खेल

मुख्यमंत्री से मिले पूर्व कप्तान कपिल देव, खेल विकास पर हुई विस्तृत चर्चा…

रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय से आज नया रायपुर स्थित मुख्यमंत्री निवास कार्यालय में भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व कप्तान कपिल देव ने सौजन्य मुलाकात की। यह मुलाकात शिष्टाचार भेंट के साथ-साथ प्रदेश में खेल विकास को लेकर गंभीर और सार्थक चर्चा का अवसर बनी।


🎁 पारंपरिक सम्मान

मुख्यमंत्री साय ने कपिल देव का स्वागत करते हुए उन्हें:

  • बेल मेटल से बनी पारंपरिक प्रतिकृति
  • “पुण्यभूमि छत्तीसगढ़” कॉफी टेबल बुक

भेंट कर सम्मानित किया। यह भेंट राज्य की सांस्कृतिक विरासत और पहचान का प्रतीक है।


🏟️ खेल अधोसंरचना और प्रतिभा विकास पर चर्चा

मुलाकात के दौरान दोनों के बीच निम्न प्रमुख विषयों पर विस्तार से बातचीत हुई:

  • प्रदेश में खेल संस्कृति को मजबूत करना
  • आधुनिक खेल अधोसंरचना (Sports Infrastructure) का विकास
  • अंतरराष्ट्रीय स्तर के प्रशिक्षण केंद्रों की स्थापना
  • ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों से प्रतिभाशाली खिलाड़ियों की पहचान और संवर्धन
  • खिलाड़ियों को बेहतर सुविधाएँ और अवसर उपलब्ध कराना

मुख्यमंत्री ने बताया कि राज्य सरकार खेलों के समग्र विकास को प्राथमिकता दे रही है और खिलाड़ियों को राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर आगे बढ़ाने के लिए योजनाबद्ध तरीके से कार्य किया जा रहा है।


📈 सरकार की प्राथमिकताएं

मुख्यमंत्री साय ने कहा:

  • प्रदेश में स्टेडियम, प्रशिक्षण केंद्र और खेल अकादमियों का विस्तार किया जा रहा है।
  • युवा प्रतिभाओं को प्रोत्साहित करने के लिए बेहतर कोचिंग और संसाधन उपलब्ध कराए जा रहे हैं।
  • खेलों को शिक्षा और कैरियर से जोड़ने की दिशा में भी प्रयास किए जा रहे हैं।

उन्होंने दोहराया कि छत्तीसगढ़ में खेलों के लिए अनुकूल वातावरण तैयार करना सरकार की प्रमुख प्राथमिकताओं में शामिल है।


🌟 कपिल देव की सराहना

कपिल देव ने छत्तीसगढ़ में हो रहे सकारात्मक बदलावों की प्रशंसा करते हुए कहा:

  • प्रदेश में सुरक्षा, विश्वास और विकास का माहौल मजबूत हुआ है।
  • ऐसे वातावरण में राज्य की प्रतिभाओं को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय मंच मिल सकता है।
  • छत्तीसगढ़ सुरक्षित, समृद्ध और विकसित राज्य के रूप में आगे बढ़ेगा।

👥 बैठक में मौजूद रहे अधिकारी

इस अवसर पर मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव सुबोध कुमार सिंह भी उपस्थित थे।


📌 निष्कर्ष

यह मुलाकात केवल औपचारिक नहीं रही, बल्कि खेलों के दीर्घकालिक विकास और युवा खिलाड़ियों के भविष्य को लेकर गंभीर विमर्श का मंच बनी। उम्मीद है कि इस चर्चा के सकारात्मक परिणाम प्रदेश की खेल प्रतिभाओं को नई दिशा देंगे।

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