पिपलावंड में खदानों के खिलाफ ग्रामीणों का उबाल, लोक सुनवाई में अधिकारियों का घेराव, आंदोलन की चेतावनी

जगदलपुर।
बस्तर ब्लॉक के पिपलावंड क्षेत्र में संचालित 14 खदानों को लेकर ग्रामीणों का गुस्सा अब खुलकर सामने आ गया है। खनन से हो रही लगातार ब्लास्टिंग, पर्यावरणीय नुकसान और जनजीवन पर पड़ रहे दुष्प्रभाव के विरोध में आयोजित लोक सुनवाई के दौरान ग्रामीणों ने जमकर हंगामा किया और मौके पर पहुंचे प्रशासनिक अधिकारियों का घेराव कर लिया।
💥 ब्लास्टिंग से घरों में दरार, छतें टूटीं
ग्रामीणों का आरोप है कि खदानों में लगातार की जा रही तेज ब्लास्टिंग के कारण—
- घरों की दीवारों में गहरी दरारें आ गई हैं
- कई मकानों की छतें क्षतिग्रस्त हो चुकी हैं
- खेतों की उपज पर असर पड़ा है और खेती प्रभावित हो रही है
- पेयजल स्रोत दूषित हो गए हैं, जिससे स्वास्थ्य संकट गहराता जा रहा है
ग्रामीणों ने बताया कि इन समस्याओं को लेकर वे कई बार प्रशासन से शिकायत कर चुके हैं, लेकिन आज तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई।

🗣️ लोक सुनवाई में फूटा आक्रोश
लोक सुनवाई में अपर कलेक्टर, एसडीएम, तहसीलदार और खनिज विभाग के अधिकारी मौजूद थे। ग्रामीणों का आरोप है कि अधिकारियों ने उनकी बातों को गंभीरता से नहीं सुना, जिससे नाराज ग्रामीणों ने अधिकारियों का घेराव कर लिया।
स्थिति उस समय और बिगड़ गई जब ग्रामीणों और प्रशासन के बीच तीखी नोकझोंक शुरू हो गई। हालात तनावपूर्ण होते देख मौके पर पुलिस को हस्तक्षेप करना पड़ा, ताकि स्थिति को नियंत्रण में रखा जा सके।
⚠️ नियमों के उल्लंघन और मिलीभगत का आरोप
ग्रामीणों ने खदान संचालकों पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि—
- खनन कार्य खनन नियमों का खुला उल्लंघन कर किया जा रहा है
- प्रशासन और उद्योगपतियों के बीच मिलीभगत है
- जिन खसरा नंबरों पर खदानें संचालित हैं, उसी भूमि पर ग्रामीणों के घर बने हुए हैं
ग्रामीणों का दावा है कि खदानों की स्थापना और उन्हें दी गई सहमति को लेकर प्रशासन और ग्रामीणों के दावे पूरी तरह आमने-सामने हैं।
🚨 आंदोलन की चेतावनी
ग्रामीणों ने दो टूक शब्दों में चेतावनी दी है कि यदि—
- खनन पर रोक
- प्रभावित परिवारों को मुआवजा
- सुरक्षित ब्लास्टिंग और पर्यावरण संरक्षण
- पेयजल व आवास की सुरक्षा
जैसे मुद्दों पर स्थायी समाधान नहीं निकाला गया, तो वे बड़े जन आंदोलन का रास्ता अपनाएंगे।
📌 फिलहाल हालात तनावपूर्ण
पिपलावंड क्षेत्र में खदानों को लेकर फिलहाल तनावपूर्ण माहौल बना हुआ है। प्रशासन स्थिति पर नजर बनाए हुए है, वहीं ग्रामीण अपने हक की लड़ाई के लिए एकजुट नजर आ रहे हैं। आने वाले दिनों में इस मामले पर प्रशासन की कार्रवाई और निर्णय पर सबकी निगाहें टिकी हैं।



