
छत्तीसगढ़ विधानसभा का मानसून सत्र आज (13 जुलाई) से शुरू हो रहा है। यह सत्र 17 जुलाई तक चलेगा और इस दौरान सदन की कुल 5 बैठकें आयोजित होंगी। पहले दिन की कार्यवाही की शुरुआत हाल ही में दिवंगत हुईं प्रसिद्ध पंडवानी गायिका तीजन बाई को श्रद्धांजलि अर्पित करने के साथ होगी।
इसके बाद प्रश्नकाल, शासकीय कार्य और विभिन्न विभागों की महत्वपूर्ण रिपोर्ट सदन के पटल पर रखी जाएंगी। पूरे सत्र में सरकार की ओर से 8 विधेयक भी पेश किए जाने हैं।

तीजन बाई को श्रद्धांजलि से होगी कार्यवाही की शुरुआत
मानसून सत्र के पहले दिन सदन की शुरुआत पद्म विभूषण सम्मानित लोककलाकार तीजन बाई को श्रद्धांजलि देकर की जाएगी। पंडवानी गायन को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाने में उनके योगदान को याद करते हुए विधानसभा उन्हें श्रद्धासुमन अर्पित करेगी।
प्रश्नकाल में मुख्यमंत्री सहित तीन मंत्री देंगे जवाब
पहले दिन के प्रश्नकाल में मुख्यमंत्री और दो वरिष्ठ मंत्री अपने-अपने विभागों से जुड़े सवालों का जवाब देंगे।
इनमें शामिल हैं—
- मुख्यमंत्री विष्णु देव साय
- राजस्व मंत्री टंकराम वर्मा
- वन मंत्री केदार कश्यप
विधायकों द्वारा पूछे गए विभिन्न प्रश्नों पर सरकार की ओर से जवाब प्रस्तुत किए जाएंगे।
मुख्यमंत्री सदन में रखेंगे महत्वपूर्ण प्रतिवेदन
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय सदन के पटल पर कई महत्वपूर्ण दस्तावेज और प्रतिवेदन प्रस्तुत करेंगे।
इनमें प्रमुख रूप से शामिल हैं—
- छत्तीसगढ़ राज्य मानव अधिकार आयोग का वार्षिक प्रतिवेदन 2024-25
- छत्तीसगढ़ राज्य विद्युत नियामक आयोग का वार्षिक लेखा प्रतिवेदन (वित्तीय वर्ष 2024-25)
- छत्तीसगढ़ राज्य विद्युत नियामक आयोग विनियम-2026 से संबंधित अधिसूचना
इन दस्तावेजों के माध्यम से संबंधित संस्थाओं के कार्यों और वित्तीय गतिविधियों की जानकारी सदन के समक्ष रखी जाएगी।
विजय शर्मा पेश करेंगे वीबी-जी राम योजना
उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा सदन में विकसित भारत रोजगार और आजीविका के लिए गारंटी मिशन (VB-G RAM) योजना से संबंधित दस्तावेज प्रस्तुत करेंगे।
इस योजना का उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार और आजीविका के अवसरों को बढ़ावा देना है।
ओ.पी. चौधरी रखेंगे GST नेटवर्क की रिपोर्ट
वाणिज्यिक कर मंत्री ओ.पी. चौधरी सदन में गुड्स एंड सर्विसेज टैक्स नेटवर्क (GSTN) की वार्षिक रिपोर्ट 2024-25 प्रस्तुत करेंगे।
इसके अलावा फरवरी-मार्च 2026 विधानसभा सत्र के दौरान पूछे गए प्रश्नों के अपूर्ण उत्तरों के पूर्ण उत्तरों का संकलन भी सदन के पटल पर रखा जाएगा।
ध्यानाकर्षण में उठेंगे दो अहम मुद्दे
पहले दिन सदन में ध्यानाकर्षण प्रस्ताव के माध्यम से भी दो महत्वपूर्ण मुद्दे उठाए जाएंगे।
पुरातात्विक धरोहरों के संरक्षण का मुद्दा
वरिष्ठ विधायक अजय चंद्राकर और धर्मजीत सिंह प्रदेश में पुरातात्विक वस्तुओं और ऐतिहासिक धरोहरों के संरक्षण एवं संवर्धन में कथित लापरवाही का मुद्दा उठाएंगे।
वे संस्कृति विभाग से इस संबंध में जवाब मांगेंगे।
जिला अस्पताल में अनियमितता का मामला
कांग्रेस विधायक ब्यास कश्यप जांजगीर जिला अस्पताल में परिवार नियोजन प्रोत्साहन राशि के वितरण में कथित अनियमितताओं का मामला सदन में उठाएंगे।
इस मुद्दे पर स्वास्थ्य विभाग से जवाब मांगा जाएगा।
पूरे सत्र पर रहेगी प्रदेश की नजर
13 से 17 जुलाई तक चलने वाले इस मानसून सत्र में कुल 5 बैठकें होंगी और सरकार 8 विधेयक सदन में पेश करेगी। इसके अलावा प्रश्नकाल, ध्यानाकर्षण, शून्यकाल और विभिन्न विभागों की रिपोर्टों पर चर्चा के दौरान किसानों, बिजली, महंगाई, विकास कार्यों, प्रशासनिक मामलों और अन्य जनहित के मुद्दों पर सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच विस्तृत बहस होने की संभावना है।



