पीएम श्री स्कूल में छात्रों का हल्लाबोल, विवादित प्राचार्य की बहाली का आदेश निरस्त

गरियाबंद के पीएम श्री स्वामी आत्मानंद हिंदी मीडियम स्कूल में विवादित प्राचार्य की पुनः पदस्थापना को लेकर बड़ा विवाद खड़ा हो गया। छात्रों, स्टाफ और प्रशासन के बीच यह मामला इतना बढ़ गया कि छात्रों को कलेक्टोरेट का घेराव करना पड़ा और अंततः प्रशासन को आदेश निरस्त करना पड़ा। पूरे मामले को विस्तार से समझिए—
1. छात्रों का कलेक्टोरेट घेराव और विरोध प्रदर्शन
गरियाबंद के पीएम श्री स्वामी आत्मानंद हिंदी मीडियम स्कूल के करीब 400 छात्र-छात्राओं ने प्राचार्य वंदना पाण्डेय के खिलाफ मोर्चा खोल दिया।
- छात्र “प्राचार्य हटाओ” की तख्तियां लेकर कलेक्टोरेट पहुंचे।
- उन्होंने कलेक्टोरेट के मुख्य गेट पर बैठकर जोरदार नारेबाजी की।
- छात्रों ने एडीएम पंकज डहारे को एक हस्तलिखित ज्ञापन सौंपा।

छात्रों ने लगाए ये गंभीर आरोप
छात्रों ने ज्ञापन में प्राचार्य पर कई गंभीर आरोप लगाए, जैसे—
- मानसिक रूप से प्रताड़ित करना
- एडमिशन के लिए अधिक पैसे लेना
- प्रैक्टिकल में जानबूझकर नंबर काटना
- बार-बार अनावश्यक मीटिंग लेकर पढ़ाई प्रभावित करना
- स्कूल का माहौल खराब करना

एडीएम पंकज डहारे ने छात्रों को आश्वासन दिया कि मामले की जांच कर 2-3 दिनों में उचित निर्णय लिया जाएगा।
2. प्रशासन ने तुरंत बहाली आदेश किया निरस्त
छात्रों के भारी विरोध और स्थिति की गंभीरता को देखते हुए प्रशासन ने तुरंत कार्रवाई की।
- प्राचार्य की पुनः पदस्थापना का आदेश तुरंत प्रभाव से निरस्त कर दिया गया।
- प्रशासन ने माना कि स्थिति की सही जानकारी पहले नहीं मिलने के कारण यह निर्णय हुआ।
- डीईओ द्वारा प्रशासन को समय पर अवगत नहीं कराने पर भी सवाल उठे।
3. पहले क्यों किया गया था निलंबन
प्राचार्य वंदना पाण्डेय को पहले गंभीर अनियमितताओं के कारण निलंबित किया गया था।
- 31 जनवरी 2025 को शिक्षा सचिव के औचक निरीक्षण में स्कूल में कई अनियमितताएं पाई गईं।
- इसके आधार पर 17 अक्टूबर 2025 को मंत्रालय ने उन्हें निलंबित कर दिया।
- हालांकि, कार्रवाई में लगभग 10 महीने का समय लगा।
4. विवादित तरीके से फिर की गई बहाली
सबसे बड़ा विवाद उनकी पुनः पदस्थापना को लेकर हुआ।
- 29 जनवरी 2026 को प्रशासनिक आवश्यकता का हवाला देकर उन्हें बहाल कर दिया गया।
- लेकिन नियम के अनुसार, निलंबित अधिकारी को उसी संस्थान में वापस उसी पद पर पदस्थ नहीं किया जा सकता।
- इसके बावजूद उन्हें उसी स्कूल में वापस भेज दिया गया।
इस फैसले से स्कूल का माहौल और तनावपूर्ण हो गया।
5. स्कूल स्टाफ भी था विरोध में
केवल छात्र ही नहीं, स्कूल का स्टाफ भी प्राचार्य के खिलाफ था।
- 5 फरवरी 2026 को स्कूल के 28 स्टाफ सदस्यों ने डीईओ को लिखित शिकायत दी।
- उन्होंने प्राचार्य को अन्यत्र पदस्थ करने की मांग की।
- लेकिन 5 दिनों तक कोई कार्रवाई नहीं हुई, जिसके बाद छात्रों ने आंदोलन शुरू कर दिया।
6. शिक्षकों का वीडियो वायरल होने से बढ़ा विवाद
मामला तब और सुर्खियों में आया जब स्कूल के शिक्षकों के वीडियो वायरल हुए।
- वायरल वीडियो में शिक्षक रील बनाते नजर आए।
- शिक्षकों का कहना था कि उन्होंने स्कूल के कार्यक्रम के बाद रील बनाई थी।
- आरोप है कि यह वीडियो प्राचार्य द्वारा दुर्भावना से वायरल कराया गया।
इस घटना से स्कूल का माहौल दो गुटों में बंट गया।
7. वर्तमान स्थिति
- प्रशासन ने प्राचार्य की बहाली का आदेश निरस्त कर दिया है।
- मामले की जांच जारी है।
- छात्रों और स्टाफ दोनों की शिकायतों की जांच की जाएगी।
- जांच के बाद आगे की कार्रवाई तय होगी।
निष्कर्ष
यह मामला प्रशासनिक निर्णय, नियमों की अनदेखी और स्कूल के अंदर लंबे समय से चल रहे विवाद का परिणाम है। छात्रों और स्टाफ के विरोध के बाद प्रशासन को तत्काल आदेश निरस्त करना पड़ा। अब पूरे मामले की जांच के बाद अंतिम फैसला लिया जाएगा।



