
छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने निजी स्कूलों की मनमानी को लेकर सख्त रुख अपनाते हुए स्पष्ट कहा है कि प्रदेश में इस तरह की किसी भी गतिविधि को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
क्या कहा मुख्यमंत्री ने?
रायपुर में मीडिया से बातचीत के दौरान मुख्यमंत्री ने कहा कि कई जगहों से निजी स्कूलों द्वारा फीस बढ़ाने, किताब-कॉपी और यूनिफॉर्म को लेकर दबाव बनाने जैसी शिकायतें मिल रही हैं। उन्होंने अभिभावकों को भरोसा दिलाया कि सरकार इस मामले को गंभीरता से ले रही है।

अभिभावकों को राहत का संदेश
मुख्यमंत्री ने कहा कि अभिभावक निश्चिंत रहें—
- किसी भी तरह का अनावश्यक आर्थिक बोझ उन पर नहीं डाला जाएगा
- स्कूलों द्वारा जबरन फीस वसूली या दबाव स्वीकार नहीं किया जाएगा
- यदि कोई स्कूल नियमों का उल्लंघन करता है, तो उस पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी
शिकायत मिलने पर क्या होगा?
मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि:
- जैसे ही किसी स्कूल के खिलाफ शिकायत मिलेगी, उसकी जांच कराई जाएगी
- नियमों का उल्लंघन पाए जाने पर संबंधित स्कूल के खिलाफ सख्त प्रशासनिक कार्रवाई होगी
- जरूरत पड़ने पर मान्यता या अन्य कानूनी कार्रवाई भी की जा सकती है
सरकार की प्राथमिकता क्या है?
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि राज्य सरकार का उद्देश्य है:
- शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता बनाए रखना
- अभिभावकों और स्कूलों के बीच संतुलन कायम करना
- बच्चों की पढ़ाई बिना किसी दबाव और तनाव के सुनिश्चित करना
कुल मिलाकर
सरकार ने साफ संदेश दिया है कि शिक्षा के नाम पर किसी भी प्रकार की मनमानी या व्यापारिक मानसिकता को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। अभिभावकों को राहत देने और शिक्षा व्यवस्था को संतुलित रखने के लिए सरकार लगातार निगरानी कर रही है।



