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Gold Silver Price Today: जंग के बीच सस्ता हुआ सोना, चांदी के दाम भी गिरे…

मध्य-पूर्व में बढ़ते युद्ध और वैश्विक तनाव के बावजूद भारत में सोने और चांदी की कीमतों में गिरावट देखने को मिली है। आमतौर पर अंतरराष्ट्रीय संकट के समय सोना महंगा होता है, लेकिन इस बार बाजार में ट्रेडर्स की प्रॉफिट-बुकिंग और निवेशकों की रणनीति बदलने के कारण कीमतों में कमी आई है।

भारत में आज का सोना भाव

7 मार्च की सुबह देश के प्रमुख शहरों में सोने की कीमतों में गिरावट दर्ज की गई। राजधानी Delhi में 24 कैरेट सोने की कीमत घटकर लगभग ₹1,61,270 प्रति 10 ग्राम हो गई है, जबकि 22 कैरेट सोना ₹1,47,840 प्रति 10 ग्राम के आसपास कारोबार कर रहा है।

वहीं Mumbai, Chennai और Kolkata में 24 कैरेट सोने का भाव लगभग ₹1,61,120 प्रति 10 ग्राम और 22 कैरेट सोना ₹1,47,690 प्रति 10 ग्राम के आसपास है।

इसके अलावा Pune और Bengaluru में भी सोने की कीमत लगभग इसी स्तर पर बनी हुई है।

चांदी की कीमत में भी गिरावट

सोने के साथ-साथ चांदी की कीमतों में भी उतार-चढ़ाव देखने को मिला है। देश में चांदी का भाव करीब ₹2,84,900 प्रति किलोग्राम तक पहुंच गया है। इससे एक दिन पहले दिल्ली के सर्राफा बाजार में चांदी का भाव लगभग ₹600 गिरकर ₹2,71,700 प्रति किलोग्राम हो गया था।

हालांकि अंतरराष्ट्रीय बाजार में चांदी की कीमत में हल्की बढ़त देखी गई है और यह करीब $83.40 प्रति औंस तक पहुंच गई है।

सोना क्यों सस्ता हुआ?

विशेषज्ञों के अनुसार सोने की कीमत में गिरावट के पीछे मुख्य कारण ट्रेडर्स की प्रॉफिट-बुकिंग है। जब कीमतें तेजी से बढ़ती हैं तो कई निवेशक मुनाफा कमाने के लिए अपने सोने की बिक्री कर देते हैं, जिससे कीमतों में थोड़ी गिरावट आ जाती है।

6 मार्च को दिल्ली के बुलियन मार्केट में सोने का भाव करीब ₹1,100 घटकर ₹1,64,100 प्रति 10 ग्राम रह गया था।

अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोना महंगा

जहां भारत में कीमतों में गिरावट आई है, वहीं अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोना थोड़ा महंगा हुआ है। वैश्विक बाजार में स्पॉट गोल्ड करीब $5,095.81 प्रति औंस तक पहुंच गया है।

इसका कारण मध्य-पूर्व में बढ़ता तनाव है।

मिडिल ईस्ट युद्ध का असर

दरअसल 28 फरवरी को Israel और United States ने Iran के खिलाफ सैन्य कार्रवाई शुरू की थी। इसके जवाब में ईरान ने मिसाइल और ड्रोन हमले किए, जिससे पूरे मिडिल ईस्ट में तनाव बढ़ गया।

इस तनाव के कारण अंतरराष्ट्रीय निवेशक सेफ-हेवन एसेट यानी सुरक्षित निवेश के रूप में सोने की ओर रुख कर रहे हैं, जिससे वैश्विक बाजार में कीमतों को समर्थन मिल रहा है।

आगे क्या हो सकता है?

बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि अगर मध्य-पूर्व का तनाव बढ़ता है तो अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोना और महंगा हो सकता है। हालांकि घरेलू बाजार में कीमतें डॉलर की चाल, निवेशकों की मांग और प्रॉफिट-बुकिंग पर निर्भर करेंगी।

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