धौरपुर में बनेगा 4.49 करोड़ रुपये की लागत से नया शासकीय महाविद्यालय भवन, विधायक प्रबोध मिंज ने किया भूमि पूजन…

सरगुजा। सरगुजा जिले के लुण्ड्रा विकासखंड के ग्राम धौरपुर में उच्च शिक्षा के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है। यहां 4 करोड़ 49 लाख 45 हजार रुपये की लागत से बनने वाले नवीन शासकीय महाविद्यालय भवन का भूमि पूजन एवं शिलान्यास समारोह आयोजित किया गया। कार्यक्रम में लुण्ड्रा विधायक प्रबोध मिंज मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए और विधिवत पूजा-अर्चना के साथ निर्माण कार्य की शुरुआत की।

समारोह में महाविद्यालय के प्राचार्य युगल किशोर कुजूर, जनप्रतिनिधियों, स्थानीय प्रशासन के अधिकारियों तथा बड़ी संख्या में ग्रामीणों और विद्यार्थियों ने भाग लिया। कार्यक्रम के दौरान विधायक का पारंपरिक तरीके से स्वागत भी किया गया।
क्षेत्र के विद्यार्थियों को मिलेगा आधुनिक शिक्षा का बेहतर वातावरण
भूमि पूजन के बाद अपने संबोधन में विधायक प्रबोध मिंज ने कहा कि नया महाविद्यालय भवन क्षेत्र के विद्यार्थियों के लिए उच्च शिक्षा के नए द्वार खोलेगा। उन्होंने कहा कि यह भवन केवल ईंट-पत्थरों से बनी एक इमारत नहीं होगा, बल्कि धौरपुर और आसपास के गांवों के युवाओं के उज्ज्वल भविष्य की मजबूत नींव साबित होगा।

उन्होंने कहा कि गुणवत्तापूर्ण शिक्षा किसी भी समाज के विकास की सबसे बड़ी शक्ति होती है। आधुनिक सुविधाओं से सुसज्जित महाविद्यालय बनने से विद्यार्थियों को बेहतर शैक्षणिक वातावरण मिलेगा और वे प्रतिस्पर्धी परीक्षाओं तथा रोजगार के अवसरों के लिए अधिक सक्षम बन सकेंगे।
आधुनिक सुविधाओं से लैस होगा नया भवन
विधायक ने बताया कि प्रस्तावित महाविद्यालय भवन में विद्यार्थियों की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए आधुनिक सुविधाएं विकसित की जाएंगी। भवन में—
- आधुनिक प्रयोगशालाएं (Laboratories)
- समृद्ध पुस्तकालय (Library)
- स्मार्ट क्लासरूम
- छात्राओं के लिए पृथक एवं सुरक्षित शौचालय
- बेहतर शैक्षणिक एवं प्रशासनिक सुविधाएं
उपलब्ध कराई जाएंगी। इन व्यवस्थाओं से विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्राप्त करने में सुविधा होगी।
अब उच्च शिक्षा के लिए दूर नहीं जाना पड़ेगा
विधायक मिंज ने कहा कि वर्तमान में धौरपुर और आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों के अनेक विद्यार्थियों को उच्च शिक्षा के लिए दूसरे शहरों या दूरस्थ महाविद्यालयों का रुख करना पड़ता है। नया महाविद्यालय भवन तैयार होने के बाद स्थानीय विद्यार्थियों, विशेषकर छात्राओं, को अपने क्षेत्र में ही बेहतर शिक्षा की सुविधा मिल सकेगी। इससे आर्थिक बोझ कम होगा और उच्च शिक्षा में नामांकन भी बढ़ेगा।
शिक्षकों और ग्रामीणों से की सहयोग की अपील
अपने संबोधन में विधायक ने शिक्षकों से विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण एवं संस्कारयुक्त शिक्षा देने का आग्रह किया। साथ ही उन्होंने ग्रामीणों, विद्यार्थियों और जनप्रतिनिधियों से महाविद्यालय परिसर की स्वच्छता, सुरक्षा और हरित वातावरण बनाए रखने में सक्रिय भागीदारी निभाने की अपील की।
उन्होंने कहा कि किसी भी शैक्षणिक संस्थान का विकास केवल सरकार के प्रयासों से नहीं, बल्कि समाज की सहभागिता से भी संभव होता है।
कई जनप्रतिनिधि रहे मौजूद
कार्यक्रम में निरूपा सिंह, देवनारायण यादव सहित अन्य जनप्रतिनिधि, स्थानीय प्रशासन के अधिकारी, शिक्षक, छात्र-छात्राएं तथा बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित रहे। सभी ने क्षेत्र में उच्च शिक्षा के लिए नई आधारभूत संरचना के निर्माण को विकास की दिशा में महत्वपूर्ण उपलब्धि बताया।



