
छत्तीसगढ़ में राज्यसभा की दो रिक्त सीटों के लिए चुनावी प्रक्रिया औपचारिक रूप से शुरू हो चुकी है। चुनाव आयोग की अधिसूचना जारी होते ही नामांकन की प्रक्रिया भी प्रारंभ हो गई है, लेकिन अब तक प्रदेश की दो प्रमुख पार्टियों—भाजपा और कांग्रेस—ने अपने प्रत्याशियों का ऐलान नहीं किया है।
📅 5 मार्च अंतिम तिथि, समय कम
नामांकन दाखिल करने की अंतिम तिथि 5 मार्च तय की गई है। ऐसे में 2 और 3 मार्च को बेहद अहम माना जा रहा है, क्योंकि 4 मार्च को होली का त्यौहार है। त्योहार के कारण राजनीतिक गतिविधियां सीमित रह सकती हैं, इसलिए संभावना है कि दोनों दल उससे पहले अपने उम्मीदवार घोषित कर दें।
हालांकि तकनीकी रूप से 5 मार्च को भी नामांकन दाखिल किया जा सकता है, लेकिन उससे पहले कई औपचारिकताएं पूरी करनी होती हैं।

📝 नामांकन प्रक्रिया में क्या जरूरी?
नियमों के अनुसार राज्यसभा नामांकन पत्र में:
- कम से कम 10 प्रस्तावक
- और 10 समर्थक
के हस्ताक्षर अनिवार्य होते हैं। ये प्रस्तावक और समर्थक संबंधित दल के विधायक होते हैं। इसलिए अधिकृत प्रत्याशी की घोषणा समय पर होना जरूरी है, ताकि सभी विधायकों से हस्ताक्षर की प्रक्रिया पूरी की जा सके।
🏛️ राजनीतिक समीकरण क्या कहते हैं?
छत्तीसगढ़ विधानसभा में विधायकों की संख्या के आधार पर एक सीट भाजपा और एक सीट कांग्रेस के खाते में जाने की संभावना मानी जा रही है। लेकिन अंतिम फैसला उम्मीदवारों की घोषणा के बाद ही साफ होगा।
दोनों दल फिलहाल अपने-अपने राष्ट्रीय नेतृत्व के निर्देश का इंतजार कर रहे हैं। संभावित नामों को लेकर राजनीतिक गलियारों में चर्चा जरूर है, लेकिन आधिकारिक घोषणा नहीं हुई है।
🔎 क्यों अहम है यह चुनाव?
राज्यसभा चुनाव भले ही प्रत्यक्ष जनता द्वारा नहीं लड़ा जाता, लेकिन यह राजनीतिक संतुलन और राष्ट्रीय स्तर पर पार्टी की ताकत को प्रभावित करता है। इसलिए पार्टियां उम्मीदवार चयन में खास सावधानी बरतती हैं।
अब सबकी नजर 2 और 3 मार्च पर टिकी है, जब उम्मीदवारों के नाम सामने आ सकते हैं और सियासी तस्वीर साफ हो सकती है।



