
छत्तीसगढ़ के Gaurela Pendra Marwahi जिले में एक बड़ा रेल हादसा टल गया, जब कोयले से लदी मालगाड़ी अचानक दो हिस्सों में बंट गई। यह घटना बिलासपुर-कटनी रेल सेक्शन पर हुई, जिससे कुछ समय के लिए हड़कंप मच गया।
🚆 क्या हुआ था?
- स्थान: पेंड्रारोड और वेंकटनगर स्टेशन के बीच
- मालगाड़ी: कोयला लदी, अनूपपुर की ओर जा रही थी
- अचानक कपलिंग (डिब्बों को जोड़ने वाला हिस्सा) टूट गई
👉 नतीजा:
- इंजन से जुड़े करीब 25 डिब्बे अलग होकर पीछे रह गए
- ट्रेन दो हिस्सों में पटरी पर खड़ी हो गई

⚠️ कैसे टला बड़ा हादसा?
- लोको पायलट ने तुरंत स्थिति भांप ली
- इमरजेंसी ब्रेक लगा दिए गए
- ट्रेन को नियंत्रित कर लिया गया
👉 अगर समय पर ब्रेक नहीं लगता, तो बड़ा हादसा हो सकता था।
👷♂️ मौके पर क्या हुआ?
- घटना की सूचना मिलते ही रेलवे अधिकारी पहुंचे
- तकनीकी टीम ने जांच शुरू की
- काफी मेहनत के बाद:
- अलग हुए डिब्बों को दोबारा जोड़ा गया
- ट्रेन को सुरक्षित रवाना किया गया
🔍 हादसे की वजह क्या?
- फिलहाल कपलिंग टूटने का कारण स्पष्ट नहीं
- रेलवे द्वारा जांच जारी
- तकनीकी खराबी या मेंटेनेंस की कमी की संभावना
🚦 रेल यातायात पर असर
- कुछ समय के लिए संचालन प्रभावित हुआ
- मरम्मत के बाद रूट पर ट्रेनें सामान्य रूप से चलने लगीं
📌 निष्कर्ष
यह घटना एक बड़ी चेतावनी है कि रेलवे सुरक्षा में छोटी सी चूक भी बड़े हादसे का कारण बन सकती है। हालांकि, लोको पायलट की सतर्कता से एक बड़ा हादसा टल गया और स्थिति पर समय रहते काबू पा लिया गया।



