छत्तीसगढ़ में आज हल्की बारिश के आसार, बस्तर-सुकमा में बिजली गिरने की चेतावनी; 21 अक्टूबर से बदलेगा मौसम

रायपुर। छत्तीसगढ़ में अक्टूबर के अंतिम दिनों में मौसम का मिजाज बदलता नजर आ रहा है। प्रदेश के कुछ हिस्सों में बादलों की आवाजाही के बीच हल्की बारिश होने की संभावना है। मौसम विभाग के अनुसार, 20 अक्टूबर को राज्य में एक-दो स्थानों पर हल्की वर्षा हो सकती है। इस दौरान गरज-चमक के साथ बिजली गिरने की भी आशंका जताई गई है। विशेष रूप से बस्तर और सुकमा जिले में मौसम को लेकर सतर्क रहने की जरूरत है।

हालांकि, प्रदेशभर में भारी बारिश की संभावना नहीं है। मौसम विभाग का अनुमान है कि 21 अक्टूबर से 25 अक्टूबर तक छत्तीसगढ़ के अधिकांश हिस्सों में मौसम शुष्क बना रहेगा। इस दौरान बारिश को लेकर कोई विशेष चेतावनी जारी नहीं की गई है। वहीं, अगले कुछ दिनों में रात के तापमान में गिरावट आने से सुबह और देर रात हल्की ठंड महसूस होने लग सकती है।
आज कहां हो सकती है बारिश, किन जिलों में रहें सतर्क?
मौसम विभाग के पूर्वानुमान के मुताबिक, 20 अक्टूबर को छत्तीसगढ़ में एक-दो स्थानों पर हल्की बारिश होने की संभावना है। इस दौरान गरज-चमक और आकाशीय बिजली गिरने की स्थिति बन सकती है। बस्तर और सुकमा जिले में मौसम के प्रभाव को देखते हुए लोगों को सावधानी बरतने की सलाह दी जाती है।
अक्टूबर के इस दौर में मानसून की सक्रियता कमजोर होने के बावजूद स्थानीय मौसमी परिस्थितियों के कारण कहीं-कहीं बादल बन सकते हैं। ऐसे में कुछ क्षेत्रों में थोड़े समय के लिए बारिश या गरज-चमक देखने को मिल सकती है। हालांकि, इससे प्रदेश में व्यापक वर्षा होने के संकेत नहीं हैं।
बिजली चमकने या गरज-चमक के दौरान खुले मैदान, खेतों और पेड़ों के नीचे खड़े होने से बचना चाहिए। यदि मौसम अचानक खराब हो जाए, तो सुरक्षित और पक्के स्थान पर आश्रय लेना बेहतर होगा। खासकर ग्रामीण और वन क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को मौसम में होने वाले बदलावों पर ध्यान देना चाहिए।
21 से 25 अक्टूबर तक शुष्क रहेगा मौसम
मौसम विभाग के अनुसार, 21 अक्टूबर से प्रदेश में बारिश की गतिविधियों में कमी आने की संभावना है। 21 से 25 अक्टूबर के बीच राज्य के अधिकांश हिस्सों में मौसम शुष्क रह सकता है। इस अवधि में बारिश को लेकर कोई चेतावनी जारी नहीं की गई है।
मौसम शुष्क रहने से दिन के समय धूप का प्रभाव बना रह सकता है। वहीं, आसमान साफ रहने और रात के दौरान धरातल के ठंडा होने की स्थिति में न्यूनतम तापमान में गिरावट देखने को मिल सकती है। इसका असर विशेष रूप से सुबह और रात के समय महसूस होगा।
हालांकि, शुष्क मौसम का मतलब यह नहीं है कि प्रदेश के सभी जिलों में तापमान एक समान रहेगा। मैदानी इलाकों और उत्तरी छत्तीसगढ़ के क्षेत्रों में तापमान की स्थिति अलग-अलग हो सकती है।
अगले दो दिनों तक तापमान में ज्यादा बदलाव नहीं
मौसम विभाग के पूर्वानुमान के मुताबिक, अगले दो दिनों तक प्रदेश के न्यूनतम तापमान में विशेष परिवर्तन होने की संभावना नहीं है। इसके बाद रात के तापमान में धीरे-धीरे 1 से 2 डिग्री सेल्सियस तक गिरावट आ सकती है।
न्यूनतम तापमान में गिरावट के कारण सुबह जल्दी घर से निकलने वाले लोगों को हल्की ठंड का अहसास हो सकता है। रात में भी मौसम पहले की तुलना में थोड़ा ठंडा महसूस होने लगेगा। हालांकि, फिलहाल दिन के अधिकतम तापमान में किसी बड़े बदलाव के संकेत नहीं हैं।
इसका मतलब है कि प्रदेश में दिन के समय गर्मी और रात के समय हल्की ठंड का मिला-जुला असर बना रह सकता है। मौसम में इस तरह का बदलाव अक्टूबर के दूसरे पखवाड़े में धीरे-धीरे सर्दियों की शुरुआत का संकेत देता है।
रायपुर में सामान्य से अधिक गर्मी, दिन का तापमान 33.2 डिग्री
