बिज़नेस (Business)

Gold Silver Price Today: सोना ₹1.54 लाख के नीचे, चांदी में 2% से ज्यादा गिरावट; जानिए बाजार क्यों टूटा?…

सोमवार को सोने और चांदी के बाजार में बड़ी गिरावट देखने को मिली। घरेलू वायदा बाजार (MCX) से लेकर अंतरराष्ट्रीय बाजार (COMEX) तक दोनों कीमती धातुओं में बिकवाली हावी रही। निवेशकों की नजर फिलहाल अमेरिका-ईरान तनाव, कच्चे तेल की कीमतों और अमेरिकी केंद्रीय बैंक की नीतियों पर टिकी हुई है।

MCX पर सोने और चांदी का प्रदर्शन

सोना

  • ओपनिंग प्राइस: ₹1,54,177 प्रति 10 ग्राम
  • इंट्राडे लो: ₹1,53,596 प्रति 10 ग्राम
  • सुबह 10:05 बजे: ₹1,53,822 प्रति 10 ग्राम
  • गिरावट: लगभग 1.12%

चांदी

  • ओपनिंग प्राइस: ₹2,51,001 प्रति किलोग्राम
  • इंट्राडे लो: ₹2,41,990 प्रति किलोग्राम
  • सुबह 10:05 बजे: ₹2,43,100 प्रति किलोग्राम
  • गिरावट: लगभग 2.21%

चांदी में सोने की तुलना में अधिक कमजोरी देखने को मिली, जिससे निवेशकों की चिंता बढ़ गई।

अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी दबाव

अमेरिकी कमोडिटी एक्सचेंज (COMEX) में भी दोनों धातुएं लाल निशान में कारोबार करती दिखीं।

COMEX पर स्थिति

  • सोना: लगभग 4,342 डॉलर प्रति औंस
  • गिरावट: करीब 0.50%
  • चांदी: लगभग 68 डॉलर प्रति औंस
  • गिरावट: करीब 1.60%

यह संकेत देता है कि कमजोरी केवल भारतीय बाजार तक सीमित नहीं है, बल्कि वैश्विक स्तर पर भी दबाव बना हुआ है।

गिरावट की मुख्य वजहें

1. अमेरिका-ईरान तनाव

United States और Iran के बीच बढ़ते तनाव ने ऊर्जा बाजार में अनिश्चितता बढ़ा दी है।

2. कच्चे तेल की कीमतों में तेजी

तनाव बढ़ने के कारण तेल सप्लाई प्रभावित होने की आशंका है, जिससे कच्चे तेल के दाम ऊपर जा रहे हैं।

जब तेल महंगा होता है:

  • परिवहन लागत बढ़ती है
  • उत्पादन लागत बढ़ती है
  • महंगाई बढ़ने का खतरा बढ़ जाता है

3. अमेरिकी फेडरल रिजर्व की नीति

महंगाई बढ़ने की आशंका होने पर Federal Reserve ब्याज दरों को लंबे समय तक ऊंचा रख सकता है।

ऊंची ब्याज दरों का असर:

  • बॉन्ड और बैंक निवेश आकर्षक बनते हैं
  • सोने और चांदी जैसी बिना ब्याज वाली संपत्तियों की मांग घट सकती है

विशेषज्ञों की राय

अनुज गुप्ता का आकलन

SEBI-पंजीकृत मार्केट एक्सपर्ट अनुज गुप्ता के अनुसार, अमेरिका-ईरान तनाव और तेल की बढ़ती कीमतें बाजार में महंगाई की चिंता बढ़ा रही हैं। यदि यह स्थिति बनी रहती है, तो अमेरिकी फेड ब्याज दरों पर सख्त रुख अपना सकता है, जो बुलियन बाजार के लिए नकारात्मक होगा।

कायनात चैनवाला का विश्लेषण

कोटक सिक्योरिटीज की कमोडिटी रिसर्च विशेषज्ञ कायनात चैनवाला के अनुसार:

  • शांति वार्ताओं में अनिश्चितता
  • ऊर्जा कीमतों में बढ़ोतरी
  • ब्याज दरों में कटौती के संकेत न मिलना

इन कारणों से सोने का माहौल फिलहाल कमजोर बना हुआ है।

आगे किन बातों पर रहेगी नजर?

बाजार की दिशा तय करने वाले प्रमुख कारक:

📌 अमेरिका-ईरान संबंधों में आगे क्या होता है
📌 कच्चे तेल की कीमतों का रुख
📌 अमेरिकी महंगाई के आंकड़े
📌 अमेरिकी रोजगार (Jobs) रिपोर्ट
📌 फेडरल रिजर्व की अगली बैठक

यदि अमेरिकी रोजगार आंकड़े मजबूत आते हैं, तो ब्याज दरों में कटौती की संभावना और कम हो सकती है, जिससे सोना-चांदी पर दबाव बना रह सकता है।

निवेशकों के लिए क्या संकेत?

  • अल्पकाल में बाजार में उतार-चढ़ाव जारी रह सकता है।
  • भू-राजनीतिक घटनाक्रम और केंद्रीय बैंकों के फैसले कीमतों को प्रभावित करेंगे।
  • जल्दबाजी में निवेश करने के बजाय बाजार के संकेतों पर नजर रखना बेहतर माना जा रहा है।
  • लंबी अवधि के निवेशक गिरावट को अवसर के रूप में देख सकते हैं, लेकिन जोखिम प्रबंधन जरूरी है।

निष्कर्ष

सोना और चांदी दोनों फिलहाल वैश्विक आर्थिक और राजनीतिक घटनाओं के दबाव में हैं। अमेरिका-ईरान तनाव, महंगे होते तेल और ऊंची ब्याज दरों की आशंका ने निवेशकों की धारणा को कमजोर किया है। आने वाले दिनों में अमेरिकी आर्थिक आंकड़े और फेड की नीति बुलियन बाजार की अगली दिशा तय करेंगे।

Related Articles

Back to top button