छत्तीसगढ़

कटेकल्याण घटना की पुनरावृति न हो ऐसी व्यवस्था होना चाहिए-छविंद्र कर्मा, एसी ट्रायवल, मंडल संयोजक, वार्डन प्रमुख दोषी…

बीते दिनों कटेकल्याण सामुदायिक केंद्र में हॉस्टल में अध्ययनरत नाबालिक बालिका द्वारा बच्चे को जन्म देने के बाद शौचालय कमोड में डालने की घटना पर प्रेसवार्ता करते कांग्रेस नेता छविंद्र कर्मा ने व्यवस्था पर नाराजगी जाहिर करते कहा कि यह घटना दुर्भाग्यजनक है ग्रामीण पेरेंट्स बड़े भरोसे के साथ अपने बच्चों को आश्रम शालाओं में भेज शासन-प्रशासन को सौंपते हैं. लेकिन जवाबदार उस विश्वास को तोड़ते हैं.यह निंदनीय है. दोषियों पर सख्त कार्यवाही की जाए।

तत्कालीन कलेक्टर ओ0पी0चौधरी के कार्यकाल में भी इस तरह की घटना हुई थी. इस घटना के लिए सारे अफसर दोषी हैं. आश्रमों में जहां भी बालक-बालिकाएं अध्ययनरत हैं वहां पर निरीक्षण करना चाहिए एक अंतराल में सभी बच्चों का स्वास्थ्य चेकअप होना चाहिए. अगर ऐसा हुआ होता तो इस प्रकार की घटना नहीं होती.

कर्मा ने कहा कि मैं मानता हूं कि इस मामले में पहला दोष सहायक आयुक्त आदिवासी दूसरा मंडल संयोजक और तीसरा दोष वार्डन का है. इस विषय में ज़ब मैंने सहायक आयुक्त से फोन पर बात की तो बड़े ही गैर जिम्मेदाराना से जवाब देते कहा कि दो महीनों से वार्डन छुट्टी पर है ऐसी घटनाओ की पुनरावृति न हो इसकी व्यवस्था सुनिश्चित किया जाना चाहिए.

इस घटना में शामिल सभी जिम्मेदार लोगों पर अपराधिक प्रकरण दर्ज किया जाना चाहिए. जिससे आने वाले समय में घटना न हो.आश्रम शालाओं की सुरक्षा का मापदंड होना चाहिए.इस घटना में डॉक्टर भी दोषी हैं इतनी बड़ी डिग्री होने के बावजूद क्या एडमिट हुई बच्ची को देख कर अंदाजा नहीं लगा सकते थे?क्या उनकी डिग्री फर्जी है?

महिला एवं बाल विकास विभाग भी बड़ा दोषी है विभाग ऐसी घटनाओ को रोकने अवेयरनेस के लिए कोई कार्यशाला आयोजित नहीं की जिससे जागरूकता बढ़ती. ऐसी घटनाओं के दोषी अफसरों पर सख्त कार्यवाही होना चाहिए और एफआईआर दर्ज होना चाहिए.वार्ता के दौरान जिला महासचिव मनोज कौरव, भास्कर राठौर सहित बड़ी संख्या में कांग्रेसी मौजूद थे।

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