
आज से पावन चैत्र नवरात्रि की शुरुआत हो गई है। यह पर्व 27 मार्च तक श्रद्धा, भक्ति और उत्साह के साथ मनाया जाएगा। सुबह से ही प्रदेशभर के देवी मंदिरों में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ देखने को मिल रही है और हर ओर ‘जय माता दी’ के जयकारे गूंज रहे हैं।
🛕 मंदिरों में उमड़ी श्रद्धालुओं की भीड़
नवरात्रि के पहले दिन ही भक्तजन माता रानी के दर्शन के लिए बड़ी संख्या में मंदिरों में पहुंच रहे हैं। लोग व्रत रखकर पूजा-अर्चना कर रहे हैं और अपने परिवार की सुख-समृद्धि की कामना कर रहे हैं।
भीड़ को देखते हुए प्रशासन ने सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए हैं, ताकि श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की परेशानी न हो।

🔥 ज्योति कलश की विशेष तैयारी
प्रदेशभर के मंदिरों में ज्योति कलश स्थापना की विशेष तैयारियां की गई हैं। श्रद्धालु अखंड ज्योति जलाकर माता दुर्गा की आराधना कर रहे हैं।
🌙 इस बार बन रहा दुर्लभ संयोग
इस बार नवरात्रि कई मायनों में खास है:
- अमावस्या तिथि में कलश स्थापना – ज्योतिष शास्त्र के अनुसार यह अत्यंत दुर्लभ और शुभ संयोग माना जाता है।
- शुक्ल और ब्रह्र्म योग का संयोग (19 मार्च) – यह योग धार्मिक दृष्टि से बेहद फलदायी माना गया है।
- प्रतिपदा के बजाय अमावस्या से शुरुआत – इसे विशेष आध्यात्मिक महत्व दिया जाता है।
🌟 अष्टमी और राम नवमी एक साथ
इस बार की सबसे खास बात यह है कि
- दुर्गा अष्टमी
- राम नवमी
👉 दोनों एक ही दिन पड़ रहे हैं, जिसे अत्यंत शुभ और पुण्यदायी संयोग माना जा रहा है।
🙏 आस्था और भक्ति का महापर्व
नवरात्रि के नौ दिनों तक भक्त माता दुर्गा के नौ स्वरूपों की पूजा करते हैं। यह पर्व शक्ति, श्रद्धा और सकारात्मक ऊर्जा का प्रतीक माना जाता है।
👉 कुल मिलाकर, इस बार की चैत्र नवरात्रि न केवल भक्ति और उत्साह से भरपूर है, बल्कि दुर्लभ ज्योतिषीय संयोगों के कारण और भी खास बन गई है।



