छत्तीसगढ़
इंडिया इंटरनेशनल राइस समिट में सीएम साय की बड़ी घोषणा: किसानों को राहत, मंडी शुल्क एक साल के लिए शून्य

इंडिया इंटरनेशनल राइस समिट: किसानों के लिए बड़ी राहत
रायपुर। इंडिया इंटरनेशनल राइस समिट में शामिल हुए मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने छत्तीसगढ़ के किसानों और राइस मिल उद्योग के लिए एक महत्वपूर्ण घोषणा की। उन्होंने मंडी में लगने वाले शुल्क को अगले एक साल के लिए शून्य (0) करने का ऐलान किया। यह फैसला राइस मिल एसोसिएशन की मांग पर लिया गया है, जिससे किसानों और व्यापारियों दोनों को सीधा लाभ मिलेगा।

🧾 मंडी शुल्क शून्य होने से क्या होगा फायदा?
- किसानों को धान बेचने में अतिरिक्त खर्च नहीं करना पड़ेगा
- राइस मिलर्स की लागत घटेगी
- धान और चावल का व्यापार और अधिक प्रतिस्पर्धी होगा
- निर्यात (Export) को बढ़ावा मिलेगा
🌱 छत्तीसगढ़: धान और चावल की विविधता का केंद्र
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि
- इंडिया इंटरनेशनल राइस समिट का दूसरा संस्करण छत्तीसगढ़ में होना गर्व की बात है
- छत्तीसगढ़ में धान की हजारों प्रजातियां उपलब्ध हैं, जो देश के किसी और राज्य में नहीं
- यहां पारंपरिक, सुगंधित और स्थानीय किस्मों का बड़ा भंडार है
🏪 समिट में दिखी छत्तीसगढ़ की ताकत
- समिट में अनेक स्टॉल लगाए गए
- अलग-अलग किस्म के चावल प्रदर्शित किए गए
- दंतेवाड़ा का स्टॉल विशेष आकर्षण का केंद्र रहा
- ऑर्गेनिक राइस सेक्टर में छत्तीसगढ़ की प्रगति स्पष्ट रूप से दिखाई दी
🌍 छत्तीसगढ़ का चावल पहुंच रहा 90 देशों तक
मुख्यमंत्री ने बताया कि
- छत्तीसगढ़ से करीब 1 लाख मीट्रिक टन चावल का निर्यात
- यह चावल 90 से अधिक देशों में भेजा जा रहा है
- राज्य सरकार का लक्ष्य है कि आने वाले समय में और ज्यादा देशों तक निर्यात बढ़ाया जाए
🚜 किसानों को मिल रहा सरकारी सहयोग
- पिछली बार भी रिकॉर्ड मात्रा में धान खरीदी हुई
- इस साल भी धान खरीदी लगातार जारी
- किसानों को समय पर भुगतान और सरकारी समर्थन मिल रहा है
- धान उत्पादन में लगातार वृद्धि दर्ज की जा रही है
📈 भविष्य के लिए मील का पत्थर
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि
“इंडिया इंटरनेशनल राइस समिट आने वाले समय में
छत्तीसगढ़ के किसानों, राइस मिल उद्योग और निर्यात के लिए
मील का पत्थर साबित होगी।”



