
रायपुर: छत्तीसगढ़ में 3200 करोड़ रुपए के शराब घोटाले मामले में गिरफ्तार सौम्या चौरसिया को आज प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने स्पेशल कोर्ट में पेश किया।
🔹 सौम्या चौरसिया की गिरफ्तारी और पेशी
- सौम्या चौरसिया, जो राज्य प्रशासनिक सेवा (SAS) की निलंबित अधिकारी हैं, को ईडी ने मंगलवार को गिरफ्तार किया था।
- आज उन्हें आगे की पूछताछ और रिमांड के लिए स्पेशल कोर्ट में पेश किया गया।
- गौरतलब है कि सौम्या चौरसिया कोयला घोटाले की भी मुख्य आरोपी रह चुकी हैं।
- इससे पहले मई 2025 में सुप्रीम कोर्ट की शर्तों पर उन्हें रिहा किया गया था, जिसमें कोर्ट ने राज्य से बाहर न जाने के निर्देश दिए थे।

🔹 शराब घोटाले की कहानी
- समयावधि: 2019 से 2023
- घोटाले की प्रकृति:
- कांग्रेस सरकार के दौरान शराब नीति में बदलाव कर चहेते सप्लायरों को लाभ दिया गया।
- लाइसेंस की शर्तें ऐसी रखी गई कि केवल कुछ विशेष कंपनियों को काम मिले।
- इन कंपनियों ने नकली होलोग्राम और सील बनवाकर शराब की महंगी बोतलों को सरकारी दुकानों में बेचा।
- राज्य को हुए नुकसान: 2165 करोड़ रुपए का एक्साइज टैक्स बचाया गया, जिसे कथित रूप से नेताओं, अधिकारियों और मंत्रियों के बीच बांटा गया।
🔹 अब तक की गिरफ्तारी
शराब घोटाले में अब तक कई प्रमुख लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है:
- पूर्व आबकारी मंत्री कवासी लखमा
- पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के बेटे चैतन्य बघेल
- पूर्व आईएएस अनिल टुटेजा
- एजाज ढेबर के भाई अनवर ढेबर
- आबकारी विभाग के 28 अधिकारी, जिन्हें बाद में सुप्रीम कोर्ट से जमानत मिल गई
🔹 आगे की कार्रवाई
- सौम्या चौरसिया की रिमांड पर पूछताछ होगी।
- ED मामले की गहन जांच कर अन्य आरोपियों और कथित धन के प्रवाह की जानकारी जुटा रही है।
- यह मामला राजनीतिक और प्रशासनिक दोनों दृष्टियों से अत्यंत संवेदनशील माना जा रहा है।
👉 कुल मिलाकर, छत्तीसगढ़ का यह शराब घोटाला सुपर-गंभीर आर्थिक और राजनीतिक मामला बन चुका है, जिसमें अब तक कई प्रमुख नेताओं और अधिकारियों की गिरफ्तारी हो चुकी है और जांच अभी भी जारी है।



