बिजली बिल बढ़ोतरी पर कांग्रेस का सरकार के खिलाफ मोर्चा: पीसीसी चीफ दीपक बैज ने साधा निशाना, तीन चरणों में प्रदेशव्यापी आंदोलन का ऐलान…

रायपुर। छत्तीसगढ़ में बिजली दरों में हाल ही में हुई बढ़ोतरी को लेकर सियासी घमासान तेज हो गया है। प्रदेश कांग्रेस कमेटी (पीसीसी) ने बिजली बिल में वृद्धि और स्मार्ट मीटर योजना का विरोध करते हुए राज्य सरकार के खिलाफ प्रदेशव्यापी आंदोलन का ऐलान किया है। रायपुर स्थित कांग्रेस प्रदेश कार्यालय में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में पीसीसी अध्यक्ष दीपक बैज ने भाजपा सरकार पर आम जनता पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ डालने का आरोप लगाया और बिजली दरों में की गई वृद्धि को तत्काल वापस लेने की मांग की।
पांचवीं बार बिजली दर बढ़ाने का आरोप
प्रेस वार्ता को संबोधित करते हुए दीपक बैज ने कहा कि भाजपा सरकार ने अपने कार्यकाल में लगातार पांचवीं बार बिजली की दरों में बढ़ोतरी की है। उनका आरोप है कि इससे आम उपभोक्ताओं, किसानों और छोटे व्यापारियों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ा है।
उन्होंने कहा कि नई दरों के तहत—
- घरेलू उपभोक्ताओं के लिए 30 से 50 पैसे प्रति यूनिट तक की बढ़ोतरी की गई है।
- व्यावसायिक (कमर्शियल), गैर-घरेलू श्रेणी और किसानों के लिए भी करीब 40 पैसे प्रति यूनिट तक दरें बढ़ाई गई हैं।
दीपक बैज ने दावा किया कि भाजपा सरकार के लगभग ढाई साल के कार्यकाल में बिजली की दरों में 31.23 प्रतिशत तक वृद्धि हुई है, जबकि कांग्रेस सरकार के दौरान बिजली दरों में केवल 2 पैसे प्रति यूनिट की वृद्धि की गई थी।

स्मार्ट मीटर योजना पर भी उठाए सवाल
कांग्रेस ने स्मार्ट मीटर योजना को लेकर भी सरकार को घेरा। दीपक बैज ने आरोप लगाया कि स्मार्ट मीटर लगाए जाने के बाद उपभोक्ताओं के बिजली बिलों में अप्रत्याशित वृद्धि देखने को मिल रही है।
उन्होंने कहा कि सरकार एक ओर महतारी वंदन योजना के माध्यम से महिलाओं को आर्थिक सहायता दे रही है, वहीं दूसरी ओर महंगी बिजली और स्मार्ट मीटर के जरिए उसी परिवार से हर महीने हजारों रुपये वसूले जा रहे हैं।
बैज ने आरोप लगाया कि कांग्रेस सरकार की बिजली बिल हाफ योजना बंद कर दी गई है और स्मार्ट मीटर के कारण लोगों को पहले की तुलना में अधिक बिल चुकाना पड़ रहा है। उन्होंने इसे उपभोक्ताओं के साथ अन्याय बताया और स्मार्ट मीटर योजना को वापस लेने की मांग की।

बिजली दरें वापस लेने की मांग
कांग्रेस ने राज्य सरकार से मांग की है कि—
- बिजली दरों में की गई हालिया बढ़ोतरी तत्काल वापस ली जाए।
- स्मार्ट मीटर योजना पर पुनर्विचार किया जाए।
- उपभोक्ताओं को राहत देने के लिए प्रभावी कदम उठाए जाएं।
तीन चरणों में होगा प्रदेशव्यापी आंदोलन
बिजली दरों में बढ़ोतरी के विरोध में कांग्रेस ने प्रदेशभर में तीन चरणों में आंदोलन चलाने की घोषणा की है।
पहला चरण – 17 जून
- प्रदेश के सभी जिला मुख्यालयों में बिजली विभाग के कार्यालयों का घेराव किया जाएगा।
- विरोध स्वरूप सरकार का पुतला दहन किया जाएगा।
दूसरा चरण – 18 जून
- सभी जिला मुख्यालयों में कांग्रेस की ओर से प्रेस वार्ता आयोजित की जाएगी।
- बिजली दर वृद्धि और स्मार्ट मीटर योजना को लेकर सरकार की नीतियों को जनता के सामने रखा जाएगा।
तीसरा चरण – जुलाई के पहले सप्ताह
- कांग्रेस नेता और कार्यकर्ता गांव-गांव जाकर लोगों से संपर्क करेंगे।
- स्मार्ट मीटर हटाने की मांग को लेकर उपभोक्ताओं से आवेदन भरवाए जाएंगे।
- ग्रामीण क्षेत्रों में जनजागरण अभियान भी चलाया जाएगा।
सरकार की प्रतिक्रिया का इंतजार
कांग्रेस की ओर से आंदोलन की घोषणा के बाद अब सभी की नजर राज्य सरकार की प्रतिक्रिया पर है। फिलहाल सरकार की ओर से कांग्रेस के आरोपों पर कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है।
आने वाले दिनों में बिजली दरों में बढ़ोतरी और स्मार्ट मीटर का मुद्दा प्रदेश की राजनीति का प्रमुख विषय बन सकता है, क्योंकि कांग्रेस इसे लेकर सड़क से लेकर गांव-गांव तक जनआंदोलन चलाने की तैयारी में है।



