मनोरंजन

मोदी सरकार का बड़ा एक्शन: 5 OTT प्लेटफॉर्म ब्लॉक

अश्लील और आपत्तिजनक कंटेंट के खिलाफ केंद्र सरकार ने सख्त कदम उठाते हुए 5 ओटीटी प्लेटफॉर्म को ब्लॉक कर दिया है। सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय (MIB) ने मंगलवार को इन ऑनलाइन स्ट्रीमिंग प्लेटफॉर्म्स पर कार्रवाई की।

🔴 किन प्लेटफॉर्म्स पर हुई कार्रवाई?

सरकार ने जिन प्लेटफॉर्म्स को ब्लॉक किया, वे हैं:

  • MoodXVIP
  • Koyal Playpro
  • Digi Movieplex
  • Feel
  • Jugnu

सरकार का आरोप है कि इन प्लेटफॉर्म्स पर अश्लील (pornographic) और आपत्तिजनक सामग्री प्रसारित की जा रही थी, जो भारतीय कानूनों का उल्लंघन है।


⚖ किन कानूनों के तहत कार्रवाई?

इन प्लेटफॉर्म्स पर चार प्रमुख कानूनों के तहत कार्रवाई की गई:

1️⃣ Information Technology Act, 2000 – धारा 67

इंटरनेट पर अश्लील कंटेंट प्रकाशित या प्रसारित करना अपराध है।

2️⃣ Information Technology Act, 2000 – धारा 67A

सेक्शुअल एक्ट से जुड़ा स्पष्ट वीडियो या कंटेंट पोस्ट करना गैरकानूनी है।

3️⃣ Bharatiya Nyaya Sanhita, 2023 – धारा 294

सार्वजनिक रूप से अश्लील हरकत या अभद्र भाषा दंडनीय अपराध है।

4️⃣ Indecent Representation of Women (Prohibition) Act, 1986 – धारा 4

महिलाओं को अश्लील या अपमानजनक रूप में प्रदर्शित करना अपराध है।


📌 पहले भी हो चुकी है कार्रवाई

यह पहली बार नहीं है जब केंद्र सरकार ने OTT प्लेटफॉर्म्स पर सख्ती दिखाई हो।

  • जुलाई 2024 में Ullu और ALTT समेत 25 प्लेटफॉर्म्स को बैन किया गया था।
  • मार्च 2024 में 18 OTT प्लेटफॉर्म, 19 वेबसाइट्स, 10 ऐप्स और 57 सोशल मीडिया हैंडल्स ब्लॉक किए गए थे।

ALTT ऐप को 2017 में निर्माता Ekta Kapoor ने लॉन्च किया था, जबकि Ullu ऐप 2018 में Vibhu Agarwal द्वारा शुरू किया गया था।


📜 सरकार की मौजूदा गाइडलाइन

सरकार ने 2021 में
Information Technology (Intermediary Guidelines and Digital Media Ethics Code) Rules, 2021
लागू किए थे, जिन्हें 6 अप्रैल 2023 को अपडेट किया गया।

इन गाइडलाइंस के अनुसार:

✔ OTT प्लेटफॉर्म्स को कंटेंट की कैटेगरी (U, U/A, A आदि) स्पष्ट करनी होगी
✔ दर्शकों को कंटेंट की प्रकृति के बारे में चेतावनी देनी होगी
✔ ग्रीवांस (शिकायत) अधिकारी नियुक्त करना अनिवार्य है
✔ कंटेंट कानून के अनुरूप होना चाहिए
✔ बच्चों और महिलाओं को नुकसान पहुंचाने वाला या अश्लील कंटेंट प्रतिबंधित है


🔎 सरकार का रुख क्या है?

सरकार का कहना है कि डिजिटल प्लेटफॉर्म्स को अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता का अधिकार है, लेकिन यह कानून के दायरे में होना चाहिए। अश्लील और आपत्तिजनक सामग्री पर “जीरो टॉलरेंस” नीति अपनाई जाएगी।

इस ताजा कार्रवाई के बाद डिजिटल कंटेंट इंडस्ट्री में सख्त नियमन को लेकर बहस और तेज होने की संभावना है।

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