राजधानी रायपुर में फिलहाल गर्मी का असर पूरी तरह कम नहीं हुआ है। सोमवार को रायपुर में अधिकतम तापमान 33.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। यह प्रदेश में दर्ज सबसे अधिक अधिकतम तापमान रहा।
रायपुर के लालपुर मौसम केंद्र में अधिकतम तापमान सामान्य से लगभग 1.5 डिग्री सेल्सियस अधिक रहा। वहीं, राजधानी में न्यूनतम तापमान 24.3 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो सामान्य से करीब 2.8 डिग्री अधिक है।
इन आंकड़ों से स्पष्ट है कि राजधानी में दिन के साथ-साथ रात का तापमान भी सामान्य से ऊपर बना हुआ है। यही वजह है कि अक्टूबर का दूसरा पखवाड़ा होने के बावजूद लोगों को रात में भी अपेक्षित ठंड महसूस नहीं हो रही है।
आने वाले दिनों में न्यूनतम तापमान में गिरावट होने पर सुबह और रात के मौसम में कुछ राहत मिल सकती है। हालांकि, दिन के समय धूप और गर्मी का असर बने रहने की संभावना है।
अंबिकापुर सबसे ठंडा, पेंड्रारोड में 18.6 डिग्री तापमान
प्रदेश के अलग-अलग हिस्सों में तापमान में अंतर देखने को मिल रहा है। उपलब्ध मौसम आंकड़ों के अनुसार, अंबिकापुर में न्यूनतम तापमान 16.5 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो प्रदेश में सबसे कम रहा।
इसके अलावा पेंड्रारोड में न्यूनतम तापमान 18.6 डिग्री और दुर्ग में 21.5 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। इन आंकड़ों से पता चलता है कि उत्तरी छत्तीसगढ़ के कुछ इलाकों में रात का मौसम राजधानी और मैदानी क्षेत्रों की तुलना में अपेक्षाकृत ठंडा बना हुआ है।
अगले कुछ दिनों में न्यूनतम तापमान में 1 से 2 डिग्री की संभावित गिरावट से प्रदेश के कई इलाकों में सुबह और रात के समय ठंडक बढ़ सकती है। हालांकि, तापमान में यह बदलाव धीरे-धीरे होने का अनुमान है।
बंगाल की खाड़ी में चक्रवाती परिसंचरण सक्रिय
मौसम में बदलाव के पीछे बंगाल की खाड़ी के ऊपर बनी मौसमी प्रणाली भी महत्वपूर्ण है। मौसम विभाग के अनुसार, उत्तरी तमिलनाडु तट के पास दक्षिण-पश्चिम बंगाल की खाड़ी में ऊपरी हवा का चक्रवाती परिसंचरण सक्रिय है। यह समुद्र तल से लगभग 5.8 किलोमीटर की ऊंचाई तक फैला हुआ है।
इस मौसमी प्रणाली से जुड़ी द्रोणिका उत्तर-पश्चिम बंगाल की खाड़ी तक फैली हुई है। इस तरह की प्रणालियां आसपास के क्षेत्रों में बादलों के निर्माण और स्थानीय स्तर पर वर्षा की परिस्थितियां बनाने में भूमिका निभा सकती हैं।
हालांकि, वर्तमान स्थिति में इस सिस्टम के कारण छत्तीसगढ़ में व्यापक बारिश होने की संभावना नहीं जताई गई है। प्रदेश में कुछ स्थानों पर हल्की वर्षा और गरज-चमक की गतिविधियां हो सकती हैं, जबकि अधिकांश क्षेत्रों में मौसम शुष्क रहने का अनुमान है।
किसानों और आम लोगों के लिए क्या है सलाह?
मौसम में संभावित बदलाव को देखते हुए लोगों को स्थानीय मौसम अपडेट पर नजर रखनी चाहिए। खासकर बस्तर और सुकमा जैसे क्षेत्रों में गरज-चमक के दौरान खुले स्थानों पर जाने से बचना चाहिए। बिजली गिरने की आशंका होने पर पेड़ों, बिजली के खंभों और खुले मैदानों से दूरी बनाए रखना जरूरी है।
किसानों को भी मौसम की स्थिति के अनुसार खेतों में कृषि कार्यों की योजना बनानी चाहिए। वहीं, सुबह और रात के तापमान में गिरावट आने पर हल्के गर्म कपड़ों की जरूरत महसूस हो सकती है।
कुल मिलाकर, छत्तीसगढ़ में 20 अक्टूबर को कुछ स्थानों पर हल्की बारिश और बिजली गिरने की आशंका है। इसके बाद 21 से 25 अक्टूबर तक मौसम मुख्य रूप से शुष्क रहने का अनुमान है। अगले कुछ दिनों में रात के तापमान में 1 से 2 डिग्री की गिरावट से हल्की ठंड बढ़ सकती है, लेकिन दिन के समय गर्मी का असर फिलहाल बना रह सकता है।



