
छत्तीसगढ़ के Bilaspur जिले में सामने आया यह मामला एक साइबर ठगी का गंभीर उदाहरण है, जिसमें सरकारी योजना का नाम लेकर महिलाओं को निशाना बनाया गया। आइए इसे विस्तार से समझते हैं:
⚠️ क्या है पूरा मामला?
- ठग ने खुद को सिम्स अस्पताल का डॉक्टर बताया
- महिलाओं को मातृ वंदन योजना का पैसा दिलाने का झांसा दिया
- कॉल के जरिए बैंक डिटेल्स और मोबाइल नंबर हासिल किए
- इसके बाद खातों से कुल ₹88,400 ऑनलाइन ट्रांसफर कर लिए
👉 पीड़ित सभी महिलाएं गांव की मितानिन (स्वास्थ्य कार्यकर्ता) हैं।

📞 ठगी का तरीका (Modus Operandi)
- ठग ने पहले एक महिला को कॉल किया
- खुद को सरकारी/अस्पताल से जुड़ा बताया
- लाभार्थियों की पूरी सही जानकारी बताकर भरोसा जीता
- कॉल को कॉन्फ्रेंस पर जोड़कर अन्य महिलाओं से बात की
- उनसे पूछा:
- योजना का पैसा मिला या नहीं
- बैंक में कितने पैसे हैं
- फिर कहा:
👉 “पहले खाते में ₹5,000 डालो, फिर ₹6,000 की योजना राशि मिलेगी”
➡️ जैसे ही पैसे डाले गए, खाते से रकम ऑनलाइन गायब हो गई
💸 अलग-अलग महिलाओं से कैसे हुई ठगी?
👩 चंचल कश्यप
- खाते में ₹900 थे
- ₹5,700 जमा करवाए
- पूरी राशि कट गई
👩 ममता कश्यप
- PAN कार्ड लिंक कराने का झांसा
- बैंक डिटेल्स लेकर ₹2,700 निकाल लिए
👩 आकांक्षा कश्यप
- “डिलीवरी का पैसा आया है” कहकर फंसाया
- खाते से 8 ट्रांजेक्शन में ₹80,000 उड़ा दिए
🚨 ठग इतना भरोसेमंद कैसे लगा?
- लाभार्थियों के नाम और जानकारी पहले से पता थी
- सरकारी योजना का नाम लिया
- “डॉक्टर” बनकर बात की
- कॉन्फ्रेंस कॉल से भरोसा बढ़ाया
👉 यही कारण है कि महिलाएं उसके झांसे में आ गईं।
👮♂️ अब क्या हुआ?
- पीड़ितों ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई
- मामले की जांच जारी है
- साइबर ठग की तलाश की जा रही है
⚠️ आप कैसे बचें ऐसी ठगी से?
- फोन पर कभी भी बैंक डिटेल्स, OTP, PIN साझा न करें
- कोई भी सरकारी योजना पैसा जमा कराने को नहीं कहती
- अनजान कॉल पर भरोसा न करें, पहले सत्यापन करें
- शक होने पर तुरंत 1093 (साइबर हेल्पलाइन) या पुलिस से संपर्क करें
📌 निष्कर्ष
यह घटना दिखाती है कि साइबर ठग अब गांव और सरकारी योजनाओं से जुड़े लोगों को भी टारगेट कर रहे हैं। थोड़ी सी सावधानी से ऐसे फ्रॉड से बचा जा सकता है।



