.40 करोड़ रुपये
- Net Worth का Positive से Negative होना
- Luxury Fashion Segment में प्रतिस्पर्धा
- IPO के बाद कंपनी को अपनी पूंजी का प्रभावी इस्तेमाल करना होगा
- GMP अनऑफिशियल है और बदल सकता है
Purple Style Labs IPO: पूरा गणित एक नजर में
| पैरामीटर | जानकारी |
|---|---|
| IPO Size | 680 करोड़ रुपये |
| Issue Type | पूरी तरह Fresh Issue |
| Price Band | 546-575 रुपये |
| Lot Size | 26 शेयर |
| न्यूनतम निवेश | 14,950 रुपये |
| GMP | करीब 34 रुपये |
| अनुमानित Listing Price | करीब 609 रुपये |
| संभावित Listing Gain | करीब 5.9% |
| IPO Opening | 31 अगस्त 2026 |
| IPO Closing | 2 सितंबर 2026 |
| संभावित Allotment | 3 सितंबर 2026 |
| संभावित Listing | 7 सितंबर 2026 |
| QIB हिस्सा | कम से कम 75% |
| Retail हिस्सा | अधिकतम 10% |
| NII हिस्सा | अधिकतम 15% |
निष्कर्ष
Purple Style Labs IPO एक तरफ तेजी से बढ़ते Luxury Fashion और Lifestyle बाजार में कंपनी की मौजूदगी के कारण आकर्षक नजर आता है। कंपनी के पास Pernia’s Pop-Up Shop के जरिए बड़ा Designer Network और भारत के साथ अंतरराष्ट्रीय बाजारों में Experience Centres का नेटवर्क है। FY2026 में कंपनी की आय बढ़ना भी सकारात्मक संकेत है।
लेकिन दूसरी तरफ 285.40 करोड़ रुपये का बढ़ता घाटा, 371.40 करोड़ रुपये की उधारी और 52.28 करोड़ रुपये की Negative Net Worth को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता।
34 रुपये का GMP अपर प्राइस बैंड से करीब 5.9% संभावित Listing Gain का संकेत जरूर देता है, लेकिन GMP की कोई गारंटी नहीं होती। इसलिए इस IPO में निवेश का फैसला केवल ग्रे मार्केट प्रीमियम देखकर नहीं, बल्कि कंपनी के Financial Performance, Debt, Valuation, Business Growth और Risk Factors को ध्यान में रखकर करना बेहतर होगा।



