देश-विदेश के कैंसर विशेषज्ञ रायपुर में जुटे, नई सर्जरी तकनीकों की दी जानकारी…

रायपुर में कैंसर सर्जरी और उपचार के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण राष्ट्रीय सम्मेलन आयोजित किया गया, जिसमें देश और विदेश के दिग्गज कैंसर विशेषज्ञों ने आधुनिक तकनीकों और उपचार पद्धतियों पर विस्तार से चर्चा की। यह दो दिवसीय सम्मेलन 7 और 8 फरवरी को छत्तीसगढ़ ऑन्कोलॉजी एसोसिएशन, क्षेत्रीय कैंसर संस्थान रायपुर और संजीवनी कैंसर केयर फाउंडेशन के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित किया जा रहा है। यह आयोजन छत्तीसगढ़ और पूरे मध्य भारत के लिए कैंसर उपचार के क्षेत्र में एक बड़ा अकादमिक मंच साबित हो रहा है।

विधायक डॉ. राजेश मूणत ने किया उद्घाटन
इस राष्ट्रीय सम्मेलन का उद्घाटन रायपुर के विधायक और वरिष्ठ चिकित्सक डॉ. राजेश मूणत ने किया। उन्होंने कहा कि इस तरह के सम्मेलन से राज्य के डॉक्टरों को आधुनिक चिकित्सा तकनीकों और अंतरराष्ट्रीय स्तर की उपचार पद्धतियों की जानकारी मिलती है, जिससे मरीजों को बेहतर और उन्नत उपचार उपलब्ध कराया जा सकता है।
देशभर से 500 से अधिक सर्जनों की भागीदारी
इस सम्मेलन में देशभर से 200 से अधिक राष्ट्रीय स्तर के कैंसर सर्जन और छत्तीसगढ़ से लगभग 300 सर्जनों ने भाग लिया। इसके अलावा इंडियन एसोसिएशन ऑफ सर्जिकल ऑन्कोलॉजी के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. सुब्रमणेश्वर राव और महासचिव डॉ. नरेंद्र होलिकल भी विशेष रूप से रायपुर पहुंचे। इतने बड़े स्तर पर विशेषज्ञों की मौजूदगी ने इस सम्मेलन को और अधिक महत्वपूर्ण बना दिया।
अंतरराष्ट्रीय विशेषज्ञों ने साझा किया अनुभव
सम्मेलन में सिंगापुर और दक्षिण कोरिया से आए अंतरराष्ट्रीय विशेषज्ञों ने आधुनिक कैंसर उपचार तकनीकों पर अपने व्याख्यान दिए।
- सिंगापुर के प्रसिद्ध कैंसर सर्जन डॉ. जिमी सो ने गैस्ट्रिक (पेट) कैंसर के आधुनिक उपचार, सर्जरी प्रबंधन और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनाई जा रही नई तकनीकों की जानकारी दी।
- दक्षिण कोरिया के प्रोफेसर ह्ये-जिन किम ने रेक्टल कैंसर में लैटरल पेल्विक लिम्फ नोड डिसेक्शन की जरूरत और प्रक्रिया, साथ ही फ्लोरेसेंस गाइडेड सर्जरी जैसे आधुनिक तरीकों पर चर्चा की।
- प्रोफेसर सिउंग हो सॉन्ग ने मशीन लर्निंग के माध्यम से कैंसर सर्जरी के बाद होने वाली जटिलताओं के जोखिम का आकलन और लैप्रोस्कोपिक एवं रोबोटिक सर्जरी की तुलना जैसे उन्नत विषयों पर जानकारी दी।
आधुनिक तकनीकों और रोबोटिक सर्जरी पर विशेष चर्चा
सम्मेलन में कैंसर की नई जांच तकनीकों, न्यूनतम चीरा आधारित सर्जरी (मिनिमली इनवेसिव सर्जरी), रोबोटिक सर्जरी और बहुविषयक उपचार (मल्टीडिसिप्लिनरी ट्रीटमेंट) पर विशेष सत्र आयोजित किए गए। इन तकनीकों से मरीजों को कम दर्द, जल्दी रिकवरी और बेहतर उपचार परिणाम मिलते हैं।
छत्तीसगढ़ के वरिष्ठ डॉक्टरों की अहम भूमिका
इस सम्मेलन में वरिष्ठ कैंसर सर्जन डॉ. यूसुफ मेमन, डॉ. माउ राय, डॉ. आशुतोष गुप्ता और डॉ. अमित वर्मा ने वैज्ञानिक सत्रों और पैनल चर्चाओं में महत्वपूर्ण योगदान दिया। वहीं सम्मेलन के आयोजन और वैज्ञानिक संरचना को मजबूत बनाने में डॉ. जसवंत जैन, डॉ. श्रवण नाडकर्णी, डॉ. अर्पण चतुर्मुहता, डॉ. विवेक पटेल और डॉ. विकास अग्रवाल की अहम भूमिका रही।
छत्तीसगढ़ में कैंसर उपचार को मिलेगी नई दिशा
आयोजकों के अनुसार, इस राष्ट्रीय सम्मेलन से छत्तीसगढ़ के डॉक्टरों को आधुनिक और अंतरराष्ट्रीय स्तर की चिकित्सा तकनीकों की जानकारी मिलेगी, जिससे राज्य में कैंसर उपचार की गुणवत्ता में सुधार होगा। इससे मरीजों को बड़े महानगरों पर निर्भर रहने की जरूरत कम होगी और बेहतर इलाज स्थानीय स्तर पर उपलब्ध हो सकेगा।
यह सम्मेलन न केवल चिकित्सकों के लिए ज्ञान और अनुभव साझा करने का मंच है, बल्कि छत्तीसगढ़ में कैंसर उपचार को नई दिशा देने वाला एक महत्वपूर्ण कदम भी माना जा रहा है।



