मुख्यमंत्री ने संसदीय संकुल विकास परियोजना मिनवाखाड़ पर आधारित पुस्तक का विमोचन किया…

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने ‘संसदीय संकुल विकास परियोजना मिनवाखाड़’ पर आधारित पुस्तक का किया विमोचन, क्षेत्र के विकास की तस्वीर को सामने लाती है पुस्तक
रायपुर। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने सोमवार को अपने निवास कार्यालय में ‘संसदीय संकुल विकास परियोजना मिनवाखाड़’ पर आधारित पुस्तक का विमोचन किया। यह पुस्तक परियोजना के माध्यम से क्षेत्र में किए जा रहे विकास कार्यों, स्थानीय जरूरतों और ग्रामीण अंचलों में विकास की संभावनाओं को सामने लाने का महत्वपूर्ण प्रयास मानी जा रही है।

पुस्तक विमोचन के अवसर पर कृषि एवं आदिम जाति विकास मंत्री श्री रामविचार नेताम और विधायक श्री प्रबोध मिंज भी मौजूद रहे। इस दौरान मुख्यमंत्री ने पुस्तक के प्रकाशन से जुड़े प्रयासों की सराहना की और कहा कि किसी भी क्षेत्र के समग्र विकास के लिए स्थानीय परिस्थितियों, संसाधनों और लोगों की आवश्यकताओं को ध्यान में रखकर योजनाओं को आगे बढ़ाना जरूरी है।
विकास परियोजना के जरिए ग्रामीण क्षेत्रों पर फोकस
‘संसदीय संकुल विकास परियोजना मिनवाखाड़’ को ग्रामीण और आदिवासी क्षेत्रों में विकास की गतिविधियों को गति देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल के रूप में देखा जा रहा है। परियोजना के माध्यम से क्षेत्र की बुनियादी आवश्यकताओं, कृषि, शिक्षा, आजीविका और अन्य विकास से जुड़े पहलुओं को बेहतर बनाने की दिशा में काम किए जाने की जानकारी सामने आती है।
पुस्तक में परियोजना से जुड़े विभिन्न पहलुओं और विकास की प्रक्रिया को दस्तावेज के रूप में प्रस्तुत किया गया है। इससे न केवल परियोजना की जानकारी लोगों तक पहुंचाने में मदद मिलेगी, बल्कि क्षेत्र के विकास कार्यों को समझने के लिए भी यह पुस्तक उपयोगी संदर्भ बन सकती है।
आदिवासी और ग्रामीण विकास को प्राथमिकता
छत्तीसगढ़ के कई हिस्सों में बड़ी संख्या में ग्रामीण और आदिवासी आबादी निवास करती है। ऐसे क्षेत्रों में विकास को आगे बढ़ाने के लिए सड़क, शिक्षा, स्वास्थ्य, कृषि, रोजगार और बुनियादी सुविधाओं को मजबूत करना महत्वपूर्ण है। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व वाली राज्य सरकार भी ग्रामीण और आदिवासी क्षेत्रों के विकास पर लगातार जोर दे रही है।
मिनवाखाड़ परियोजना से संबंधित पुस्तक के विमोचन को इसी व्यापक विकास दृष्टिकोण से जोड़कर देखा जा रहा है। पुस्तक के माध्यम से परियोजना की अवधारणा, कार्यों और उसके संभावित प्रभावों को व्यवस्थित तरीके से प्रस्तुत करने का प्रयास किया गया है।
कृषि और आजीविका से जुड़े पहलुओं पर भी जोर
कृषि छत्तीसगढ़ के ग्रामीण क्षेत्रों की अर्थव्यवस्था का प्रमुख आधार है। ऐसे में ग्रामीण विकास की योजनाओं में कृषि और किसानों की आय बढ़ाने से जुड़े प्रयासों की अहम भूमिका रहती है। परियोजना से जुड़े दस्तावेज में क्षेत्र की स्थानीय परिस्थितियों और विकास की आवश्यकताओं को सामने लाने से भविष्य की योजनाओं के लिए भी आधार तैयार हो सकता है।
मंत्री श्री रामविचार नेताम की मौजूदगी भी इस अवसर को विशेष बनाती है, क्योंकि उनके विभाग से जुड़े विषयों में कृषि के साथ-साथ आदिवासी क्षेत्रों के विकास और कल्याण का महत्वपूर्ण स्थान है।
पुस्तक बनेगी विकास कार्यों का दस्तावेज
किसी विकास परियोजना पर आधारित पुस्तक केवल जानकारी का माध्यम नहीं होती, बल्कि वह उस क्षेत्र में हुए कार्यों और बदलावों का दस्तावेज भी बन सकती है। मिनवाखाड़ परियोजना पर आधारित यह पुस्तक आने वाले समय में परियोजना की प्रगति, उपलब्धियों और क्षेत्र में हुए बदलावों को समझने के लिए उपयोगी साबित हो सकती है।
मुख्यमंत्री निवास कार्यालय में हुए इस विमोचन कार्यक्रम में जनप्रतिनिधियों और विभागीय स्तर पर परियोजना से जुड़े लोगों की मौजूदगी रही। कार्यक्रम के जरिए क्षेत्रीय विकास से संबंधित पहल को व्यापक स्तर पर सामने लाने का संदेश भी दिया गया।



