NEET पेपर लीक आंदोलन पर पुलिस का बड़ा एक्शन, विधायक देवेंद्र यादव समेत NSUI नेताओं पर FIR…

बिलासपुर में NEET पेपर लीक मामले को लेकर हुए NSUI और कांग्रेस के विरोध प्रदर्शन के बाद पुलिस ने भिलाई नगर के विधायक Devendra Yadav, NSUI के राष्ट्रीय अध्यक्ष Vinod Jakhar, प्रदेश अध्यक्ष Neeraj Pandey, जिला शहर अध्यक्ष Siddhanshu Mishra समेत कई नेताओं और कार्यकर्ताओं के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है। इस कार्रवाई के बाद प्रदेश की राजनीति में नया विवाद खड़ा हो गया है।
क्या है पूरा मामला?
3 जून को NSUI और कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने NEET पेपर लीक के विरोध में प्रदर्शन आयोजित किया था। प्रदर्शनकारी केंद्रीय राज्य मंत्री Tokhan Sahu के निवास का घेराव करने निकले थे। पुलिस ने उन्हें मंत्री के बंगले तक पहुंचने से रोक दिया। इसके बाद प्रदर्शनकारी कलेक्ट्रेट की ओर बढ़ गए, जहां बड़ी संख्या में कार्यकर्ताओं की मौजूदगी के कारण स्थिति तनावपूर्ण हो गई।
पुलिस का कहना है कि प्रदर्शन के दौरान सड़क पर अवरोध उत्पन्न हुआ, यातायात प्रभावित हुआ और कानून-व्यवस्था बिगड़ने की आशंका पैदा हुई। इसी आधार पर पुलिस ने मामला दर्ज किया है।

किन धाराओं में दर्ज हुई एफआईआर?
पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता (BNS) की निम्न धाराओं के तहत केस दर्ज किया है—
- धारा 126(2) – शांति भंग करने या सार्वजनिक व्यवस्था प्रभावित करने से संबंधित प्रावधान।
- धारा 190 – गैरकानूनी जमावड़े से जुड़े अपराध।
- धारा 191(2) – अवैध सभा में शामिल होने से संबंधित प्रावधान।
- धारा 292 – सार्वजनिक मार्ग या यातायात में बाधा उत्पन्न करना।
- धारा 293 – सार्वजनिक व्यवस्था और आवागमन में व्यवधान से जुड़े अपराध।
प्रदर्शन के दौरान क्या हुआ था?
प्रत्यक्षदर्शियों और पुलिस के अनुसार, कार्यकर्ताओं को मंत्री आवास की ओर जाने से रोका गया तो उन्होंने विरोध तेज कर दिया। इसके बाद पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच धक्का-मुक्की की स्थिति बनी। इसी दौरान कई कार्यकर्ताओं को हिरासत में लिया गया था। बाद में विपक्ष ने आरोप लगाया कि शांतिपूर्ण प्रदर्शन पर पुलिस ने बल प्रयोग किया।
कांग्रेस और NSUI का रुख
कांग्रेस और NSUI नेताओं का कहना है कि वे NEET पेपर लीक जैसे राष्ट्रीय मुद्दे पर छात्रों की आवाज उठा रहे थे। उनका आरोप है कि सरकार विरोध को दबाने के लिए राजनीतिक प्रतिशोध की भावना से कार्रवाई कर रही है। वहीं पुलिस का दावा है कि कार्रवाई पूरी तरह कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए की गई है।
राजनीतिक असर
- विपक्ष इस एफआईआर को लोकतांत्रिक अधिकारों पर हमला बताकर सरकार को घेर सकता है।
- कांग्रेस प्रदेश नेतृत्व इस मुद्दे को राज्यव्यापी आंदोलन का रूप दे सकता है।
- दूसरी ओर सरकार और पुलिस प्रशासन कानून-व्यवस्था बनाए रखने की दलील दे रहे हैं।
- आने वाले दिनों में इस मामले पर राजनीतिक बयानबाजी और तेज होने की संभावना है।
यह मामला अब केवल NEET पेपर लीक विरोध प्रदर्शन तक सीमित नहीं रह गया है, बल्कि छात्र राजनीति, विपक्षी आंदोलन और प्रशासनिक कार्रवाई के बीच बड़ा राजनीतिक मुद्दा बनता दिखाई दे रहा है।



