छत्तीसगढ़ कैबिनेट के बड़े फैसले: युवाओं के लिए रोजगार, स्टार्टअप और स्किल डेवलपमेंट को बढ़ावा; सरकारी कर्मचारियों की आयु सीमा 45 साल

रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की अध्यक्षता में बुधवार, 9 सितंबर 2026 को मंत्रालय महानदी भवन में मंत्रिपरिषद की महत्वपूर्ण बैठक आयोजित हुई। बैठक में युवाओं के रोजगार और कौशल विकास से लेकर निर्यात को बढ़ावा देने, सरकारी कर्मचारियों को प्रतियोगी परीक्षाओं में अवसर देने और न्यायिक अधोसंरचना मजबूत करने से जुड़े कई अहम प्रस्तावों को मंजूरी दी गई। कैबिनेट के फैसलों में सबसे महत्वपूर्ण निर्णय ‘मुख्यमंत्री स्टार्टअप एवं NIPUN मिशन’ के लिए अगले पांच वर्षों में 500 करोड़ रुपये का प्रावधान और सरकारी एवं संबद्ध संस्थानों में कार्यरत कर्मचारियों के लिए अधिकतम आयु सीमा 38 से बढ़ाकर 45 वर्ष करना रहा।

बैठक में लिए गए पांच प्रमुख फैसलों का असर प्रदेश के युवाओं, उद्यमियों, कर्मचारियों और न्यायिक व्यवस्था पर सीधे तौर पर पड़ने की उम्मीद है।
1. मुख्यमंत्री स्टार्टअप एवं NIPUN मिशन को मंजूरी
कैबिनेट ने प्रदेश में युवाओं के लिए रोजगार, कौशल विकास, उद्यमिता और नवाचार के नए अवसर पैदा करने के उद्देश्य से ‘मुख्यमंत्री स्टार्टअप एवं NIPUN मिशन’ को मंजूरी दी है। इस मिशन के लिए आगामी पांच वर्षों में 500 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है।
सरकार का फोकस केवल युवाओं को नौकरी दिलाने तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि उन्हें नौकरी तलाशने वाले (Job Seeker) से नौकरी देने वाले (Job Creator) बनाने पर भी रहेगा।
33 जिलों में बनेंगे उद्यमिता विकास केंद्र
मिशन के तहत प्रदेश के सभी 33 जिलों में उद्यमिता विकास केंद्र स्थापित किए जाएंगे। इन केंद्रों के माध्यम से युवाओं को कारोबार शुरू करने, स्टार्टअप विकसित करने और नए आइडिया को बाजार तक पहुंचाने में मदद मिलने की उम्मीद है।
इसके अलावा प्रदेश में:
- 100 Emerging Technology Labs स्थापित किए जाएंगे।
- 5 Industry Excellence Centres बनाए जाएंगे।
- उद्योगों की मांग के अनुसार युवाओं को प्रशिक्षित किया जाएगा।
- NIPUN JOB Engine के माध्यम से कौशल प्रशिक्षण और औपचारिक रोजगार को बढ़ावा दिया जाएगा।
इससे आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, डिजिटल टेक्नोलॉजी, ऑटोमेशन और अन्य उभरते क्षेत्रों में युवाओं के लिए नए अवसर विकसित किए जा सकेंगे।
स्टार्टअप और नई तकनीक पर जोर
सरकार का लक्ष्य छत्तीसगढ़ को स्टार्टअप, नवाचार और नई तकनीक आधारित उद्योगों के लिए प्रमुख केंद्र के रूप में विकसित करना है। मिशन के जरिए युवाओं को केवल पारंपरिक रोजगार के बजाय नई तकनीक और उद्यमिता से जोड़ने की दिशा में काम किया जाएगा।
2. छत्तीसगढ़ निर्यात प्रोत्साहन नीति 2026-30 को मंजूरी
कैबिनेट ने प्रदेश को देश के प्रमुख निर्यात केंद्र के रूप में विकसित करने के लिए ‘छत्तीसगढ़ निर्यात प्रोत्साहन नीति 2026-30’ को भी मंजूरी दी है।
