
छत्तीसगढ़ के मनेन्द्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर (एमसीबी) जिले में स्थित गुरु घासीदास-तमोर पिंगला टाइगर रिजर्व क्षेत्र से एक बेहद दुखद और चिंताजनक घटना सामने आई है। यहां एक जंगली हाथी ने सड़क निर्माण कार्य में लगे श्रमिकों पर हमला कर दिया, जिसमें दो मजदूरों की मौत हो गई। घटना के बाद पूरे इलाके में दहशत का माहौल है और वन विभाग की टीम हाथी की गतिविधियों पर नजर रख रही है।
देर रात हुआ हमला
जानकारी के अनुसार, घटना टाइगर रिजर्व क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले देवसील गांव की आगे बस्ती में हुई। यहां सड़क निर्माण का कार्य चल रहा था, जहां जेसीबी मशीनों और श्रमिकों की मदद से काम किया जा रहा था।
रविवार देर रात काम समाप्त होने के बाद श्रमिकों ने निर्माण स्थल के पास ही भोजन किया। इसके बाद सभी मजदूर आग जलाकर वहीं खुले स्थान पर आराम करने लगे। रात का समय होने के कारण किसी को भी इस बात का अंदाजा नहीं था कि कुछ ही देर में एक बड़ा हादसा होने वाला है।

अचानक पहुंचा हाथी
प्रत्यक्ष जानकारी के अनुसार, देर रात एक विशालकाय जंगली हाथी निर्माण स्थल के आसपास पहुंच गया। हाथी ने वहां मौजूद श्रमिकों को देखकर आक्रामक व्यवहार किया और अचानक हमला कर दिया।
अचानक हुए हमले से मजदूरों में अफरा-तफरी मच गई। कई श्रमिक जान बचाने के लिए इधर-उधर भागे, लेकिन दो मजदूर हाथी की चपेट में आ गए।
दो श्रमिकों की मौत
हाथी के हमले में 22 वर्षीय गौरव की मौके पर ही मौत हो गई। वहीं 35 वर्षीय अमर सिंह गंभीर रूप से घायल हो गए।
घायल अमर सिंह को तत्काल उपचार के लिए सोनहत अस्पताल ले जाया जा रहा था, लेकिन रास्ते में ही उन्होंने दम तोड़ दिया। इस तरह इस दर्दनाक घटना में दो श्रमिकों की जान चली गई।
टाइगर रिजर्व क्षेत्र में बढ़ रहा मानव-वन्यजीव संघर्ष
गुरु घासीदास-तमोर पिंगला टाइगर रिजर्व का क्षेत्र घने जंगलों और वन्यजीवों से समृद्ध माना जाता है। यहां हाथियों की आवाजाही भी लगातार बनी रहती है।
विशेषज्ञों के अनुसार:
- जंगलों में मानवीय गतिविधियां बढ़ने से वन्यजीवों का प्राकृतिक मार्ग प्रभावित होता है।
- भोजन और पानी की तलाश में हाथी आबादी वाले क्षेत्रों की ओर आ जाते हैं।
- रात के समय हाथियों का व्यवहार अधिक संवेदनशील और आक्रामक हो सकता है।
- अचानक मानवीय उपस्थिति से हाथी हमला कर देते हैं।
इसी कारण वन क्षेत्रों में काम करने वाले श्रमिकों और ग्रामीणों को विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी जाती है।
वन विभाग मौके पर पहुंचा
घटना की सूचना मिलते ही गुरु घासीदास-तमोर पिंगला टाइगर रिजर्व की वन विभाग टीम मौके पर पहुंची। अधिकारियों ने घटनास्थल का निरीक्षण किया और हाथी की लोकेशन ट्रैक करने की प्रक्रिया शुरू की।
वन अमला आसपास के गांवों में भी सतर्कता बरतने की अपील कर रहा है ताकि किसी अन्य अप्रिय घटना को रोका जा सके।
गांवों में दहशत
दो श्रमिकों की मौत के बाद देवसील और आसपास के गांवों में भय का माहौल है। ग्रामीणों का कहना है कि क्षेत्र में हाथियों की गतिविधियां पहले भी देखी गई हैं, लेकिन इस तरह का हमला लोगों को डरा देने वाला है।
कई ग्रामीण अब रात के समय जंगल से लगे इलाकों में जाने से बच रहे हैं और वन विभाग से अतिरिक्त निगरानी की मांग कर रहे हैं।
सुरक्षा को लेकर उठे सवाल
घटना के बाद यह सवाल भी उठ रहे हैं कि वन्यजीव प्रभावित क्षेत्र में कार्य कर रहे श्रमिकों की सुरक्षा के लिए पर्याप्त इंतजाम थे या नहीं। स्थानीय लोगों का मानना है कि ऐसे संवेदनशील क्षेत्रों में रात्रिकालीन कार्य और श्रमिकों के ठहरने की व्यवस्था के दौरान अतिरिक्त सुरक्षा उपाय किए जाने चाहिए।
मुख्य बिंदु
- देवसील गांव के पास सड़क निर्माण कार्य के दौरान घटना।
- देर रात जंगली हाथी ने श्रमिकों पर किया हमला।
- गौरव (22) की मौके पर मौत।
- अमर सिंह (35) ने अस्पताल ले जाते समय दम तोड़ा।
- गुरु घासीदास-तमोर पिंगला टाइगर रिजर्व क्षेत्र की घटना।
- वन विभाग ने इलाके में अलर्ट जारी किया।
- आसपास के गांवों में दहशत का माहौल।
यह घटना एक बार फिर मानव और वन्यजीव संघर्ष की गंभीर समस्या को सामने लाती है, जहां विकास कार्यों और वन्यजीवों के प्राकृतिक आवास के बीच संतुलन बनाए रखना बड़ी चुनौती बनता जा रहा है।



