
खनिज नीति में संशोधन
• कानून-सम्मत बदलाव: भारत सरकार के नए दिशा‑निर्देशों और प्रधानमंत्री खनिज कल्याण योजना (PMKKKY‑2024) के अनुसार, छत्तीसगढ़ जिला खनिज संस्थान न्यास नियम 2015 में संशोधन की स्वीकृति दी गई।
• न्यास निधियों का कम से कम 70% उपयोग होना है — पेयजल, पर्यावरण संरक्षण, स्वास्थ्य, शिक्षा, कृषि, महिला‑बाल कल्याण, वृद्धों एवं दिव्यांगों की भलाई, कौशल विकास, रोजगार, स्वच्छता, आवास, पशुपालन आदि में।

रेत उत्खनन एवं व्यवसाय पर नियंत्रण
• नियम 2019 और 2023 रद्द कर, नए नियम ‘छत्तीसगढ़ गौण खनिज साधारण रेत (उत्खनन एवं व्यवसाय) नियम‑2025’ को मंजूरी दी गई।
• इससे अवैध रेत उत्खनन रोका जाएगा, पारदर्शिता बढ़ेगी, पर्यावरण एवं सुरक्षा मानकों का पालन सुनिश्चित होगा, और ई‑नीलामी से राजस्व में वृद्धि संभव होगी।
कृषि भूमि मूल्य निर्धारण में सुधार
• 500 वर्ग मीटर तक की रूकवास की सीमा हटाकर अब संपूर्ण भू‑खण्ड की मूल्यांकन दर हेक्टेयर आधारित की जाएगी।
• सिंचित भूमि की मूल्य की गणना गिनती के 2.5 गुणा नियम को हटाया गया, और शहरी सीमाओं लगे गांव एवं निवेश योग्य भूमि के लिए वर्ग मीटर दर तय की जाएगी — इससे भूमि मूल्यों में पारदर्शिता आएगी।
क्रिकेट अकादमी हेतु भूमि आवंटन
• छत्तीसगढ़ स्टेट क्रिकेट संघ (CSCS) को नवा रायपुर (अटल नगर), सेक्टर‑3, ग्राम परसदा में 7.96 एकड़ भूमि दी गई।
• आधुनिक क्रिकेट अकादमी के माध्यम से राज्य के युवा खिलाड़ियों को उच्च गुणवत्ता सुविधाएं मिलेंगी और राज्य की पहचान बढ़ेगी।
🧭 सारांश
इन निर्णयों से सरकार ने खनिज संसाधन नीति, भूमि मूल्य निर्धारण, और क्रीड़ा‑विकास जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों में सुधार किया है।
विशेष रूप से:
- खनिज निधियों का सुव्यवस्थित वाधिकरण,
- रेत उत्खनन में पारदर्शिता व राजस्व वृद्धि,
- कृषि भूमि की न्यायपूर्ण मूल्य निर्धारण नीति,
- राज्य स्तर पर खेल प्रतिभा को बढ़ाने के लिए पूर्वी आधार निर्माण।