नई नीति के तहत प्रदेश में मजबूत Export Ecosystem तैयार करने पर जोर रहेगा। इसके साथ ही लॉजिस्टिक्स इंफ्रास्ट्रक्चर को बेहतर करने और राज्य के उत्पादों को देश-विदेश के बाजारों तक पहुंचाने की कोशिश की जाएगी।
कृषि और औद्योगिक उत्पादों के निर्यात पर फोकस
नीति के माध्यम से खास तौर पर कृषि और औद्योगिक क्षेत्र में तैयार होने वाले मूल्य संवर्धित उत्पादों (Value Added Products) के निर्यात को बढ़ावा दिया जाएगा।
इसका उद्देश्य केवल कच्चे माल की बिक्री के बजाय प्रदेश में ही उत्पादों की प्रोसेसिंग और वैल्यू एडिशन कर उन्हें बेहतर बाजार मूल्य के साथ अंतरराष्ट्रीय बाजार तक पहुंचाना है।
ई-कॉमर्स और अंतरराष्ट्रीय बाजारों से जुड़ेंगे उद्यमी
नई नीति के तहत प्रदेश के उद्यमियों और निर्यातकों को अंतरराष्ट्रीय बाजार से जोड़ने के लिए:
- ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म का उपयोग बढ़ाया जाएगा।
- व्यापार मेलों और प्रदर्शनियों में भागीदारी को प्रोत्साहित किया जाएगा।
- विदेशी बाजारों तक सीधी पहुंच बढ़ाने की कोशिश होगी।
- व्यापार और लॉजिस्टिक्स से जुड़ी सुविधाओं को मजबूत किया जाएगा।
सरकार का लक्ष्य छत्तीसगढ़ के निर्यात में गुणात्मक और मात्रात्मक दोनों तरह की वृद्धि करना है।
3. नवा रायपुर में बनेगा National Skill Training Institute
कैबिनेट ने नवा रायपुर अटल नगर में National Skill Training Institute (NSTI) की स्थापना के लिए ग्राम तेंदुवा में 10 एकड़ सरकारी भूमि निशुल्क आवंटित करने के प्रस्ताव को मंजूरी दी है।
यह भूमि भारत सरकार के कौशल विकास एवं उद्यमशीलता निदेशालय को दी जाएगी।
करीब 200 करोड़ रुपये की लागत से होगा विकास
प्रस्तावित NSTI को लगभग 200 करोड़ रुपये की लागत से विकसित किया जाएगा। संस्थान में आधुनिक शैक्षणिक और प्रशासनिक सुविधाओं के साथ छात्रावास की सुविधा भी विकसित की जाएगी।
यहां युवाओं को उद्योगों की मौजूदा और भविष्य की जरूरतों के अनुरूप तकनीकी एवं व्यावसायिक प्रशिक्षण दिया जाएगा।
हर साल हजारों युवाओं को मिलेगा प्रशिक्षण
संस्थान में:
- दीर्घकालिक पाठ्यक्रमों में हर वर्ष 1,000 प्रशिक्षुओं को प्रशिक्षण दिया जा सकेगा।
- अल्पकालिक कार्यक्रमों में हर साल 3,000 प्रशिक्षुओं को प्रशिक्षण देने की क्षमता होगी।
इस तरह कुल मिलाकर हर साल बड़ी संख्या में युवाओं को आधुनिक कौशल प्रशिक्षण का अवसर मिलेगा।
NSTI की स्थापना से युवाओं को उन्नत तकनीकी प्रशिक्षण, इंटर्नशिप और रोजगार के अवसर मिलने की उम्मीद है। साथ ही नवा रायपुर को कौशल और तकनीकी शिक्षा के महत्वपूर्ण केंद्र के रूप में विकसित करने में मदद मिलेगी।
4. सरकारी कर्मचारियों के लिए बड़ी राहत, आयु सीमा 45 साल
कैबिनेट का एक और महत्वपूर्ण फैसला सरकारी और संबद्ध संस्थानों में काम करने वाले कर्मचारियों के लिए है।
राज्य शासन के अधीन कार्यरत स्थायी और अस्थायी शासकीय सेवकों, निगम-मंडल एवं स्वशासी संस्थाओं के कर्मचारियों, संविदाकर्मियों और नगर सैनिकों को अन्य शासकीय सेवाओं तथा उच्च पदों के लिए आवेदन करने में बड़ी राहत दी गई है।
अब निर्धारित अधिकतम आयु सीमा को 38 वर्ष से बढ़ाकर 45 वर्ष करने के प्रस्ताव को मंजूरी दी गई है।
किन कर्मचारियों को मिलेगा लाभ?
इस निर्णय के दायरे में प्रमुख रूप से शामिल हैं:
- स्थायी शासकीय कर्मचारी
- अस्थायी शासकीय सेवक
- निगम-मंडल के कर्मचारी
- स्वशासी संस्थाओं के कर्मचारी
- संविदाकर्मी
- नगर सैनिक
इन कर्मचारियों को अब अन्य शासकीय सेवाओं और उच्च पदों के लिए आवेदन करने का अधिक अवसर मिल सकेगा।
सरकार के अनुसार, इस निर्णय से शासकीय और संबद्ध संस्थाओं में काम कर रहे कर्मचारियों को आगे बढ़ने के अधिक और समान अवसर मिलेंगे। इस संबंध में राज्य शासन की ओर से एकीकृत स्थायी दिशा-निर्देश जारी किए जाएंगे।
5. दुर्ग में बनेगा नया जिला न्यायालय परिसर
कैबिनेट ने दुर्ग जिला न्यायालय के नए भवन के निर्माण के लिए भी महत्वपूर्ण फैसला लिया है।
इसके लिए ग्राम तितुरडीह में बीआईटी कॉलेज के समीप 4 हेक्टेयर भूमि उपलब्ध कराने के प्रस्ताव को मंजूरी दी गई है।
यह जमीन वर्तमान में भिलाई इस्पात संयंत्र के नाम दर्ज है। इसके बदले ग्राम पाहंदा, तहसील पाटन में 5.024 हेक्टेयर शासकीय भूमि भिलाई इस्पात संयंत्र को दी जाएगी।
दोनों भूखंडों का वर्तमान मूल्य लगभग समान बताया गया है।
आधुनिक न्यायालय परिसर का रास्ता साफ
भूमि हस्तांतरण के बाद दुर्ग में जिला न्यायालय के लिए आधुनिक और सुव्यवस्थित नए परिसर के निर्माण का रास्ता साफ होगा।
नए भवन के निर्माण से न्यायिक अधिकारियों, अधिवक्ताओं और पक्षकारों के लिए बेहतर सुविधाएं विकसित की जा सकेंगी। इससे जिले की न्यायिक अधोसंरचना को मजबूत करने में भी मदद मिलेगी।
कैबिनेट के फैसलों का व्यापक असर
9 सितंबर की कैबिनेट बैठक में लिए गए फैसलों को देखें तो सरकार का फोकस मुख्य रूप से रोजगार, कौशल विकास, स्टार्टअप, निर्यात, कर्मचारी अवसर और आधारभूत ढांचे पर दिखाई देता है।
एक तरफ 500 करोड़ रुपये के मुख्यमंत्री स्टार्टअप एवं NIPUN मिशन के जरिए युवाओं को नौकरी और उद्यमिता से जोड़ने की तैयारी है, तो दूसरी तरफ नवा रायपुर में NSTI के जरिए तकनीकी कौशल को मजबूत करने का प्रयास किया जाएगा। निर्यात नीति के माध्यम से छत्तीसगढ़ के उत्पादों को वैश्विक बाजार तक पहुंचाने पर जोर होगा।
वहीं, सरकारी कर्मचारियों की अधिकतम आयु सीमा 45 वर्ष किए जाने से लंबे समय से सरकारी सेवा में कार्यरत कर्मचारियों को दूसरी सेवाओं और उच्च पदों के लिए आवेदन करने का अतिरिक्त अवसर मिलेगा। दुर्ग जिला न्यायालय के नए भवन के लिए भूमि उपलब्ध कराने का फैसला न्यायिक व्यवस्था के बुनियादी ढांचे को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
कुल मिलाकर, कैबिनेट के इन फैसलों में रोजगार और कौशल विकास से लेकर कारोबार, निर्यात और सरकारी व्यवस्था तक कई क्षेत्रों को प्रभावित करने वाले प्रावधान शामिल हैं।



